13/08/2026
*बिना शर्त 33 महिला आरक्षण शीघ्र लागू करो, जनगणना परिसीमन का बहाना नहीं चलेगा- मरियम ढबले*
भोपाल।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने 2 अगस्त को भोपाल में ‘33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लागू करने की मांग’ को लेकर राज्य स्तरीय ‘परिसंवाद’ का आयोजन किया।
इसमें एडवा के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न संगठनों के साथियों ने भी शिरकत की |
परिसंवाद की शुरुआत जसम जिला अध्यक्ष अरुणा ने करते हुए अतिथियों का परिचय, स्वागत और परिसंवाद की आवश्यकता बताई |
राज्य महासचिव प्रीति सिंह ने संचालन करते हुये कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी|
अतिथियों का स्वागत किया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मरियम ढबले जमस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विशेष वक्ता मधुगर्ग राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सहित मंच पर संध्या शैली राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, पारूल खान भारतीय महिला फेडरेशन, डॉ संघमित्रा बुद्धिस्ट महिला जागृति मंच, प्रभा गौर कुंजन सोसायटी मौजूद थी। परिसंवाद की अध्यक्षता अंजना कुररिया राज्य अध्यक्ष, राज्य उपाध्यक्ष कांता राजोरिया, अरुणा ने की।
परिसंवाद को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जमस की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मरियम ढवले ने कहा कि महिलाओं बड़ी लड़ाईयां लड़ी है और अपने हौंसलों के दम पर जीती भी हैं। सरकार महिला आरक्षण बिना शर्त नहीं देती है तो संघर्ष जारी रहेगा |
घरेलू हिंसा कानून के लिए भी बहनों को लम्बा संघर्ष करना पडा जीत हांसिल हुई |
जनवाद, समानता, नारी मुक्ति का अर्थ बताते हुये कहा कि इसे परिवार,समाज दोनों जगह स्थापित करना होगा।अपने सपनों को साकार करने के लिए हौंसलों के साथ आगे बढना होगा| जनवादी महिला समिति उन्हीं सपनों को साकार करने की लड़ाई लड़ रही है।
जमस नेत्री ने कहा कि जब पंचायतों में महिलाए पहुंची तो उन्हें बराबरी से बैठने तक नहीं दिया जाता था। लेकिन संघर्ष के कारण आज स्थिति बदल गई है। नगर निकायों में जहां महिलाओं की संख्या है वहां बेहतर काम हो रहे है। इसलिए हमें विधानसभा और लोकसभा में भी तेंतीस प्रतिशत आरक्षण से महिलाओ की स्थिति में ही नहीं समाज में भी बदलाव आयेगा |
विषय प्रवर्तन करते हुये जमस केंद्रीय कमेटी समदस्य संध्या शैली ने 33 प्रतिशत आरक्षण की लडाई के इतिहास के बारे बताया |
परिसंवाद में मप्र की इंचार्ज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधु गर्ग ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार हमें अधिकार नहीं देना चाहती। इसलिए वह रेवड़ी बाट रही है। स्कूल बंद करके शिक्षा से बाहर कर रही है। जब हम महिला आरक्षण की बात करते है तो वह विपक्षी पार्टियों को दोषी ठहराकर पल्ला झाड़ लेने की बात करती है। यही सरकार है जिसके पास पूर्ण बहुमत होते हुए भी यह महिला आरक्षण विधयक को पास नहीं कर पाई।
जमस महासचिव प्रीति सिंह ने महिला आरक्षण बारे मेझ प्रस्ताव पेश किया उसमे महिला संगठनो का दृष्टिकोण और मांगे
रखी
जिस पर अलग अलग जिले से आई महिलाओं ने चर्चा की। जिसमें प्रमुख जबलपुर की पूनम, ग्वालियर की कांता, नरसिंहपुर से लक्ष्मी प्रकाश बौद्ध, अजाक्स की निर्मला पाटिल, ज्ञान विज्ञान समिति की उपासना बेहार, के साथ भारतीय महिला फेडरेशन की पारुल खान शामिल है। चर्चा के बाद प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
कार्यक्रम में श्वेता ,उपासना ,बबिता,अरुणा जी ने जनवादी गीत गाये ।
कवियत्री रेनू गोस्वामी ने कविता प्रस्तुति की कार्यक्रम में सोसियल मीडिया में अपने व्यंग अभियन के जरिये धूम मचाने वाली
पुस्पा जिज्जी और पद्मा भी मौजूद थीं
राज्य अध्यक्ष अंजना कुररिया ने समापन करते हुये महिला आरक्षण के संघर्ष को और तेज करने के लिये मिल कर अभियान चलाने की जरुरत बताई अंत में
सभी का आभार जताया |
कार्यक्रम को समाप्त करने के बाद अम्बेडकर चौक तक एक रैली निकाल गई | जिसे मरियम जी ने संबोधित किया |
कार्यक्रम में वरिष्ठ नेत्री व संरक्षक शैला शुक्ला भी मौजूद रहीं
सहयोग
रजिस्ट्रेशन विजया ठाकुर
नाश्ता चाय, हाल व्यवस्था- मीनल, किरण खडसे,किरण राजपूत एसएफआई के साथी सोनू अभिषेक दीपक,
मीडिया सहयोग -उपेंद्र यादव, प्रियंका ने किया |