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25/02/2025

🚩🔥 𝐇𝐀𝐑 𝐇𝐀𝐑 𝐌𝐀𝐇𝐀𝐃𝐄𝐕! 🔥🚩

"जो सच्चे भक्त हैं, वे बिना सोचे कमेंट – हर हर महादेव! 🔱🔥"
"महादेव की कृपा जिस पर बनी रहेगी, वो ज़ोर से बोले – 🚩हर हर महादेव!🚩"
"अगर तुम महादेव के सच्चे भक्त हो, तो कमेंट में लिखो – 🔥हर हर महादेव!🔥"

#भोलेनाथकीजय 🚩
#शंभू 🔱
#महाकाल 🔥
#शिवपरिवार 🙏
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ः_शिवाय 🚩
#नंदी_महाराज 🔱
#शिवाय 🙌
#शिवतांडव 🔥

रक्तदान महादान ❤️🧿Govind BloodDonor
10/01/2025

रक्तदान महादान ❤️🧿
Govind BloodDonor

30/09/2024

जब एक यूनिट ख़ून के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़े तो शादी में 300 बाराती और जन्मदिन पर 200 लोगों की भीड़ का दिखावा करने का क्या मतलब 🤔

रक्तदान करके स्वस्थ रहेंगे आपरक्तदान को महादान कहा जाता है। इससे बीमारों औरदुर्घटनाग्रस्त लोगों को तो सहायता मिलती ही है...
10/09/2024

रक्तदान करके स्वस्थ रहेंगे आप
रक्तदान को महादान कहा जाता है। इससे बीमारों और
दुर्घटनाग्रस्त लोगों को तो सहायता मिलती ही है,
मुाqश्कल के समय में रक्तदाता और उसके
अपनों को भी लाभ मिलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के
मुताबिक किसी देश की एक प्रतिशत जनसंख्या भी रक्तदान
करे तो मरीजों के सामने रक्त की समस्या नहीं आएगी।
रक्तदाता का मेडिकल चेकअप
रक्त प्राप्तकर्ता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए
रक्तदाता का मेडिकल चेकअप किया जाता है। इस परीक्षण
में उसकी उम्र, िंलग, वजन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और
ब्लड ग्रुप की जांच की जाती है। ब्लड ट्रांस फ्युजन
विशेषज्ञ अमित मिश्रा बताते हैं कि रक्तदान के बाद
एचआईवी और मलेरिया, एचबीएसएजी, एचसीवी,
वीडीआरएल और एंटीबॉडी की स्क्रीिंनग जैसी जांच
की जाती है।
इन बातों का ध्यान रखें
दानकर्ता को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि रक्तदान
का उसके शरीर पर विपरीत प्रभाव न पड़े।
रक्तदान के पहले: भरपेट पौाqष्टक भोजन खाएं और
पूरी नींद लें। धूम्रपान न करें।
रक्तदान के बाद: रक्तदान के तुरंत बाद शारीरिक श्रम
नहीं करना चाहिए। ढेर सारा तरल पदार्थ जैसे जूस,
पानी आदि लेना चाहिए। रक्तदान के कुछ घंटों बाद तक
वाहन नहीं चलाना चाहिए। ४८ घंटे के अंदर एल्कोहल
का सेवन न करें।
कौन रक्तदान नहीं कर सकता
गर्भवती और बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाएं,
क्योंकि इनमें आयरन न्यूनतम स्तर पर होता है।
डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस बी या सी से ग्रस्त व्यक्ति। इन
बीमारियों से पूरी तरह ठीक होने के छह महीने बाद
ही रक्तदान किया जा सकता है।
मधुमेह या सिजोप्रेâनिया से पीडित हो या जिनका वजन
तेजी से गिर रहा हो।
मासिक चक्र से गुजर रही महिलाएं।
एड्स और वैंâसर से पीडित लोग।
कौन कर सकता है रक्तदान
रक्तदान दो तरह से किया जाता है। पहला, कोई
व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है ताकि उसका रक्त
किसी जरूरतमंद की जान बचाने में काम आ सके। दूसरा, जब
जरूरतमंद व्यक्ति के सगे-संबंधी सीधे तौर पर उसके लिए
रक्तदान करें। वैसे किसी व्यक्ति को तीन महीने में एक बार
से अधिक रक्तदान नहीं करना चाहिए और ब्लड बैंक
को भी किसी ऐसे व्यक्ति का रक्त नहीं लेना चाहिए, जिसने
रक्तदान का अंतराल पूरा न किया है।
१८-६० वर्ष का कोई भी व्यक्ति जो स्वस्थ हो रक्तदान
कर सकता है।
जिन लोगों ने टेटू गुदवाया हो वो टैटू गुदवाने के एक साल
बाद रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान करने वाले का एक से अधिक पार्टनर से शारीरिक
संबंध नहीं होना चाहिए।
रक्तदाता का शारीरिक भार ४५ किलो से कम
नहीं होना चाहिए।
रक्तदानकर्ता को श्वास, त्वचा या हृदय संबंधी रोग
नहीं होना चाहिए।
यदि महिला रक्तदान कर रही हो तो वह पिछले छह हफ्तों में
गर्भवती नहीं होनी चाहिए।
दाता के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा १२.५ ग्राम/डीएल
से कम नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षित है रक्तदान
रक्त संग्रह के लिए इस्तेमाल होने वाले बैग में एक बार
इस्तेमाल होने वाली सुई लगी होती है, जो तुलनात्मक रूप से
पूर्णत: सुरक्षित है। यह प्रक्रिया हमेशा योग्य और
प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा पूरी की जाती है। इसलिए
रक्तदान लगभग पूरी तरह सुरक्षित है। रक्तदान करने से
कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि हमारे शरीर में आqस्थयों में
पाई जाने वाली आqस्थमज्जा (बोनमैरो) में रक्त
का निर्माण लगातार होता रहता है। रक्तदान में
किसी प्रकार का दर्द नहीं होता और न ही दाता के शरीर से
एक बार में रक्त की इतनी मात्रा ली जाती है कि वह उसके
लिए घातक हो। उसके भार के आधार पर ३५० मिली लीटर से
४५० मिली लीटर रक्त ही लिया जाता है।
रक्तदान के फायदे
रक्तदान के कई फायदे हैं। यह शरीर से अतिरिक्त आयरन
निकालने का बेहतरीन तरीका है। इसके अलावा वैâलोरी बर्न
करने और कोलेस्ट्रॉल घटाने में भी इससे काफी मदद
मिलती है। रक्तदान से शरीर में रक्त कोशिकाओं
की संख्या कम हो जाती है। इसकी भरपाई करने के लिए
शरीर बोनमैरो को नई लाल रक्त कणिकाएं बनाने के लिए
प्रेरित करता है। इससे शरीर में नई कोशिकाएं बनती हैं और
सिस्टम रिप्रेâश हो जाता ह

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Govind BloodDonor

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1. संपूर्ण रक्त गणना (सि बी सि)संपूर्ण रक्त गणना (सि बी सि) (Complete Blood Count, CBC, CBC with Diff, CBC with Differen...
04/09/2024

1. संपूर्ण रक्त गणना (सि बी सि)
संपूर्ण रक्त गणना (सि बी सि) (Complete Blood Count, CBC, CBC with Diff, CBC with Differential, Full Blood Count, FBC), खून में सबसे आम जांच है।
खून में तीन प्रमुख्य प्रकार के कोशिका या सेल (cell) होते हैं –
लाल रक्त कोशिका या रेड ब्लड सेल या Red Blood Cell or RBC
सफेद रक्त कोशिका या व्हाईट ब्लड सेल या White Blood Cell or WBC
प्लेटलेट्स या Platelets
इनके अनेक रूप और अनेक कार्य हैं, जैसे कि -
“लाल रक्त कोशिका” शरीर को आकसिजन (oxygen) और खाना (sugar) पहुँचाता है।
कटने पर बहते खून को जमने के लिये “प्लेटलेट्स रक्त कोशिका” काम आता है।
“सफेद रक्त कोशिका” बीमारीयों से बचाता है।
सभी सेल, हड्डी के बीच में स्थित “अस्थि मज्जा या बोन मेरौ (Bone Marrow), में बनता है। ये सेल हमेशा बनते और टूटते रहते हैं, और इनकी संख्या सामान्य सीमा में रहता है। बीमारी या दवा या अन्य कारण से इस नियंत्रण में रुकावट आ जाती है, जिससे कि सेलों के विभिन्न रूप के गिनती घट या बढ जाते हैं।
सि बि सि (CBC), इन सेलों के गिनती का जांच करता है। रिपोर्ट में बताया जाता है कि कितने कोशिका या सेल प्रति मिलीलिटर हैं या खून में उस सेल का कया प्रतिशत है? हर जांच केन्द्र के रिपोर्ट में बताया जाता है कि सभी रक्त कोशिका के संख्या, सामान्य सीमा के अंदर है कि नहीं यानि सामान्य सीमा से अधिक है कि कम है।
2. लाल रक्त कोशिका (रेड ब्लड सेल) के जांच -
खून में, “लाल रक्त कोशिका, रेड बल्ड सेल (RBC)” शरीर को हवा या आकसिजन और खाना पहुँचाता है। हर कोशिका में एक प्रोटिन होता है, जिसे हिमोग्लोबिन कहते हैं, जो खून में आकसिजन (oxygen) ले जाता है। रेड बल्ड सेल के अनेक जांच हैं –
रेड बल्ड सेल की गिनती या रेड ब्लड सेल काउंट (RBC Count)
रेड बल्ड सेल में कितना हिमोग्लोबिन (Hemoglobin) प्रोटिन है।
हिमाटोक्रिट (Hematocrit) बताता है कि खून के घनफल (blood volume) में कितना प्रतिशत (%), रेड बल्ड सेल है?
एम सी वी (MCV or Mean Corpuscular volume), रेड बल्ड सेल का औसत घनफल (average volume) बताता है|
आर डी डब्ल्यू (RDW or Red cell distribution width) बताता है कि रेड बल्ड सेल का घनफल माप (RBC Volume) की विस्तार सीमा (range) कया है।
एम सी एच (MCH or Mean Cell Hemoglobin) बताता है कि औसत रेड बल्ड सेल (Average RBC) में कितना हिमोग्लोबिन (Hemoglobin) है।
एम सी एच सी (MCHC or Mean Cell Hemoglobin Concentration) बताता है कि औसत रेड बल्ड सेल (Average RBC) में हिमोग्लोबिन (Hemoglobin) का कितना गाढापन (concentration) है।
उचांई पर रहनेवाले लोगों में, हवा में आकसिजन के कमी से, उनका रेड बल्ड सेल की गिनती (RBC Count) बढ जाता है।
जब रेड बल्ड सेल की गिनती (RBC Count), रेड बल्ड सेल में हिमोग्लोबिन (Hemoglobin) प्रोटिन और हिमाटोक्रिट (Hematocrit) कम हो जाता है, तो उसे अनिमिया (anemia) कहते हैं। इससे शरीर के विभिन्न अंगों में हवा (आकसिजन) और खाना ठीक तरह से नहीं पहुँचता है। इससे कमजोरी, थकान और अरुचि महसूस होता है। मरीज पीला (pale) लगते हैं। देखें तथ्यपत्र 552
कम एम सी वी (Low MCV) या छोटे रेड बल्ड सेल, शरीर में लोहा (iron) पदार्थ के कमी से या लम्बे समय तक बीमार रहने के कारण होता है।
अधिक एम सी वी (High MCV) या बडे रेड बल्ड सेल, एच आइ वी के दवा से हो सकता है। यह कोई खराबी नहीं करता है। अधिक एम सी वी, एक विटामिन फौलिक असिड (vitamin folic acid) के कमी के कारण भी हो सकता है, जिसे मेगालोबलासटिक अनिमिया (Megaloblastic anemia) कहते हैं। उसका इलाज जरूरी है।
आर डी डब्ल्यू (RDW) से भी कुछ अन्य अनिमिया (anemia) और विटामिन के कमी का पता चल सकता है।
3. प्लेटलेट्स के जांच -
प्लेटलेट्स कि गिनती (platelet count) - प्लेटलेट्स के कमी से रक्त जमता नहीं है। फिर चोट लगने पर, खून बहना नहीं रुकता है। कभी कभार अंदूरनी खून बह सकता है, और यह अतयंत गमभीर स्थिती होता है। इसमें मरीज को प्लेटलेट्स देना पड सकता है।
एच आइ वी (HIV) से प्लेटलेट्स के गिनती में कमी या थ्रोम्बोसाईटोपिनीया (thrombocytopenia) हो सकता है। दवा लेने पर यह ठीक हो जायेगा।
4. सफेद रक्त कोशिका (व्हाईट ब्लड सेल) के जांच -
सफेद रक्त कोशिका गिनती या व्हाईट ब्लड सेल काउंट (WBC Count)
विभिन्न सफेद रक्त कोशिकाओं के प्रतिशत(%)
जब व्हाईट ब्लड सेल काउंट या सफेद रक्त कोशिका की गिनती बहुत कम हो जाता है, तो उसे ल्युकोपिनीया (leucopenia) कहते हैं। इसमें बीमारीयों से बचाव का शक्ति, आपके शरीर में कम हो जाता है।
डिफ्फर्नसियल काउंट या विभिन्न सफेद रक्त कोशिकाओं की गिनती, अन्य बातों के लिय होता है। सफेद रक्त कोशिकाओं, पांच प्रकार के होते हैं। वो हैं – न्युट्रोफिल (neutrophil), लिम्फोसाईट (lymphocyte), मोनोसाईट (monocyte), इओसीनोफिल (eosinophil) और बेसोफिल (basophil)। इनका गिनती प्रतिशत (%) में होता है। जैसे कि संपूर्ण सफेद रक्त कोशिका का गिनती 10,000 है, और न्युट्रोफिल 30% हैं, तो न्युट्रोफिल का गिनती हुआ 10,000 क 30 प्रतिशत या 3,000 न्युट्रोफिल।
न्युट्रोफिल के कमी को न्युट्रोपिनीया (neutropenia) कहते हैं। यह अनेक बीमारी, जैसे कि बेक्टेरियल संक्रमण या (bacterial infection), एच आइ वी (HIV), कुछ दवाओं के कारण हो सकता है। इस स्थिती में आपको और अधिक संक्रमित बीमारी हो सकता है।
लिम्फोसाईट दो तरह के होते हैं – टी सेल (T cell) और बी सेल (B cell)। एच आइ वी (HIV) में टी सेल (T cell) नष्ट हो जाते हैं, जो कि जानलेवा होता है। बी सेल भी आपके शरीर के रक्षा के लिये प्रोटिन बनाता है, जिसे ऎंटीबोडीज़ (antibodies) कहते हैं।
मोनोसाईट भी शरीर कि रक्षा के लिये, शरीर में प्रवेश किय हुए किटाणुओं को खा जाते हैं। बेक्टेरियल संक्रमण या (bacterial infection), में इनका गिनती बढा होता है।
पेट में कीडों से, एलर्ज़ी में, एच आइ वी में, इओसीनोफिल का गिनती बढा होता है।

रक्तदान कर के देखो अच्छा लगता है पसंद आये तो हमारे चैनल को  करे और वीडियो को   करना ना भूलेhttps://youtube.com/shorts/Qv...
23/08/2024

रक्तदान कर के देखो अच्छा लगता है
पसंद आये तो हमारे चैनल को
करे और वीडियो को करना ना भूले
https://youtube.com/shorts/QvE9hdJBW_8?si=NijTapCNvwV4n9Wj
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 ्री_राम 🚩अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की आप सभी राम भक्तों को हार्दिक बधाई. ..
22/01/2024

्री_राम 🚩

अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की आप सभी राम भक्तों को हार्दिक बधाई. ..

हर हर महादेव
10/07/2023

हर हर महादेव

जय शनिदेव  महाराज की जय हो
10/06/2023

जय शनिदेव महाराज की जय हो

1अप्रैल को "अप्रैल फुल "बनाने के बजाय एक पेड़ लगाकर "अप्रैल कूल" बनाए आप की एक छोटी सी मुहिम धरती को "कूल " बनाने मे मदद ...
30/03/2018

1अप्रैल को
"अप्रैल फुल "
बनाने के बजाय एक पेड़ लगाकर
"अप्रैल कूल"
बनाए आप की एक छोटी सी मुहिम धरती को
"कूल "
बनाने मे मदद कर सकती है

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