29/01/2015
और फिर ओबामा की विदाई का टाइम आ
गया ... वो कुछ कदम आगे बढे कि साहेब ने पीछे से
आवाज दी ...'' अरे ! बराक '' उन्होंने पलट कर
पूछा ओफ्फो यू डोंट नो योर कल्चर कभी चलते
समय पीछे से आवाज नहीं देते। साहेब ने मुस्कुराते
हुए कहा तू मेरा यार है बराक , यार से कुछ
भी कहा जा सकता है बस ये बता कि सब कुछ तेरे
मन मुताबिक हुआ। तुमने हमारे कुत्ते
तो क्या आदमियों पर भी भरोसा नहीं किया ।
न्यूक्लीयर डील भी तुम्हारी मर्जी की हो गई ,
अच्छा सुरक्षा परिषद में स्थाई सीट का देख
लेना। ओबामा ने हँसते हुए कहा मैंने बनारस
का पान खाया है भांग वाली ठंडाई
नहीं पी की कोई ऐसा वादा कर जाऊं वैसे
भी अब मेरे 2 साल बचे हैं आय एम 'लेम-डक'
प्रेसिडेंट ऑफ़ usa …साहेब ने कहा '' हाएं फिर ये
न्यूक्लीयर डील क्यों की ? '' ओबामा ने पान
की पवित्र अमरीकी पीक को थूक कर
कहा क्योंकि मेरे देश में 1986 से ही प्लांट
नहीं लगा है। डील में जो शर्तें हैं उन्हें कोई डेवलप्ड
कंट्री नहीं मानता । आपने सब मान
लिया यहाँ तक कि 750 करोड़
की लाइबिलिटी भी कबूल ली है। फिर उन्होंने
मुस्कुरा कर फाइल मिशेल को थमा दी। साहेब
को गुस्सा आ गया कि इसने फिरकी ले ली बोले
' यार बराक तुमने तो मेरी इतनी तारीफ
की थी '' । हाँ की थी आपको ''ग्रेट लीडर''
थोड़ी कहा था लाखो का अपना नाम
लिखा सूट देखकर ''बॉलीवुड स्टार'' कहा और
आपके फैशन सेंस को मिशेल जैसा बताया था।
फिर वो अपनी डार्लिंग वाईफ का हाथ पकड़
कर चल दिए. थोड़ा आगे जाकर फिर मुड़े बोले..
सुना है आपके यहाँ कोई लेडी विदेश मंत्री हैं
दिखती नहीं क्या सिलाई ,बुनाई ,कढ़ाई कर
रहीं है। अब साहेब
को इतना गुस्सा आया कि एयरपोर्ट
भी नहीं गए विदा करने। अपने नाम वाले सूट
की सारी कढ़ाई उधेड़ दी और खुद चाय बनाते
जाएँ पीते जाएँ … तभी बाहर से कुछ आवाजें
आयी हर --हर … झुका दिया अमरीका को आह !
तब जाकर साहेब का मूड कुछ नार्मल हुआ।
Anita Misra की वाल से - साभार