31/12/2020
ोहार
#गम्भीरता_से_सोंचो✍️
हमारा समाज आज किस दिशा में अग्रसर ही रहा है,, समाज सेवा तो मानो एक बहाना हो गया है,,
बड़ी ही विडम्बना वाली बात है ,,
👉हम सब निकले थे समाज सेवा करने ,,
पर आज क्या दशा हो गई है अपने समाज की , बड़े बड़े दिग्गज समाज के नेता भी आज अपने खुद के वर्सचव के लिए ,, अपनी पक्कड़ के लिए आज खुद के समाज के बारे में नही ,, सिर्फ अपनी प्रश्नली दुश्मनी के चक्कर में ,
आज सब युवाओं को गुमराह करने में कोई कसर नही छोड़ रहस्य है ,,
👉आप समाज सेवा करो या ना करो ,, हमे उससे कुछ भी नही लेना देना ,,
पर आप राजनीति जरूर करो,,
ओर हम लोगों को आप सिर्फ गाइड लाइन करते रहो ,,
हमे आज के दौर में नेताजी की जरूरत नहीं है हमे सिर्फ गाइड लाइन करने वाले कि जरूरत है ,,
नियम बानाओ ,, कानून व्यवस्था बानाओ ,,
आप सिर्फ रूल्स बानाओ ,, हम चलेंगे ,,
आप कोई भी हो पर होना चाहिये आदिवासी ,,
जो समाज का भला करेगा हम उसके साथ रहेंगे ,,
पर आप खुद राजनीति करते हो और ,, युवाओं को भी राजनीति करने का कहते हो ,,
साथ मे समाज सेवा भी ,, यह दोनों कैसे सम्भव है ,
चुनाव लड़ने वाला भी वही ,, नेता
समाज सेवा करने वाला भी वही नेता ,
चलो मान लिया आप अच्छा कर रहे हो ,,
गर जो युवा समाज सेवा कर रहा है ,,
वह अगर चुनाव हार गया तो ,, पार्टी चनाव नही हारेगी ,,
पूरा समाज चुनाव हार जाएगा
इसका जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा,,
पार्टी वालो को की समाज को ,,
👉आप अच्छे से जानते हो ,, हमारे समाज के तीन टुकड़े कर रखे हैं
राजनीति में 👉अन्य पार्टी
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कांग्रेस बीजेपी
यूवा क्या क्या करें,,
समाज सेवा करें कि राजनीति , ओर किसके आधार पर,,
जो समाज खुद की समाज में एकजुटता नही ला सकता उस समाज में,,
जहा की की जातिवाद -को अलग अलग बताते है
1-भील-
भील की उपजाति-भिलाला, पटेलिया , गोंड़, कोरकू, सहारिया, बैगा, आदि, आदि...?
पर 👉 ये सब कभी भी एक नही हो सकते है ,,
👉सब मे रोटी व्यवहार है ,, बेटी नही,,
ओर सब एक दूसरे की टांग खिंचते रहते है,, सब अपने आप को भील से उच्चा समझते है ,, ओर भील को निच्चा समझते हैं,,
पर ये सब गुण भील में नही है 👉भील कभी भी किसी भी जाति या समाज को छोटा या बड़ा नहीं मानता ,,
न जात पात को मानता है ,, उनके लिए तो सब समान हैं ,,
आज भी वही है जहां पहले था ,,
अगर किसी ने भील को बोल दिया कि तू यही रुकना में अभी जा कर आ रहा हूँ ,,
वह वही खड़ा रहेगा ,, जब तक नही आएगा तब तक उसका इंतजार करता रहेगा,
भील बहुत दयालु होता हैं ,, किसी पर भी विश्वास कर लेता हैं ,, कभी भी अपनी वाली नही चलाता है,,
वह आज भी सब को समान समझकर किसी पर भी विश्वास कर उसको आगे कर देता है,
ओर आज भी यही हो रहा है ,, भील आज भी चुप है ,,
सब कुछ अपने सामने हो रहा है और वह आज भी चुप चाप देख रहा है,,
वह आज भी यही समझता है कि मेरे आदिवासी समाज का भलाज़ हो ,,
वह आगे बड़े ,, पर उसके अपने ही लोग ,, चंद रुपयों के चक्कर में ,, आज भी अपने समाज को बैचने के लिए तैयार है,,
राजनीति का ऐसा चक्रव्यूह रचा की युवा पीढ़ी आज भी गुमराह हो गई हैं,,
👉राजनीति और समाज सेवा में जमीन आसमान का फर्क है,,
पर क्या करें,, ये वह दोगले लोग होते है जो दूसरों के इशारे पर काम करते है वह कभी भी समाज का भला नही कर सकते है ,,
वे सिर्फ समाज सेवा की चादर को ओढक़र ,, उसकी आड़ लेकर समाज को धोखा देकर कुछ भी कर सकते हैं ,,
वे खुद राजनीति में अपनी पक्कड़ मजबूत बनाते जा रहे है ,,
ओर
युवाओं को समाज सेवा का ढोंग रचकर ,, उनको आपस मे लड़ा रहे है ,,
वे खुद खुलकर राजनीति करते है ,, इर समाज सेवा में भी खुद को समाज को जागरूक करने वाले अपने आप को भगवान समझ बैठे हैं ,,
उनको यही लगता हैं कि मेरी वजह से ही आज युवा जागरूक हुआ है ,,
युवा पीढ़ी तो कब से जाग चुकी थी पर उनको कोई गाइड लाइन देने वाला नही था,,
जिसने गाइड लाइन दी वह खुद 👉जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ,, में जितने भी अधिकारी थे जिन्होंने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की उनको भी लात मारकर ,,
आज खुद को इतना मजबूत बता रहा है कि ,, आज अगर वह नही होता तो समाज कहि गटर में होता,,
मैं आज भी कहता हूँ कि समाज जाग कर भी आज भी पार्टियों की गुलामी की ओर अग्रसर हो रहा है,,
👉समाज सेवा तो एक बहाना बनाकर रह जायेगी,,
अब हम सब युवाओं को तय करना है✍️
अपने समाज को किस समाज सेवी के हाथ मे सोपे ,,
जो राजनीति को अपना पैसा नही ,, बल्कि समाज सेवा में
अपना भविष्यफल देखे,,
*जय जोहार*
*जय भीलराजा*
#जितेन्द्र_कुमार_भिलाला
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#मधुसुदनगढ_गुना_मध्यप्रदेश