23/03/2026
#पत्रलेखन
पत्र लेखन एक ऐसी कला है जिसके सही उपयोग से आप हाथी को डेढ़ चाल और ऊंट को सीधा दौड़ा सकते हैं ,,,,
जेल में सजा काट रहे मि नटवर लाल को पिता ने चिट्ठी लिख अपना दुखड़ा रोया कि बेटा मेरे पास पैसे की बहुत तंगी है। 5 एकड़ खेत में आलू बोने है पर खेत जोतने तक पैसे नहीं है ,,,,
नटवर लाल को मालूम था मै जो भी पत्राचार करता हूं उसे जेल प्रशासन चेक करता है खोल कर पढ़ता भी है ,,,,,
सो उसने लिखा पिता श्री अभी खेत तरफ जाए भी मत खेत के नीचे मैने अपना माल असबाब छुपा रखा है फिर क्या ~ ?
प्रशासन चौकन्ना हो गया दूसरे दिन ट्रैक्टर बुलवा पूरे पांच एकड़ खोद डाले ,,,,
नटवर लाल का अगला पत्र था ~ पिताजी खेत जुत गई अब आप इत्मीनान से आलू बोये ,,,,
कोई खुशी खुशी अपना शहर नहीं छोड़ता पलायन आखिरी विकल्प रहता है और यही विकल्प था उस दंपति के पास और वो सपरिवार पड़ोस के शहर रहने चले गए ,,,,,
अब सवाल था बच्चों की शिक्षा का ~ हमारे शहर का निजी विद्यालय का कहना था TC तब मिलेगी जब रुपए 30 हजार पे करोगे ,,,,,,
दुबले को दो आषाढ़ अरे 30 हजार ही होते तो इसी शहर में ठेला खोंमचा न खोल लेते,,,,,
हर हमेशा की तरह निवेदन आता है एक नई पहल के पास और जिम्मेदारी लेती है हमारी गुड़िया (परिस्थिति वश उनका नाम नहीं लिख रहा) बहुत दौड़ धूप अनुनय विनय और आखिरी में समझौता की 15 हजार जमा कर दो काम हो जाएगा ,,,,,
15 हजार जमा करने के बाद स्कूल मैनेजमेंट का नकारात्मक रुख देख हमारी इस शिक्षित गुड़िया ने उपयोग किया अपनी पत्र लेखन विधा का,,,,,
विषय था राइट टू एजुकेशन शिक्षा का मौलिक अधिकार और आंग्ल भाषा की एक्सपर्ट इस गुड़िया का हिंदी पत्राचार देख मै स्वयं अभिभूत रह गया ,,,,,,,
एक एक शब्द स्वयं बोलता स्वयं को तौलता , नाप जोख सब बराबर और आखिर परिणाम ,,,,
2 माह से चप्पले घिसवा रहा मैनेजमेंट ~ समझ गया और ससम्मान TC मिल गई ,,,,,,,,,, सैल्यूट गुड़िया आपके पत्र मैने संभाल के रखे हैं एक नई पहल के लॉकर में ।
सादर अभिवादन
समाजिक सरोकार हेतु प्रतिबद्ध सेवा एक नई पहल।
22/3/2026