02/09/2026
विषय: शिक्षा का अधिकार (RTE) - 25% निःशुल्क शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता संदेश
नमस्कार,
आप सभी को सूचित किया जाता है कि निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब, वंचित, आर्थिक रूप से कमजोर (EWS), BPL, SC/ST, OBC, दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देना कोई दया नहीं, बल्कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) की धारा 12(1)(c) के तहत अनिवार्य कानून है।
इस कानून को केंद्र सरकार ने 27 अगस्त 2009 को अधिसूचित किया था और यह 1 अप्रैल 2010 से पूरे भारत में लागू है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा पाना मौलिक अधिकार है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी एवं अप्रैल 2026 में भी इस अधिकार को बरकरार रखा है कि सभी निजी गैर-अनुदानित विद्यालयों को 25% सीटें देनी ही होंगी।
विशेष जानकारी - बिहार के लिए:
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए ज्ञानदीप पोर्टल (gyandeep-rte.bihar.gov.in) के माध्यम से प्रक्रिया प्रारंभ की है।
1. लाभ किसे मिलेगा: बिहार के सभी जिलों के EWS, BPL, अलाभकारी समूह के 6 से 14 वर्ष के बच्चे।
2. चयन प्रक्रिया: पूर्णतः ऑनलाइन, पारदर्शी लॉटरी सिस्टम से। जैसे गया जिले में इस वर्ष 9575 बच्चों ने पंजीकरण किया और 4544 बच्चों का चयन हुआ।
3. आवेदन पोर्टल: केवल gyandeep-rte.bihar.gov.in पर ही।
4. यदि विद्यालय प्रवेश से मना करे: तो आप अपने जिला शिक्षा पदाधिकारी / समग्र शिक्षा अभियान / BRC कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मेरी अपील:
अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष (पंजीकृत) का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। आप सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों से निवेदन है कि इस कानून की जानकारी अपने मोहल्ले, गाँव, पंचायत के हर जरूरतमंद परिवार तक पहुँचाएं।
निजी विद्यालयों में फीस, पुस्तक, यूनिफॉर्म का व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
जागरूक बनें, दूसरों को जागरूक करें।
जय हिन्द, जय शिक्षा, जय संगठन
निवेदक
पंडित प्रकाश मिश्रा
प्रदेश अध्यक्ष - बिहार युवा प्रकोष्ठ
अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष (रजि.)
https://www.facebook.com/pandita.prakasa.misra.ophisiyala