24/10/2026
वीबी-जी राम-जी के अंतर्गत श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने हेतु NMMS 2.0 का उन्नत एवं सुरक्षित संस्करण लॉन्च
भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वीबी-जी राम-जी (VB-G RAM-G) के अंतर्गत कार्यस्थलों पर श्रमिकों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करने हेतु राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (National Mobile Monitoring System – NMMS) एप्लीकेशन का उन्नत एवं अधिक सुरक्षित संस्करण लॉन्च किया गया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास एवं संबंधित तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से विकसित इस संस्करण का उद्देश्य उपस्थिति सत्यापन को अधिक विश्वसनीय बनाना, फर्जी उपस्थिति पर अंकुश लगाना, श्रमिकों की मजदूरी सुरक्षित करना तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
उपस्थिति सत्यापन के लिए उन्नत सुरक्षा व्यवस्था
एनएमएमएस 2.0 में गूगल प्ले इंटीग्रिटी, मोबाइल डिवाइस की सुरक्षा जाँच, सुरक्षित डेटा प्रेषण तथा एप्लीकेशन की क्लोनिंग और छेड़छाड़ रोकने जैसी सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चेहरा सत्यापन और जीवंतता जाँच (लाइवनेस डिटेक्शन) के माध्यम से वास्तविक श्रमिक की पहचान सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर उपस्थिति दर्ज करने तथा फर्जी फोटो के माध्यम से अनियमितता की संभावनाओं को कम करने में सहायता मिलेगी।
नेटवर्क की समस्या में भी उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या को ध्यान में रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज करने तथा नेटवर्क उपलब्ध होने पर मस्टर रोल बंद होने के पश्चात डेटा अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, बुजुर्ग श्रमिकों, दिव्यांगजनों अथवा तकनीकी समस्या के कारण चेहरा सत्यापन में कठिनाई होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपवाद अनुरोध (एक्सेप्शन रिक्वेस्ट) प्रस्तुत करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक श्रमिक तकनीकी बाधाओं के कारण रोजगार अथवा मजदूरी के अधिकार से वंचित न हों।
मजदूरी भुगतान के लिए बहुस्तरीय सत्यापन
उपस्थिति दर्ज होना अपने आप में मजदूरी भुगतान का अंतिम आधार नहीं है। कार्य की वास्तविक मात्रा के सत्यापन के लिए इलेक्ट्रॉनिक माप पुस्तिका (ई-एमबी), तकनीकी मापन तथा निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था लागू है। एआई आधारित फोटो डुप्लीकेशन प्रणाली संदिग्ध अथवा दोहराई गई तस्वीरों की पहचान करने में सहायता करती है। ऐसे मामलों में आवश्यक जाँच पूरी होने तक संबंधित मजदूरी सूची एवं निधि अंतरण आदेश (एफटीओ) रोके जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कार्यों की वास्तविकता सुनिश्चित करने के लिए स्थलीय निरीक्षण, सामाजिक अंकेक्षण तथा सार्वजनिक प्रकटीकरण की व्यवस्था भी की गई है।
मध्यप्रदेश में अनुपालन एवं जनजागरूकता पर जोर
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद द्वारा समस्त संबंधित अधिकारियों, ग्राम रोजगार सहायकों (जीआरएस) तथा एनएमएमएस उपस्थिति हेतु पंजीकृत मेट/मेट्स को नवीन एप्लीकेशन के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उपस्थिति दर्ज करने के लिए अधिकृत एवं वैलिडेटेड मोबाइल डिवाइस का उपयोग किया जाए तथा पुराने संस्करण में उपलब्ध लंबित उपस्थिति डेटा को सफलतापूर्वक अपलोड करने के पश्चात ही पुराने संस्करण को हटाया जाए। नवीन एप्लीकेशन के संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर संबंधित तकनीकी अधिकारियों को तत्काल सूचित किया जाए।
एनएमएमएस 2.0 का उन्नत संस्करण डिजिटल तकनीक के माध्यम से रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन विकसित ग्राम पंचायतों के निर्माण तथा विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक होगा।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन
Ministry of Rural Development, Government of Indiaernment of India Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesht of Jansampark Madhya Pradeshhya Pradesh