BHILWARA (RAJASTHAN)

BHILWARA (RAJASTHAN) Bhilwara Is Textile Word Males constitute 53% of the population and females 47%. 15% of the population is under 6 years of age. Per capita density of regd.

Permanently closed.

Coordinates - 25°21′N 74°38′ECoordinates: 25°21′N 74°38′E
Country - India
State - Rajasthan
District(s) - Bhilwara
Population - 360,009 (2011)
S*x ratio - 1000/915 [1] ♂/♀
Time zone - ST (UTC+05:30)
Elevation - 421 metres (1,381 ft)
Pincode - 311001


Demographics of Bhilwara,

As of 2011 India census,[4] Bhilwara had a population of 2,4

10,459. There was a question in Kaun Banega Crorepati (KBC), whose answer was "Bhilwara has the Highest no. of registered private motor vehicles (four wheelers) in Asia" .i.e. private four wheelers is highest in Asia[citation needed]. This also is indicative of density of millionaire is highest in Asia. This city is running with the blessings of all religions. Bhilwara is 7th largest city of Rajasthan. It comes third in "Chartered Accountancy Examination" results after Mumbai and Jodhpur. Only Textile Engineering College of Rajasthan is in Bhilwara. History of Bhilwara,

The Textile City of India has very fine history. When Arjuna was going to Dwarika with all Gopis during Mahabharata period. He was passing through the present Bhilwara region. There was a war of Arjuna & Bhils. Local tradition reveals that it came to be known as Bhilwara because it was mostly inhabited by Bhil tribes in old days. These Bhils were eventually driven away towards the hilly tracts and interior places of less importance by the ancestors of the peasant settlers. It is said to have come up in the middle of the 11th century when a Bhil tribal, supposedly one of the first settlers, built a shiva temple on the site of the existing "Bada Mandir" or "Jataun ka Mandir". This is in the area called Purana Bhilwara, the oldest part of the town. If we are to believe this, the town is more than 900 years old.[2] Ironically enough, now very few Bhils live in this area. Another version recounts that the present Bhilwara city had a mint where coins known as 'BHILADI' were minted and from this denomination was derived the name of the district. A town nearby the city named "Mandal" is assumed to be the base of the Mughals when they attacked Chittor Garh, the moughal forces camped near the "talab" of the town of Mandal, ruins of the camp can still be seen there. A tower served as light house was also built on a small hill in Mandal, know known as "Mandara (minar)" this small hill also houses a devi temple. Bhilwara's history can be back to prehistoric period when neolithic culture was flourishing at Bagore village. A pillar said to be of first century BC at Nandsa village is evidence of Vedic rituals and culture. Classical 'Nagar'[disambiguation needed ] style of temple architect can be seen at temples of Menaal (Mahanaleshwer), Gurlan, Gadarmala, Momi, Kanpura and Mandalgarh places. Another notable landmark is the Badnore Fort located some 70 km from Bhilwara. It is a seven storeys fort on the top of a hill & built in medieval Indian Military style of architecture. Bhilwara is also known as "the city of Cloth". The city also has religious importance. The NIRGUNA Ramsnehi Samrday was founded here by saint Ram Charanji Maharaj in 1779 AD. There is a famous Ramdwara in the city, which is also housing Ram Snehi Hospital in its campus. The other important place (Ram Niwas Dham) of the samrday is located 50 Kms away in the town of Shahpura, where every year on the eve of Holi a 5 days celebration takes place.

一Bhilwara

08/08/2025
07/08/2025

24/03/2016

"HAPPY HOLI"

27/01/2016
01/01/2013

''HAPPY NEW YEAR''

27/09/2012

स्कूल,चिकित्सालय गोद लेने के लिए बढ़े हाथ

भीलवाड़ा। राजकीय स्कूलों एवं चिकित्सालयों को गोद देने व उनकी दशा सुधारने के लिए जिला प्रशासन की पहल अब सार्थक नजर आने लगी हैं।
शहर कई उद्यमियों ने राजकीय स्कूलों व चिकित्सालयों को निजी क्षेत्र को गोद देने के बारे में सोमवार को जिला कलक्टर औंकार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की घोषणा की। बैठक में सिंह ने जिले के दानदाताओं, भामाशाहों, उद्यमियों, व्यापारियों, खनिज उद्यमियों, विभिन्न संगठनों व संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे चिकित्सालयों एवं विद्यालयों के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं और अधिक से अधिक स्कूल व चिकित्सालय गोद ले। इस पर उद्यमी बीएम भरकतिया ने भदालीखेड़ा का सीनियर सैकण्डरी स्कूल तीन साल के लिए गोद लेने की घोषणा की।
कोटड़ी के खनिज व्यवसायी सत्यप्रकाश डीडवानिया ने ककरोलिया घाटी सैकण्डरी स्कूल में सभा कक्ष का निर्माण करवाने एवं अन्य आवश्यकताएं पूरी करवाने की घोषणा की । इसी प्रकार उद्योगपति अशोक कोठारी ने लाखोला के दो विद्यालय एवं एक चिकित्सालय को गोद लेने की घोषणा की। बैठक में अन्यों ने भी विकास कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कलक्टर ने कहा कि विकास में भागीदार बनने वाले दानदाताओं, भामाशाहों को सम्मानित किया जाएगा तथा संबंधित चिकित्सालय या विद्यालय पर उनके नाम की पिका भी लगाई जाएगी। बैठक में अतिरिक्त कलक्टर (शहर) मगन लाल योगी, कन्हैया लाल धाकड़, सीपी ओझा, अरविंद राय, नाथूलाल अग्रवाल, केडी राठी आदि उपस्थित थे ।

27/09/2012

रिश्वत लेने का आरोपी पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

भीलवाड़ा/एजेंसी। रिश्वत लेने के आरोप में फरार चल रहे एक सस्पेंड पुलिस अधिकारी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आरोपी सैयद ईमामुद्दीन को राजस्‍थान के भीलवाड़ा से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के बाद ईमामुद्दीन को अजमेर स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी सैयद ईमामुद्दीन 11 मार्च 2010 से 23 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में फरार चल रहा था।

27/09/2012

छात्रवृत्ति में बटेंगे दो करोड़
भीलवाड़ा। जिले में प्रारंभिक शिक्षा के अधीन पहली से आठवीं के 33 हजार बच्चों को सत्र 2012-13 में छात्रवृत्ति के रूप में 1.98 करोड़ रूपए बटेंगे। विभाग विद्यार्थियों के आवेदनों को अंतिम रूप देने में लगा है। पिछले सत्र में प्रारंभिक शिक्षा के तहत करीब 25 हजार विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। उन्हें तकरीब पौने दो करोड़ रूपए मिले थे। इस साल विद्यार्थियों की संख्या 33190 तक पहुंच गई। इन्हें 1.98 करोड़ रूपए छात्रवृत्ति के तौर पर मिलेंगे। सर्वाधिक स्वच्छकार वर्ग के छात्र-छात्राओं को साढ़े 82 लाख रूपए छात्रवृत्ति मिलेगी।
किसको कितनी छात्रवृत्ति
जिले के अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्रों को वार्षिक 500 रूपए व छात्राओं को 1000 रूपए, मिलेंगे। इसी प्रकार ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं को वार्षिक 400 रूपए, विशेष पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को 750 रूपए व छात्रों को 400 रूपए तथा स्वच्छकार वर्ग के विद्यार्थियों को 1850 रूपए की छात्रवृत्ति प्रतिवर्ष मिलती है।

27/09/2012

भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास अपने पेराफेरी क्षेत्र में आए गांवों की भूमि का बैंक बनाएगा। इसी बैंक के आधार पर गांवों के विकास व नियोजन की नींव रखी जाएगी। भीलवाड़ा शहर के मास्टर प्लान के संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन न्यास ने पेराफेरी में आए 49 गांवों की बिलानाम जमीन नापने की तैयारी कर ली है। मास्टर प्लान का संशोधित प्रारूप एक वर्ष से मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास अटका हुआ है। हाल ही प्रारूप को लेकर राजधानी जयपुर में दावों व आपत्तियों पर चर्चा हुई, लेकिन अब भी इसकी राह में कई अवरोध हैं।
अधिसूचना से बढ़ा दायरा
राजस्थान नगर सुधार अघिनियम 1959 की धारा 3 की उपधारा-1 के अनुसरण में राज्य सरकार की ओर से 31 मार्च 2005 को भीलवाड़ा नगर सहित 38 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए भीलवाड़ा के अघिसूचित नगरीय क्षेत्र का मास्टर प्लान का प्रारूप खींचा गया। अघिसूचित राजस्व ग्रामों के उप विभाजन आदि कारणों से सरकार की ओर से पूर्व में जारी अधिसूचना को संशोघित कर 15 मार्च 2010 को नई अधिसूचना जारी की गई। इसके आधार पर मास्टर प्लान में भीलवाड़ा नगरीय क्षेत्र समेत गांवों की संख्या 49 हो गई है।
सर्वे की तैयारी
न्यास के उपनगर नियोजक राजेश वर्मा के अनुसार गांवों की भूमि व स्थिति का सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए तैयारी कर ली गई है। भूमि बैंक बनने से नियोजन की नींव मजबूत हो सकेगी, वहीं गांवों में सड़क, स्कूल, चिकित्सालय, बिजली व्यवस्था, पेयजल, सामुदायिक भवन तथा सरकारी भवनों को लेकर मोटा खाका खींचा जा सकेगा।
इन गांवों के बनेंगे भूमि बैंक
भीलवाड़ा तहसील
भीलवाड़ा, पालड़ी, गोविन्दपुरा, तेलीखेड़ा, सांगानेर, कंुवाड़ा, सुवाणा, नई ईरास, हलेड़, हरणी कलां, ओडों का खेड़ा, हरणी खुर्द, सबलपुरा, माधोपुर, गठीला का खेड़ा, मण्डपिया, आटूण, बोरड़ा, पुर, बीलिया, मलाण, किशानवतों की खेड़ी, मोखमपुरा, पांसल, जीपिया, मालोला, जोधड़ास, धूलखेड़ा, भदालीखेड़ा, बीलिया कलां, नारायणपुरा, स्वरूपगंज, गुवारड़ी, काणोली, आरजिया।
माण्डल तहसील
माण्डल, मालीखेड़ा (राजपुरा), संतोकपुरा, कीर खेड़ा, स्टेशन नगर, माली खेड़ा, सुरास व गुढ़ा।
बनेड़ा तहसील
रायसिंहपुरा, एकलिंगपुरा, रघुनाथपुरा, चमनपुरा, छतरी खेड़ा, रनिकपुरा।
मास्टर प्लान में अटके
बेहतर नगर नियोजन के लिए राज्य सरकार जिले की जहाजपुर व आसीन्द नगर पालिका क्षेत्रों का भी मास्टर प्लान तैयारी कर ली है। दोनों पालिका क्षेत्रों के मास्टर प्लान के प्रारूप पर आपत्तियां मांगी गई हैं। माण्डलगढ़, गुलाबपुरा व शाहपुरा पालिका क्षेत्र का मास्टर प्लान पूर्व में मंजूर हो चुका है। जिला नगर नियोजक पवन डागा ने बताया कि पालिकाओं के नगरीय क्षेत्र को लेकर मास्टर प्लान का अंतिम प्रारूप जल्द जारी हो जाएगा।

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