29/08/2026
मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में हुआ था और वह अपने समय के महान हॉकी खिलाड़ी थे। उन्हें हॉकी खिलाड़ी के स्टार या “हॉकी का जादूगर” के रूप में जाना जाता था, क्योंकि उनकी अवधि के दौरान, उनकी टीम ने लगातार तीन ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। उन्होंने 1926 से 1949 तक 23 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली। वह हॉकी के बारे में इतना समर्पित थे कि वह चांदनी रात में भी खेल का अभ्यास किया करते थे, जिससे उसका नाम ध्यानचंद पड़ गया। 1956 में, ध्यानचंद को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वह यह सम्मान पाने वाले तीसरे नागरिक थे।
मेजर ध्यानचंद के बारे में कुछ रोचक बातें:
*- हॉकी के जादूगर:* इन्हें "हॉकी का जादूगर" कहा जाता है। गेंद इनकी स्टिक से ऐसी चिपकी रहती थी कि लोग इनकी हॉकी स्टिक के बारे में अटकलें लगाया करते थे कि कहीं अंदर चुंबक तो नहीं है?
*- 3 ओलंपिक गोल्ड:* भारत ने 1928 एम्स्टर्डम, 1932 लॉस एंजिल्स और 1936 बर्लिन ओलंपिक में गोल्ड जीता, तीनों में ध्यानचंद टीम के मुख्य स्तंभ थे। 1936 के फाइनल में जर्मनी को 8-1 से हराया था।
*- हिटलर ने दिया था ऑफर:* 1936 बर्लिन ओलंपिक में उनके खेल से प्रभावित होकर हिटलर ने उन्हें जर्मन सेना में बड़े पद का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने विनम्रता से ठुकरा दिया।
*- एक मैच में 3 गोल मारकर भी रो पड़े:* एक बार जब वह गोल नहीं कर पा रहे थे तो उन्होंने गोलपोस्ट की चौड़ाई नापने को कहा। नापने पर पता चला कि गोलपोस्ट नियम से छोटा है।
*- असली नाम कुछ और था:* उनका जन्म 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में हुआ था। बचपन में उनका नाम ध्यान सिंह था। सेना में होने के कारण वह रात में चांद की रोशनी में प्रैक्टिस करते थे, इसलिए साथी खिलाड़ियों ने नाम रख दिया - ध्यानचंद।
*- 1000 से ज्यादा गोल:* अपने 20 साल के करियर में उन्होंने 1000 से ज्यादा गोल किए।
उनके जन्मदिन 29 अगस्त को भारत में *राष्ट्रीय खेल दिवस* के रूप में मनाया जाता है।