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एक लड़की जब 16 से 20 वर्ष के बीच होती है, तो उसका मन किस प्रकार से बहलता है और शिकारी उसका शिकार कर लेते हैं। उन्हीं लड़...
14/08/2026

एक लड़की जब 16 से 20 वर्ष के बीच होती है, तो उसका मन किस प्रकार से बहलता है और शिकारी उसका शिकार कर लेते हैं। उन्हीं लड़कियों की तरह एक लड़की को शिकारी के चंगुल से बचा लिया गया है। जो इस पोस्ट में दर्शाया गया है।

एक दिन की बात है जब एक काम से मुझे 16 सितंबर को दिल्ली जाना पड़ा तो मैंने तत्काल स्लीपर टिकट लिया और कैफियत ट्रेन से रवाना हो गया और मेरे बैठने के ठीक तीन घंटे बाद एक सलवार सूट पहने हुए गोरी सी लड़की एक बैग लिए हुए मेरी सीट पर एक किनारे बैठ गई। और मैं हाथ में लिए हुए एक मैगजीन पढ़ रहा था और वह लड़की बार बार इधर उधर देख रही थी। वह बार बार मुझे भी देखें जा रही थी। शायद वह सोच रही थी कि कहीं मैं उसे अपनी सीट से उतार न दूं।

मैंने मैगजीन रखते हुए पूछा-- कहा जाना है? लड़की:— दिल्ली! लड़की:— आप कहा तक जाएंगे ? मैंने कहा:— मुझे भी दिल्ली जाना है, और आपकी सीट कहा है? मेरे पास जनरल टिकट है। मैंने कहा:— तो अभी टीटी आएगा तो टिकट बनवा लेना, शायद सीट भी कही दें दें। लड़की:— जी ठीक है मैं बनवा लुंगी लेकिन तब तक आप हमें बैठने दीजिए।:— मैंने कहा कोई बात नहीं बैठी रहो।

टीटी आया और स्लीपर का टिकट तो बना दिया किन्तु सीट नहीं दिया, बोला कोई सीट खाली नहीं है।

मैंने कहा आप करती क्या हो? लड़की:— कुछ नहीं। मैंने कहा:— मेरा मतलब पढ़ाई से है । जी मै ग्यारहवीं क्लास में पढ़ती हूं। मैंने:— अच्छा! और आपके घर में कितने लोग हैं। लड़की:— मम्मी पापा भाई बहन सब है।

थोड़ी देर बाद वह मोबाइल निकाली और उसमें सिमकार्ड लगाई और किसी से बात की। उधर से कौन था और क्या बात किया यह तो मुझे नहीं पता लेकिन यह लड़की अपना लोकेशन दें दिया।

मैंने कहा:— पापा से बात कर रही थी स्टेशन से रिसीव करने के लिए। लड़की:— जी नहीं पापा तो गांव में है। मैंने:— फिर भैया रहे होंगे। लड़की:— नहीं ओ.. मेरे..ओ.. थै । मैंने:— ओ थे मतलब! मुझे तो नहीं लगता कि अभी आपकी शादी हुई है। लड़की:— जी अभी तो नहीं हुई है, लेकिन दो तीन दिन में हों जाएगी। मैंने:— ओ अब समझा इसका मतलब प्रेम विवाह करने वाली हो। लड़की:— जी ! मुस्कुराने लगी। मैंने:— लड़का क्या करता है? लड़की:— दिल्ली में नौकरी करता है और बोल रहा था कि मुझे भी नौकरी दिला देगा, फिर हम दोनों लोग मौज से रहेंगे। मैंने कहा:— काफी स्मार्ट लड़का होगा । लड़की:— जी बहुत स्मार्ट है और बहुत अच्छे स्वभाव का है ।

मैंने कहा:— मैं भी प्रेम विवाह किया हूं। लड़की:— ( बड़ी उत्सुकता से) आप भी भाग कर शादी किए थे। मैंने:— नहीं! मै जिस लड़की को पसंद करता था वह लड़की भी मुझे भाग कर शादी करने के लिए कह रही थी लेकिन मैंने उससे कहा नहीं हम तुमसे प्रेम तो करते हैं किन्तु इसका मतलब यह तो नहीं कि जो मां हमें अपने गर्भ में रखा और हमारा बाथरूम साफ किया, जिस पिता ने हमें अंगुली पकड़कर चलना सिखाया, बाजार के सारे खिलौने दिए उसके प्यार को ठुकरा दूं। जो सम्मान बनाने में इतनी उमर गवा दिए, उनकी इज्जत को रौंद दूं। उनका सर समाज में हमेशा के लिए झुका दूं। मै शादी तो तुम्हीं से करूंगा लेकिन मां बाप को मना कर और फिर एक दिन माता पिता मान गए और हम दोनों की शादी हो गई।

मैंने कहा:— वैसे आप जिससे प्रेम करती है उसे आपके घर वाले जानते हैं। लड़की:— जी नहीं, कोई नहीं जानता। मैंने:— आप उसका घर देखी है और उसके घर वाले आपको जानते है। लड़की:— नहीं । मैंने कहा:— फ्राड ! तुम्हारे साथ फ्राड होने वाला है। लड़की:— नहीं वह ऐसा वैसा लड़का नहीं है। वह मुझसे बहुत प्यार करता है। मैंने:— एक बात बताऊं, जो प्यार करता है तो सिर्फ करता है ज्यादा जताने की कोशिश नहीं करता है और किसी अनुचित पर रोकता और डांटता भी है। और यह तुम्हारे धन, तुम्हारी सुन्दरता से प्रेम करता है। लड़की:— नहीं यह ग़लत बात है वह ऐसा नहीं कर सकता। मैंने कहा:— ठीक है मर्जी तुम्हारी पर मेरे पास एक उपाय है परीक्षा लेना चाहोगी ! लड़की:— क्या ? मैंने कहा:— उसे फोन करो और बोलो कि मेरे मम्मी पापा मान गए है मैरी शादी तुमसे करने के लिए और वो भी आने के लिए कह रहे है और वही दिल्ली में ही मेरे मामा मामी भी है वे भी आ जाएंगे और वो बोले है आखिर एक दिन शादी करनी ही है तो अभी तुम्हारे पसंद का ही कर देते हैं ताकि हम लोगों का मान सम्मान भी रह जाय और तुम लोगों की खुशी भी। इसलिए तुम अपने मम्मी पापा को भी बुला लो।

लड़की ने वैसा ही किया, फोन लगाईं और लड़का इसकी सब बातें सुनकर आगबबूला हो गया, और बोला। तेरी जैसी कितनी लड़कियां आई और चली गई और तुम मुझे बेवकूफ बनाने आई हो।पागल समझ रखा है। डांटते हुए फोन काट दिया।

लड़की:— फिर से फोन लगाईं, स्विच ऑफ बताने लगा। मैंने कहा:— अब उसका फोन कभी नहीं लगेगा क्योंकि ऐसे लड़के अलग अलग लड़कियों के लिए अलग अलग सिमकार्ड का उपयोग करते हैं।

अब सोचो घर से भागने का मतलब घर जा नहीं सकती। उनको अपनी परेशानी बता नहीं सकती और तुम्हारा उसके सिवा और कोई रहता नहीं। इसलिए वह तुम्हारे साथ अगर कोई बर्बरता करता तो तुम क्या करती या फिर एक दिन छोड़कर चला जाता,भाग जाता तो ऐसे में क्या करती। जानती हो ऐसे में लड़कियां आत्महत्या कर लेती है जो घर वालों को पता तक नहीं चल पाता।

लड़की रोने लगती है मैंने कहा:— ओ..हो.. रोना नहीं अभी तुम्हारा कुछ भी नहीं बिगड़ा है।अब एक काम करो अपने घर फोन लगाओ। लड़की फोन लगाती है। हैलो, हां पापा! लड़की रोने लगती है, पापा:— बिटिया कहा हों ? हम सभी लोग बिना खाए पिए तुम्हें ही खोज रहे है। लड़की:— पापा बस थोड़ा सा बहक गई थी पर अब ठीक हूं, कल तक घर आ जाउंगी। और मुझे धन्यवाद देते हुए अगले स्टेशन पर उतर कर दूसरी ट्रेन से घर के लिए रवाना हो गई।

आपको यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके बताएं और

14/08/2026

लिबास देख कर हमें ग़रीब न समझ ,
हमारा ग़म तेरी जायदाद से ज़्यादा है ।।

एक बाप स्ट्रेचर पर तडपते हुए अपने बेटे को दिलासा दिला रहा था कि "बेटा मैं हूँ न!सब ठीक हो जाएगा बस तुम्हारी MRI होना बाक...
13/08/2026

एक बाप स्ट्रेचर पर तडपते हुए अपने बेटे को दिलासा दिला रहा था कि
"बेटा मैं हूँ न!
सब ठीक हो जाएगा

बस तुम्हारी MRI होना बाकी है
फिर डॉक्टर तुम्हारा इलाज शुरू कर....."

वो बदकिस्मत बाप अपनी बात पूरी कर पाता उस से पहले ही स्ट्रेचर पर पड़े उसके बेटे को एक भयानक दौरा पड़ा।

बात बीच में छोड़ कर वो उसकी पीठ पर थप्पी मारने लगा, अपने इकलौते बेटे को यूँ तड़पते हुए देख उसकी आँखों से आंसू टपकने लगे।

6 फिट लम्बाई लम्बा चोडा शरीर था उसका, लेकिन अपने बेटे की दुर्दशा देख उसका सारा पौरुष_पिघल गया।

बच्चों की माफिक रोने लगा।

उसे उम्मीद थी कि जल्द उसके बेटे की MRI हो जायेगी।
फिर उसको हुई बीमारी का पता चल जाएगा
और उसका काम हो जाएगा।

होगा क्यों नहीं ?
देश के बड़े अस्पताल में जो आया था
सारी उम्मीद लेकर आया था।

लेकिन पिछले 1 घंटे से उसका नंबर न आया।
आता भी कैसे❓

अन्दर पहले से MRI करवाने वालो की भीड़ जो थी।
एक MRI में करीब आधा_घंटा लगता है।
और 50 संवेदनहीन लोग उससे पहले लाइन लगा के बैठे थे।

और मशीन 24 घंटे चलती तब भी उसका नंबर शायद दूसरे दिन आता।

देश का बड़ा अस्पताल, देश के नामी गिरामी विशेषज्ञों से लेस अस्पताल !!

हम 21वीं सदी में हैं

लेकिन हमारे अस्पतालों में Xray मशीन नहीं हैं...

MRI मशीन नहीं हैं।

होंगी भी कैसे❓

यहाँ MRI मशीन बनाने की तकनीक है ही नहीं,
न ही उसके खराब होने पर उसे सुधारने की कोई तकनीक है।

आपको बता दूँ एक उम्दा गुणवत्ता की MRI मशीन करीब 1 करोड़ की आती है।

और ये चीन जापान कोरिया जैसे देशो से आयात की जाती हैं।

खराब होने पर या तो मशीन चाइना जायेगी
या वहां से टीम यहाँ आएगी
इसकी मरम्मत का खर्च लगभग लाखो में आएगा।

अब ये जानकर आपको अमृतानंद की अनुभूति होगी कि 3600 करोड़ की शिवाजी की मूर्ती, और लगभग 2100 करोड़ की सरदार पटेल की मूर्ति, मुंबई और गुजरात में बनी हैं।
नया सेंट्रल विस्टा भी तैयार है।

इसमें कोई दो राय नहीं है, ये दोनों हमारे गौरव थे हैं सदा रहेंगे, इनका मोल इन पैसो से कहीं बढ़कर था।

लेकिन ये भी होते तो कहते कि
"अस्पताल_बनाओ, हमारी मूर्ति नहीं"

जरुरी व्यवस्था उपलब्ध कराओ, उनकी जरुरत की चीजें बनाओ।"

ज्यादा दूर न जाकर, नजदीक आते हैं।

सबसे बड़े अस्पताल में कम से कम 10 MRI मशीन हो जाए तो किसका क्या बिगड़ जाएगा ?

मेक इन इंडिया के तहत यहाँ ऐसी जरुरत की चीजें बनने सुधरने लगेंगी तो किसका क्या बिगड़ जाएगा ?

आखिर में वो बिलखता हुआ बाप स्ट्रेचर पे लेटे हुए अपने बच्चे को रोते हुए बाहर ले गया।

शायद हिम्मत टूट गयी थी उसकी
या उस बच्चे की साँसे !! :'(

लेकिन रोज मौत देखने वाले अस्पताल की संवेदनाएं तो मर चुकी थी....

उन्हें क्या फर्क पड़ता है कि कोई मरे या जिये!

बस इतना कहना चाहता हूं कि पहले जरूरी आवश्यकताओ पर पैसा खर्च हो, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो।
(धार्मिक संस्थानों से जरूरी हस्पताल और उसमें सुविधाएं, डॉक्टर तथा सहायक स्टॉफ )

ॐ साईं राम 🙏
13/08/2026

ॐ साईं राम 🙏

13/08/2026

🕉️🌺🌿✨ श्री हरि विष्णु का दिव्य आत्मबोध एवं सनातन जीवन संदेश ✨🌿🌺🕉️
🕉️🌿🌺 जय श्री हरि विष्णु 🌺🌿🕉️
🕉️ ॐ नमो नारायणाय 🕉️
🕉️ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🕉️
"सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।"
अर्थात् जब मनुष्य अपने अहंकार, भय और मोह से ऊपर उठकर परमात्मा की शरण ग्रहण करता है, तब उसके भीतर एक ऐसी शांति जन्म लेती है, जिसे संसार की कोई परिस्थिति छीन नहीं सकती।
🌊 श्री हरि विष्णु—
सृष्टि के पालनकर्ता, धर्म के संरक्षक और भक्तों के परम आश्रय हैं।
उनका स्वरूप हमें केवल पूजा करना नहीं सिखाता,
बल्कि जीवन को संतुलित, मर्यादित, करुणामय और धर्ममय बनाना सिखाता है।
संसार में रहते हुए संसार से ऊपर उठना,
कर्तव्य निभाते हुए अहंकार से दूर रहना,
सफलता पाकर विनम्र बने रहना,
और कठिनाइयों में भी विश्वास बनाए रखना—
यही श्री हरि के जीवन-दर्शन की सुंदरता है।

13/08/2026

BJP के सांसद रवि किशन और संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू से उम्मीद करते हैं कि वे इस वीडियो क्लिप को सुनकर खुद का ज्ञान बढ़ा लें.
Indian National Congress - Punjab
Indian National Congress
Rahul Gandhi
Dalvir Singh "Goldy Khangura"

13/08/2026

जय श्री हरि नारायण

जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा जगत के लोगों पर सदैव बनी रहे,
प्रभु सभी को सुख शांति प्रदान करें।

'' माँ '''एस.डी.एम्. सक्सेना कलेक्टर साहब के साथ किसी महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त थे कि उनका असिस्टेंट धड़ल्ले से सीधा अ...
12/08/2026

'' माँ '''
एस.डी.एम्. सक्सेना कलेक्टर साहब के साथ किसी महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त थे कि उनका असिस्टेंट धड़ल्ले से सीधा अंदर घुसा चला आया. सभी ने रोषपूर्ण निगाह से उसकी और देखा तो उसने कातर निगाहों से उसने कहा "सर, फोन है. घर से. कोई घटना हुई है. मेम साहब रो रही हैं".
"काकू ...... काकू स्कूल से घर नहीं आया है. उसका अपहरण हो गया है. निक्की ने देखा. एक औरत ने उठाया है". उनकी पत्नी की घबराई हुई आवाज आई.
तहलका मच गया. कलैक्टर साहब ने स्वयं संज्ञान लेकर एस.पी. सिटी को फोन किया. शहर भर में पुलिस की गाड़ियां फर्राटे भरने लगीं. प्रशासनिक अधिकारी के बच्चे का भी अपहरण हो सकता है. अख़बारों के दफ्तर सक्रिय हो गए. कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे. पत्रकार पक्ष विपक्ष के नेताओं से घटना की प्रतिक्रिया लेने दौड़ पड़े.
इस से पहले कि मिस्टर सक्सेना घर पहुंचते बच्चा भारी बस्ता लटकाये हुए खरामा खरामा घर की और बढ़ता देखा गया. किसी ने पहचान लिया.अरे ये तो डिप्टी कलेक्टर साहब का बेटा है. निकट जा रही पुलिस पीकेट ने बच्चे को घेर लिया और सीना फुलाए हुए और अपनी पीठ थपथपाते हुए संगीनों के साये में सकुशल माँ के हाथों तक पहुँचाया.
मामला प्रशासनिक अधिकारी के बच्चे का था. बहुत तूल पकड़ने की संभावना थी इसलिए पुलिस और प्रशासन ने अपराधी को पकड़ने में पूरी ताकत झोंक डाली. चार घंटे के अथक परिश्रम, निक्की और काकू से मिली निशान देही और एस.पी. निर्मला द्विवेदी की सूझ बूझ से निलाया नगर के स्लम से एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया. काकू ने और निक्की ने उसे पहचान लिया.
एस.पी. ऑफिस के बाहर भीड़ लगी हुई थी. पत्रकार, श्रेय लूटने को तत्पर नेतागण और पब्लिक.
एक सांवली सी मोटी औरत को जमीन पर बिठा रखा था. एक लेडी पुलिस इन्स्पेक्टर उस से एसपी के सामने पूछताछ कर रही थी.
"कौन से गैंग से जुडी है. सच सच बता वार्ना मार मारकर हड्डी पसली तोड़ देंगे. जिंदगी भर को जाएगी अंदर".
महिला एकदम भयभीत पुलिस अधिकारी की और देख रही थी. तभी सक्सेना साहब ने सपत्नीक प्रवेश किया. महिला सूनी सी आँखों से सक्सेना दंपत्ति को देखने लगी.
"उधर क्या देखती है. आँख मिलकर बात कर. क्या करते हो तुम लोग बच्चों का. बेचते हो".
"ह्यूमन ट्रेफिकिंग का मामला लगता है सर. जब इन्हे पता चला होगा कि पुलिस अत्यंत सक्रिय हो गई है तो छेड़कर भागना पड़ा होगा. बच्चा तो सेफ है न सक्सेना साहब. उसे चोट वगैहरा...... " मैडम निर्मला ने पुछा.
"नहीं मगर ..... मगर बच्चे ने बताया कि ये औरत बच्चे को सीने से दबाकर ..... पता नहीं मार देना चाहती थी या. चूम रही थी. पुरुषों में तो बच्चों के प्रति इस प्रकार की यौन कुंठा मिलती है मगर..... मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा".
अपराधिनी अभी भी एक टक सक्सेना साहब को देख रही थी.
एस. पी. निर्मला जी ने फिर कहा "सुनो इंस्पैक्टर. ये लोग बड़े घाग होते हैं. इसे इंटेरोगेशन रूम में ले जाओ और जरा ठीक से उगलवाओ. मुझे इस शहर में कोई बच्चा चोर गैंग नहीं चाहिए".
लेडी इंस्पैक्टर महिला के बाल पकड़कर उठाने लगी. महिला अभी भी लगातार सक्सेना साहब को घूर रही थी. मरुथल सी सूनी, निर्जीव और सपाट आँखों से.
अचानक सक्सेना साहब चौंके और जोर से बोले "एक सैकिंड इंस्पेक्टर ... एक सैकिंड" फिर कुछ सोचते हुए से बोले "तुम ..... थिरुबाला हो ...... ओह ..... हाँ तुम वही तो हो". फिर दोनों हाथ माथे पर रखकर बैठ गए. सारा डिपार्टमेंट आश्चर्य से सक्सेना साहब की और देख रहा था.
"थिरुबाला, तुमने ये क्या किया. क्यों किया तुमने ऐसा. मुझ से कहतीं. मैं खुद काकू को तुम से मिला देता. सुनिए मैडम. मैं अपना आरोप वापस लेता हूँ. इन्हे छोड़ दिया जाय प्लीज".
"ऐसे कैसे सक्सेना साहब. इन्वेस्टिगेशन तो करना पड़ेगा. पता नहीं तार कहाँ से जुड़े हों. ये तो कुछ बोलती ही नहीं".
"थिरुबाला, बताओ न तुम ने ये सब क्यों किया". सक्सेना साहब की पत्नी ने आँखों में आंसू भरकर कहा".
थिरुबाला ने नजरें नीची करके बोलना शुरू किया "मैम ..... आप का बच्चा अपने पेट में रखने का आप ने मुझे पूरा पैसा दिया. बल्कि ज्यादा दिया. मगर ..... मगर उसके बाद मैं माँ नहीं बन सकी. हस्बैंड के साथ केरला लौटने से पहले" उसने एक हिचकी ली और उसकी आँखों से आंसू की धरा बाह निकली. फिर अस्फुट शब्दों में बोलना शुरू किया "एक बार ...... एक बार बेबी को सीने से लगाने को रोक नहीं पाई मैम. हम क्राइम किया है. हम को माफ़ नई करना साब".
"ओफ्फ. प्लीज एसपी साहिबा. छोड़ दीजिये उन्हें. ये मेरे बच्चे की सैरोगेट मदर हैं. मानवीय संवेदनाये और भावनाएं इंसान को कितना निर्बल और कितना मजबूर कर देती हैं, एक महिला होने के नाते आप समझ सकती हैं".

Kris Srikkanth has made a bold statement: “Schedule the IPL tomorrow, and all these injured players will be back fit and...
12/08/2026

Kris Srikkanth has made a bold statement: “Schedule the IPL tomorrow, and all these injured players will be back fit and ready.” 💥

ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ 🙏
12/08/2026

ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ 🙏

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