02/09/2026
बिलासपुर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर मंथन
डीसी राहुल कुमार ने फोरलेन पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तेज करने के दिए निर्देश
बिलासपुर, 02 सितंबर: जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 92 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जबकि 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक 73 सड़क दुर्घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। वर्ष 2026 में दर्ज दुर्घटनाओं में फोरलेन क्षेत्र में 24, घुमारवीं क्षेत्र में 15 तथा सदर क्षेत्र में 12 दुर्घटनाएं सामने आई हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने एनएचएआई, संबंधित उपमंडल अधिकारियों तथा पुलिस विभाग को जिले में विशेष रूप से फोरलेन पर मुख्य ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
उन्होंने परिवहन विभाग को जिले में अधिक से अधिक सड़क सुरक्षा जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों, युवाओं, स्कूली विद्यार्थियों और आम लोगों को यातायात नियमों तथा सुरक्षित वाहन चलाने के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि फोरलेन क्षेत्र में पुलिस द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर इस वर्ष अब तक ओवर स्पीड के 63,265 चालान किए गए हैं। इसके अलावा बिना हेलमेट 13,206, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल के 1,215, बिना सीट बेल्ट 682, बिना ड्राइविंग लाइसेंस 730 तथा शराब पीकर वाहन चलाने के 179 चालान किए गए हैं। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्ती बढ़ाने तथा ओवर स्पीड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित की जानी चाहिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक पुलिस विभाग द्वारा कुल 90,232 चालान किए गए, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त आरटीओ बिलासपुर द्वारा अब तक 2,255 चालान किए गए हैं। इनमें ओवरलोडिंग, वाहन फिटनेस सहित विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामले शामिल हैं।
बैठक में सड़क दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता, उपयुक्त तैनाती, रिस्पांस टाइम तथा अस्पताल तक पहुंचने और मरीज के हैंडओवर टाइम को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की तैनाती और आपातकालीन सेवाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना के बाद घायलों को कम से कम समय में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।
डीसी राहुल कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग, प्रभावी प्रवर्तन, त्वरित आपातकालीन सेवाओं और व्यापक जन-जागरूकता सहित सभी स्तरों पर ठोस प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिले में सड़क सुरक्षा की नियमित समीक्षा करने, दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हर संभव कदम उठाने तथा आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिला में पीएम राहत योजना के तहत 85 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिला कैशलेस उपचार: डीसी
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिले में पीएम राहत योजना के तहत अब तक सड़क दुर्घटनाओं में घायल 85 पीड़ितों को निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की गई है। इनमें 13 महिलाएं, 76 पुरुष तथा 5 वर्ष से कम आयु का 1 बच्चा शामिल है।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा पीएम राहत (प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार) योजना लागू की गई है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ किसी भी सड़क पर मोटर वाहन से होने वाली दुर्घटना के सभी पीड़ितों को मिलेगा। योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद उपचार में होने वाली देरी को रोकना और पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना है।
उन्होंने बताया कि योजना को 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम अस्पताल की पहचान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी।
योजना के अंतर्गत सामान्य मामलों में दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 24 घंटे तथा गंभीर एवं जीवन-रक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मामलों में 48 घंटे तक तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को उपचार के लिए महत्वपूर्ण शुरुआती समय में आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करें तथा 112 हेल्पलाइन के माध्यम से आवश्यक आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठाकर दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
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