30/08/2026
इस तस्वीर का दर्द एक फौजी ही समझ सकता है....🇮🇳 ये ट्रॉली बैग, ये फौज का SU बैग, ये छोटे छोटे पंखे जो घर से दूर रहकर हवा के सुकून का सहारा बनते है.....जब कोई अपना सामान कोई दूसरा समेटकर घर लौटता है तो वो सिर्फ सामान नहीं ले जाता..... वो उस फौजी की महीनों की ड्यूटी,इंतजार और अनगिनत यादें लेकर जाता है ! जब वहीं फौजी तिरंगे में लिपटकर घर लौटता है... तो उसके माँ -बाप और परिवार के ऊपर क्या बीतती होगी, ये दर्द वहीं समझ सकता है जिसने वर्दी पहनी हो !.....फौजी की जिंदगी तस्वीरों में जितनी आसान दिखती है...हकीकत में उतनी ही दर्द भरी होती है 🇮🇳🫡 भाई की शहादत को सलाम 🫡🇮🇳