M P State Women's Commission

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राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के सभागार में समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा राष्ट्...
31/10/2025

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के सभागार में समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा राष्ट्र की एकता, अखण्डता एवं सुरक्षा को बनाये रखने तथा देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शपथ ग्रहण की गई।

23/09/2025
मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के सभागार में , आयोग के सदस्य सचिव श्री सुरेश तोमर के मार्गदर्शन में दिनांक 04.09.2025 को  ...
09/09/2025

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के सभागार में , आयोग के सदस्य सचिव श्री सुरेश तोमर के मार्गदर्शन में दिनांक 04.09.2025 को महिलाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी प्रदान करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कानूनी मामलों की विशेषज्ञ सुश्री शिखा छिब्बर ने बताया कि आई.पी.सी. में महिलाओं के हित में कौन-कौन से कानून थे और भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में कौन-कौन से नए एक्ट जोड़े गए हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने सेक्शन 69 के बारे में बताया जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति धोखाधड़ी करके, अपनी पहचान,धर्म जाति, उद्देश्य आदि छुपा कर, शादी का झूठा वादा कर के महिला के साथ यौन संबंध बनाता है तो वह सेक्शन 69 के तहत अपराधी होगा जिसे 10 साल तक की सजा हो सकती है। आई.पी.सी. में इस कृत्य के लिए कोई प्रावधान नहीं था जिससे बलात्कार का आंकड़ा अधिक होता था, सेक्शन 69 के जोड़ने के बाद सही आंकलन किया जा सकेगा। सुश्री छिब्बर ने कहा कि महिलाओं को उनके लिए बनाए गए कानूनों के प्रति जागरुक करने की आवश्यकता है, अधिकतर पीड़ित महिलाएं पुलिस थाने पर एफ.आई.आर. दर्ज करवाने ही नहीं जाती हैं या पुलिस वाले एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करते हैं तो महिला घर बैठे ही ई-एफ.आई.आर. दर्ज करवा सकती है और 3 दिन के भीतर थाने पर जाकर अपने हस्ताक्षर कर उसकी पुष्टि कर अपने पास रख सकती है। विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने पूर्व के कानून में हुए संशोधनों की भी जानकारी दी। कार्यशाला में आयोग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित रहे।

क्या  आप जानते हैं?
28/07/2025

क्या आप जानते हैं?

सेंट्रल जेल, भोपाल के महिला वॉर्ड में दिनाँक 17.07.2025 को म.प्र. राज्य महिला आयोग व तिनका-तिनका फाउण्डेशन के संयुक्त तत...
21/07/2025

सेंट्रल जेल, भोपाल के महिला वॉर्ड में दिनाँक 17.07.2025 को म.प्र. राज्य महिला आयोग व तिनका-तिनका फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में “टी.वी. और समाचार पत्र संवाद और व्यक्तित्व विकास के साधन ” विषय पर एक विशेष कार्यशाला और संवाद का आयोजन किया गया। इसमें 100 महिला बंदियों ने भाग लिया।
किसी ने पेंटिग से अपनी मनःस्थिति को उकेरा, तो किसी ने गीत और कविता के माध्यम से अपने मन की बात कही। कई महिलाओं ने खुलकर अपने सपनों व पछतावे दोनों को शब्दों में ढाला। तिनका-तिनका फाउण्डेशन की संस्थापक और जेल सुधार कार्यों के लिए चर्चित लेखिका डॉ. वर्तिका नंदा,कार्यक्रम की सूत्रधार, द्वारा महिला बंदियों से संवाद किया गया।

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून : POSH अधिनियम 2013 भोपाल : 11 जुलाई, 2025मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग ...
21/07/2025

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून : POSH अधिनियम 2013
भोपाल : 11 जुलाई, 2025
मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग भोपाल के द्वारा पंडित सुंदरलाल शर्मा व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, रीजनल कॉलेज के सभागार में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण प्रतिषेध और प्रतितोषण) अधिनियम 2013 के अंतर्गत आंतरिक समितियों के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री विनीत कपूर एवं मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती निशा सक्सेना उपस्थित रहे। पुलिस महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में लागू किया गया। इस कानून में “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम” (POSH एक्ट, 2013) महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और मजबूत कानूनी संरचना के रूप में सामने आया है। इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना, उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, और समुचित समाधान की प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।
सुश्री मिश्रा ने कहा कि POSH अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। पुलिस विभाग इसे केवल कानून प्रावधान नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में देखता है। कार्यस्थल पर पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने के लिये प्रेरित करना चाहिए। शासकीय सेवा में नियुक्ति के समय महिलाओं के साथ पुरूषों का भी ओरिएंटेशन किया जाना चाहिए। सुश्री मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर गठित समिति को देखना चाहिए कि POSH अधिनियम का दुरूपयोग न किया जा रहा हो।
पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर ने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न दण्डनीय अपराध है। POSH अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों वाला कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उत्पीड़न समिति के सदस्यों का नाम नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से लिखा होना चाहिए। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता से कार्य, सीसीटीवी और शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्री कपूर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखते हुए पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच की जाती है।
म.प्र. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती निशा सक्सेना ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को POSH अधिनियम के प्रति जागरूक करना है। राज्य महिला आयोग के सचिव श्री सुरेश तोमर ने कहा कि POSH अधिनियम की जानकारी सभी कर्मचारियों को देना संस्थानों की जिम्मेदारी है। समय-समय पर कर्मचारियों के लिये संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि संस्थानों को नैतिक और कानूनी रूप से जवाबदेह भी बनाता है।
कार्यशाला में सुफल सर्व उत्थान फॉर आर्ट, लाइफ एण्ड कल्चर वेलफेयर सोसायटी की श्रीमती भावना त्रिपाठी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न, निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष विषय पर विस्तृत जानकारी दी।

दिनांक 24.1.2024 को मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग कार्यालय में इंटरनेशनल जस्टिस मिशन(I J M) संस्था द्वारा राष्ट्रीय बालिक...
18/04/2024

दिनांक 24.1.2024 को मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग कार्यालय में इंटरनेशनल जस्टिस मिशन(I J M) संस्था द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर " मानव तस्करी से संघर्ष : भूमिकाएं एवं उत्तरदायित्व " विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस अवसर पर इंटरनेशनल जस्टिस मिशन संस्था के प्रतिनिधि श्री अमित कुमार नायक , श्रीमती सुलक्षणा ओहोल , सुश्री सुनेमिया नंदा और श्री महंतेश मंदाले, आयोग की सदस्य सचिव श्रीमती तृप्ति त्रिपाठी, अनुभाग अधिकारी श्रीमती अनिता राय, संभागीय आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग, जन अभियान परिषद , आदिवासी वित्त विकास निगम, पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग, भोपाल के द्वारा कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013  के अंतर्गत कार्यालय में गठित आ...
18/04/2024

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग, भोपाल के द्वारा कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के अंतर्गत कार्यालय में गठित आंतरिक पारिवाद समिति के सदस्यों हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन इंदौर के होटल अमृत रेसीडेंसी में किया गयाaaaaA कार्यक्रम में मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव श्रीमती तृप्ति त्रिपाठी द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला गयाA यू. एन. वुमन की सुश्री सविता जैन द्वारा कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 पर प्रतिभागियों से चर्चा कर उनके पूर्व अनुभवों की जानकारी ली गई एवं कार्यशाला से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं यह जानने का प्रयास किया गयाA सीनियर अधिवक्ता श्री सौम्य भौमिक द्वारा अधिनियम के बारे में प्रतिभागियों से समस्त बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई एवं प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए गएA कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय कार्यालय में गठित आंतरिक पारिवाद समिति के पीठासीन अधिकारी और सदस्य उपस्थित हुए

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