04/09/2026
*क़ाफ़िले नहीं रुकेंगे*
साथियो, यक़ीं रखो, ये क़ाफ़िले न रुकेंगे,
जहाँ भी दर्द है, वहीं इंक़लाब गाया जाएगा।
अभी तो रात ने सूरज को कैद कर रखा है,
हर एक सुबह का दर फिर भी खुल ही जाएगा।
जो क़ौम के #सैनिक है.
उन्हीं के नाम से इतिहास लिखा जाएगा !!
न झूठ की कोई दीवार उम्रभर ठहरेगी,
सच्चाई का कोई पत्थर उछाला जाएगा।
जो रोटियों की लड़ाई को जुर्म कहते हैं,
उन्हीं से एक दिन पूरा हिसाब माँगा जाएगा।
न कारख़ाने, न खेतों की धड़कनें चुप हैं,
हर एक हथौड़े से ऐलान गूँजाया जाएगा।
न फ़र्क़ जात का होगा, न धर्म की दीवार,
हर एक हाथ को हर हाथ से मिलाया जाएगा।
जो कैद कर भी लें आवाज़ को सलाखों में,
हर एक होंठ से फिर वही तराना आएगा।
ये ताज, ये तख़्त, ये दौलत के सब क़िले आखिर,
जनाब, एक दिन मेहनत को लौटाया जाएगा।
सवर्ण साथियों सफ़र लंबा है, हौसला कम न होने दो,
शहीदों का दिया रस्ता न भूलाया जाएगा।
स्वाभिमान कों ललकारोगे तो गर्दन को उड़ाया जायेगा,
#करणी_सेना
जय श्री राम- जय श्री कृष्णा-जय दादा परशुराम🚩 Indal Singh Rana
Okendra Rana