Purvanchali - Bhojpuri

Purvanchali - Bhojpuri लक्ष्य है एक सजग सशक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयत्न करना . सामाजिक सहयोग से बनता है समाज।

मेरा लक्ष्य है एक सजग सशक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयत्न करना . सामाजिक सहयोग से बनता है समाज। जब हम अपने संपर्क में आने वाले हर धर्म, जाति, आर्थिक स्थिति और व्यवसाय के लोगो के साथ उनके सुख, दुःख और चुनौतियों मे साथ खड़े होते हैं तो हम एक सशक्त समाज का परिचय देते हैं। बड़ी बड़ी नहीं इन छोटी छोटी बातो से बनता है एक सशक्त समाज।

इतनी बड़ी संख्या में एक जिले से और पत्रकार समुदाय से आंकड़े दिखा रहे हैं विषय की गंभीरता को।  अभी तक कुल तीन लोगो ने त्रिप...
01/06/2026

इतनी बड़ी संख्या में एक जिले से और पत्रकार समुदाय से आंकड़े दिखा रहे हैं विषय की गंभीरता को। अभी तक कुल तीन लोगो ने त्रिपाठी जी के पक्ष में जवाब दिया जिसमे से एक पलट गए पूरी सूचना मिले पर और बाकी दो उनके परिवार के सदस्य हैं । ४२००० से ऊपर पूर्वांचल से और ३५०० से ऊपर मीडिया ग्रुप से एवं २४०० से ज्यादा हैं त्रिपाठी जी के वीडियो पर जो etv का है । और अभी तो तीन दिन ही हुए हैं।
https://www.facebook.com/share/p/18txTF9vec/

इतनी बड़ी संख्या में एक जिले से और पत्रकार समुदाय से आंकड़े दिखा रहे हैं विषय की गंभीरता को।  अभी तक कुल तीन लोगो ने त्रिप...
01/06/2026

इतनी बड़ी संख्या में एक जिले से और पत्रकार समुदाय से आंकड़े दिखा रहे हैं विषय की गंभीरता को। अभी तक कुल तीन लोगो ने त्रिपाठी जी के पक्ष में जवाब दिया जिसमे से एक पलट गए पूरी सूचना मिले पर और बाकी दो उनके परिवार के सदस्य हैं । ४२००० से ऊपर पूर्वांचल से और ३५०० से ऊपर मीडिया ग्रुप से एवं २४०० से ज्यादा हैं त्रिपाठी जी के वीडियो पर जो etv का है । और अभी तो तीन दिन ही हुए हैं।
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Avinash Mishra

01/06/2026
त्रिपाठी जी दुसरे की जमीन पर मलबा डालने की बात खुद स्वीकार कर रहे हैं तो फिर शीर्षक एक तरफा क्यों है। पत्रकारिता का पहला...
31/05/2026

त्रिपाठी जी दुसरे की जमीन पर मलबा डालने की बात खुद स्वीकार कर रहे हैं तो फिर शीर्षक एक तरफा क्यों है। पत्रकारिता का पहला काम है दोनों पक्षों की बात दिखाना लेकिन यहां तो एक एडिट किये वीडियो में सिर्फ एक की भाषा की मर्यादा की बात शीर्षक बना दी गयी और दूसरा तो जैसे चाशनी लगाकार बोल रहा था। साफ़ दिख रहा है की मलबा डाल कर दुसरे की जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए ललकार रहा है एडिट किये वीडियो में भी।

https://www.facebook.com/share/p/1CNYTMBQio/

और कितना गिरेगा पत्रकारिता का माप दंड ?

और कितना गिरेगा पत्रकारिता का माप दंड ? पाठक तो वैसे ही खिन्न हो चुका है प्रोपेगंडा पत्रकारिता से और ऐसे पत्रकारों के असली मुद्दे से भटक कर सनसनी पैदा करने से - कोतवाली थाना क्षेत्र के शिवनगर तुर्कईया मोहल्ले में महेश शुक्ला और मान्यता प्राप्त पत्रकार के बीच कहासुनी हो गई. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.

१. पत्रकारिता का पहला काम है दोनों पक्षों की बात दिखाना लेकिन यहां तो एक एडिट किये वीडियो में सिर्फ एक की भाषा की मर्यादा की बात शीर्षक बना दी गयी और दूसरा तो जैसे चाशनी लगाकार बोल रहा था। साफ़ दिख रहा है की मलबा डाल कर दुसरे की जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए ललकार रहा है एडिट किये वीडियो में भी।

२. दुसरे की जमीन पर मलबा डालकर विक्टिम कार्ड खेलते हुए सबको एडिट किये हुए वीडियो में भी दिख रहा है। मान्यता प्राप्त पत्रकार स्वयं स्वीकार भी कर रहा है। फिर भी उसे नकार ही नहीं दिया गया बल्कि बाकायदा लिख कर दिया गया है कुछ पत्रकारों ने कि वो तो इन पत्रकार महोदय की जमीन थी। इस से भी ज्यादा अचरज की बात है की पत्रकार बता रहे हैं कि मलबा जनहित में डाला गया है। जबकि साफ़ दिख रहा है कि रास्ते को अवरुद्ध किया गया है।

३. एकतरफा लेख क्यूंकि बिरादरी का मामला है जो उन्ही के द्वारा लगाए वीडियो में साफ़ सुनाई भी दे रहा है और दिखाई भी। इस लिंक में वीडियो में पूरी बात पूछी गयी है उसमे भी साफ़ दिख रहा है एक व्यक्तिगत बयान जिसमे भी एक तरफा बात है लेकिन त्रिपाठी जी दुसरे की जमीन पर मलबा डालने की बात खुद स्वीकार कर रहे हैं तो फिर शीर्षक एक तरफा क्यों है। जनहित पीछे छूट गया या छोड़ दिया गया और बस बन गयी कहानी। लिखा गया है कि दुसरे पक्ष ने जवाब नहीं दिया। अरे एक बार जब FIR हो गयी थी दोनों पक्षों की तरफ से तो फिर पुलिस से एक कॉपी मांगने में क्या दिक्कत थी ?

https://www.etvbharat.com/hi/state/up-minister-of-state-accused-of-threatening-to-shoot-and-bury-a-journalist-alive-basti-ups26052700599?fbclid=IwY2xjawSIqFlleHRuA2FlbQIxMABicmlkETFDQXNHcWQ3MEJEZjZBT1kwc3J0YwZhcHBfaWQQMjIyMDM5MTc4ODIwMDg5MgABHqN3__BQ-5tn83lXn883bs4e4CS0TW_CI4uepKvt3Ek92fiq7ZpIpv8p-xHZ_aem_-B4VHwQhNwgY9KmAXs4xrQ

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त्रिपाठी जी दुसरे की जमीन पर मलबा डालने की बात खुद स्वीकार कर रहे हैं तो फिर शीर्षक एक तरफा क्यों है। पत्रकारिता का पहला...
31/05/2026

त्रिपाठी जी दुसरे की जमीन पर मलबा डालने की बात खुद स्वीकार कर रहे हैं तो फिर शीर्षक एक तरफा क्यों है। पत्रकारिता का पहला काम है दोनों पक्षों की बात दिखाना लेकिन यहां तो एक एडिट किये वीडियो में सिर्फ एक की भाषा की मर्यादा की बात शीर्षक बना दी गयी और दूसरा तो जैसे चाशनी लगाकार बोल रहा था। साफ़ दिख रहा है की मलबा डाल कर दुसरे की जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए ललकार रहा है एडिट किये वीडियो में भी।

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Avinash Mishra

और कितना गिरेगा पत्रकारिता का माप दंड ?

और कितना गिरेगा पत्रकारिता का माप दंड ? पाठक तो वैसे ही खिन्न हो चुका है प्रोपेगंडा पत्रकारिता से और ऐसे पत्रकारों के असली मुद्दे से भटक कर सनसनी पैदा करने से - कोतवाली थाना क्षेत्र के शिवनगर तुर्कईया मोहल्ले में महेश शुक्ला और मान्यता प्राप्त पत्रकार के बीच कहासुनी हो गई. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.

१. पत्रकारिता का पहला काम है दोनों पक्षों की बात दिखाना लेकिन यहां तो एक एडिट किये वीडियो में सिर्फ एक की भाषा की मर्यादा की बात शीर्षक बना दी गयी और दूसरा तो जैसे चाशनी लगाकार बोल रहा था। साफ़ दिख रहा है की मलबा डाल कर दुसरे की जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए ललकार रहा है एडिट किये वीडियो में भी।

२. दुसरे की जमीन पर मलबा डालकर विक्टिम कार्ड खेलते हुए सबको एडिट किये हुए वीडियो में भी दिख रहा है। मान्यता प्राप्त पत्रकार स्वयं स्वीकार भी कर रहा है। फिर भी उसे नकार ही नहीं दिया गया बल्कि बाकायदा लिख कर दिया गया है कुछ पत्रकारों ने कि वो तो इन पत्रकार महोदय की जमीन थी। इस से भी ज्यादा अचरज की बात है की पत्रकार बता रहे हैं कि मलबा जनहित में डाला गया है। जबकि साफ़ दिख रहा है कि रास्ते को अवरुद्ध किया गया है।

३. एकतरफा लेख क्यूंकि बिरादरी का मामला है जो उन्ही के द्वारा लगाए वीडियो में साफ़ सुनाई भी दे रहा है और दिखाई भी। इस लिंक में वीडियो में पूरी बात पूछी गयी है उसमे भी साफ़ दिख रहा है एक व्यक्तिगत बयान जिसमे भी एक तरफा बात है लेकिन त्रिपाठी जी दुसरे की जमीन पर मलबा डालने की बात खुद स्वीकार कर रहे हैं तो फिर शीर्षक एक तरफा क्यों है। जनहित पीछे छूट गया या छोड़ दिया गया और बस बन गयी कहानी। लिखा गया है कि दुसरे पक्ष ने जवाब नहीं दिया। अरे एक बार जब FIR हो गयी थी दोनों पक्षों की तरफ से तो फिर पुलिस से एक कॉपी मांगने में क्या दिक्कत थी ?

https://www.etvbharat.com/hi/state/up-minister-of-state-accused-of-threatening-to-shoot-and-bury-a-journalist-alive-basti-ups26052700599?fbclid=IwY2xjawSIqFlleHRuA2FlbQIxMABicmlkETFDQXNHcWQ3MEJEZjZBT1kwc3J0YwZhcHBfaWQQMjIyMDM5MTc4ODIwMDg5MgABHqN3__BQ-5tn83lXn883bs4e4CS0TW_CI4uepKvt3Ek92fiq7ZpIpv8p-xHZ_aem_-B4VHwQhNwgY9KmAXs4xrQ

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