Madhav mujumdar

Madhav mujumdar सेवा साधना सत्संग

 #सेवा_एक_नई_पहल  #मानवीय_मूल्य_संबंध  #बिलासपूर
20/04/2026

#सेवा_एक_नई_पहल
#मानवीय_मूल्य_संबंध
#बिलासपूर

ट्रांसपोर्ट के माध्यम से पलंग साइड रेलिंग की सेवा (करगी रोड) कोटा के लिए रवाना 🙏🏻🙏🏻 #सेवा_एक_नई_पहल  #बिलासपूर  #मानवीय_...
04/04/2026

ट्रांसपोर्ट के माध्यम से पलंग साइड रेलिंग की सेवा (करगी रोड) कोटा के लिए रवाना 🙏🏻🙏🏻

#सेवा_एक_नई_पहल
#बिलासपूर
#मानवीय_मूल्य_संबंध

 #क्रेडिट           दो दो हॉस्पिटल बेड की सेवाएं देकर डेबिट हुए संस्था के गोडाउन को,,,,             शहर के एक संभ्रांत प...
30/03/2026

#क्रेडिट

दो दो हॉस्पिटल बेड की सेवाएं देकर डेबिट हुए संस्था के गोडाउन को,,,,
शहर के एक संभ्रांत परिवार के युवाओं से दो व्हील चेयर धन्यवाद में ग्रहण कर माधव जी ने क्रेडिट कर दिया।

सादर अभिवादन
हर समस्या का एक ही हल सेवा एक नई पहल।
29/3/2026

 #पत्रलेखन              पत्र लेखन एक ऐसी कला है जिसके सही उपयोग से आप हाथी को डेढ़ चाल और ऊंट को सीधा दौड़ा सकते हैं ,,,,...
23/03/2026

#पत्रलेखन

पत्र लेखन एक ऐसी कला है जिसके सही उपयोग से आप हाथी को डेढ़ चाल और ऊंट को सीधा दौड़ा सकते हैं ,,,,
जेल में सजा काट रहे मि नटवर लाल को पिता ने चिट्ठी लिख अपना दुखड़ा रोया कि बेटा मेरे पास पैसे की बहुत तंगी है। 5 एकड़ खेत में आलू बोने है पर खेत जोतने तक पैसे नहीं है ,,,,
नटवर लाल को मालूम था मै जो भी पत्राचार करता हूं उसे जेल प्रशासन चेक करता है खोल कर पढ़ता भी है ,,,,,
सो उसने लिखा पिता श्री अभी खेत तरफ जाए भी मत खेत के नीचे मैने अपना माल असबाब छुपा रखा है फिर क्या ~ ?
प्रशासन चौकन्ना हो गया दूसरे दिन ट्रैक्टर बुलवा पूरे पांच एकड़ खोद डाले ,,,,
नटवर लाल का अगला पत्र था ~ पिताजी खेत जुत गई अब आप इत्मीनान से आलू बोये ,,,,
कोई खुशी खुशी अपना शहर नहीं छोड़ता पलायन आखिरी विकल्प रहता है और यही विकल्प था उस दंपति के पास और वो सपरिवार पड़ोस के शहर रहने चले गए ,,,,,
अब सवाल था बच्चों की शिक्षा का ~ हमारे शहर का निजी विद्यालय का कहना था TC तब मिलेगी जब रुपए 30 हजार पे करोगे ,,,,,,
दुबले को दो आषाढ़ अरे 30 हजार ही होते तो इसी शहर में ठेला खोंमचा न खोल लेते,,,,,
हर हमेशा की तरह निवेदन आता है एक नई पहल के पास और जिम्मेदारी लेती है हमारी गुड़िया (परिस्थिति वश उनका नाम नहीं लिख रहा) बहुत दौड़ धूप अनुनय विनय और आखिरी में समझौता की 15 हजार जमा कर दो काम हो जाएगा ,,,,,
15 हजार जमा करने के बाद स्कूल मैनेजमेंट का नकारात्मक रुख देख हमारी इस शिक्षित गुड़िया ने उपयोग किया अपनी पत्र लेखन विधा का,,,,,
विषय था राइट टू एजुकेशन शिक्षा का मौलिक अधिकार और आंग्ल भाषा की एक्सपर्ट इस गुड़िया का हिंदी पत्राचार देख मै स्वयं अभिभूत रह गया ,,,,,,,
एक एक शब्द स्वयं बोलता स्वयं को तौलता , नाप जोख सब बराबर और आखिर परिणाम ,,,,
2 माह से चप्पले घिसवा रहा मैनेजमेंट ~ समझ गया और ससम्मान TC मिल गई ,,,,,,,,,, सैल्यूट गुड़िया आपके पत्र मैने संभाल के रखे हैं एक नई पहल के लॉकर में ।

सादर अभिवादन
समाजिक सरोकार हेतु प्रतिबद्ध सेवा एक नई पहल।
22/3/2026

 #गुरुत्व         अश्वत्थामा हतो: हत: सत्य वादी युधिष्ठिर जी के मुख से उक्त वचन सुन गुरु द्रोणाचार्य अपने हथियार एक तरफ ...
13/03/2026

#गुरुत्व

अश्वत्थामा हतो: हत: सत्य वादी युधिष्ठिर जी के मुख से उक्त वचन सुन गुरु द्रोणाचार्य अपने हथियार एक तरफ रख व्याकुल हो रथ से उतर गये ,,,,,,,
सभी काल खण्डों में हुए सभी गुरुओं में श्रेष्ठ गुरु द्रोणाचार्य जी क्या इतने अबोध थे कि अपने पराक्रमी पुत्र की मृत्यु पर सहज विश्वास कर लिया ,,,,
कुरुक्षेत्र का मैदान कितना भी विस्तृत होगा , क्या अपने सुसज्जित रथ से पुत्र तक पहुंचना उनके दुष्कर था,,,,,,
अपने दक्ष सैन्य घुड़सवार दौड़ा सकते थे इस कथन की पुष्टि के लिए पर उन्होंने सीधे सीधे शस्त्र ही रख दिए ,,,,,,,,
दर असल गुरु द्रोण ने वासुदेव के वचनो की लाज और अपने प्रिय शिष्य युधिष्ठिर के सिर पर सजा सत्यवादी का ताज बरकरार रखने के लिए आत्मोसर्ग कर दिया,,,,
सनातनी संतानों को पर हित का भाव माता पिता से प्रारंभिक संस्कारों में मिलता रहा है पर इस इस परहित कार की भावना को संस्थागत रूप दिया हमारे आध्यात्मिक गुरु व आर्ट ऑफ लिविंग परिवार बिलासपुर चेप्टर के वरिष्ठ प्रशिक्षक अजित सर जी ने,,,,,,
आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स के समापन दिवस पर सभी नव साधकों का एकत्रित हो ~ एक साथ मिलकर रिक्शा चालकों को चरण पादुकाएं व गमछे बांटना , जरूरत मंद रेल यात्रियों को निःशुल्क भोजन तथा सड़क किनारे बैठे मेहनत कशो को चिलचिलाती धूप में छाते प्रदाय करना यह अजित सर के ही सृजित सेवा प्रकल्प थे,,,,,
हम समस्त साधक गणों का इन विशिष्ट सेवाओं में निरंतर माध्यम बनना ही संस्था गत सेवा का प्रथम बीज प्रस्फुटन था जो आज सेवा एक नई पहल के रूप में एक विशाल वट वृक्ष का रूप के चुका है,,
यश नाम किसे अप्रिय है उपरोक्त सेवाएं देते अख़बारों व अन्य संचार माध्यमों में यश गान हम साधकों का होता रहा और हमारे साध्य हमारे गुरु नेपथ्य में बैठे देखते रहते,,,
विगत 20/25 वर्षों के आध्यात्मिक सफर में किसी ने अजित सर को अपने हाथों से एक मुठ्ठी अनाज किसी को देते सुना देखा है नहीं न,,,
कोरोना काल में इसी समर्पण प्रांगण में अनाज भंडार भरे थे सर चाहते तो स्वयं तराजू तसला उठा यश भागी बन जाते , अखबारी सुर्खियों में आ जाते, उनके पास पर्याप्त इम्युनिटी पावर भी था पर सारा श्रेय दे दिया एक नई पहल की सहयोगी संस्था हंगर फ्री बिलासपुर को यही तो गुरुत्व है गुरु तत्व है,,,,,
अजित सर के जन्म दिवस पर सेवा एक नई पहल के लिए आशीर्वाद ग्रहण करती संस्था की सदस्या टि्वंकल आडवाणी जी ।

जय गुरु देव
आर्ट ऑफ लिविंग परिवार बिलासपुर चेप्टर,,,,
13/मार्च/2026

#बिलासपूर
#मानवीय_मूल्य_संबंध
#सेवा_एक_नई_पहल

 #सेवा_एक_नई_पहल  #बिलासपूर  #मानवीय_मूल्य_संबंध
25/02/2026

#सेवा_एक_नई_पहल
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मंगला निवासी माताजी हेतु हॉस्पिटल बेड की सेवा प्रदान की गई । सेवा एक नई पहल २०/०२/२०२६ #मानवीय_मूल्य_संबंध  #सेवा_एक_नई_...
20/02/2026

मंगला निवासी माताजी हेतु हॉस्पिटल बेड की सेवा प्रदान की गई ।

सेवा एक नई पहल
२०/०२/२०२६
#मानवीय_मूल्य_संबंध
#सेवा_एक_नई_पहल
#बिलासपूर

 #सेवा_एक_नई_पहल  #सामाजिक_मूल्य_संबंध #बिलासपूर
18/02/2026

#सेवा_एक_नई_पहल
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जाणता राजा नाटक मे शिवाजी महाराज की भूमिका करने वाले(महाराष्ट्र मंडळ बिलासपुर के प्रांगण मे) श्री राहुल जी से सौजन्य भेट...
16/02/2026

जाणता राजा नाटक मे शिवाजी महाराज की भूमिका करने वाले(महाराष्ट्र मंडळ बिलासपुर के प्रांगण मे) श्री राहुल जी से सौजन्य भेट का आज अवसर प्राप्त हुआ.🚩
#शिवाजी
#जाणता_राजा
#पुलिसग्राऊंड
#बिलासपूर
#शिवजयंती

 #सेवा_एक_नई_पहल
09/02/2026

#सेवा_एक_नई_पहल

 #मानवता_का_अनमोल_उपहार:  ेवा_से_उपजी_कृतज्ञता "सेवा एक नई पहल" संस्था के माध्यम से हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है कि बि...
07/02/2026

#मानवता_का_अनमोल_उपहार:
ेवा_से_उपजी_कृतज्ञता

"सेवा एक नई पहल" संस्था के माध्यम से हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है कि बिलासपुर के किसी भी जरूरतमंद परिवार को संसाधनों की कमी न खले। इसी कड़ी में पिछले दिनों हमारे साथ एक ऐसी सुखद घटना घटी, जिसने हमें यह अहसास कराया कि इंसानियत आज भी जीवित है और नेक काम की गूंज बहुत दूर तक जाती है।

एक छोटा सा सहयोग और एक बड़ा दिल:

कुछ समय पहले एक मरीज के परिजन हमसे मिले थे। उन्हें अस्पताल के बिस्तर (Hospital Bed) की सख्त जरूरत थी। संस्था ने उन्हें एक पुराना बेड उपलब्ध कराया। वह बिस्तर निजी दान से प्राप्त हुआ था, इसलिए पुराना होने के कारण उसमें कुछ जगह जंग लगा हुआ था। उस समय परिवार की प्राथमिकता मरीज की देखभाल थी, इसलिए वे उसे वैसे ही ले गए।

मिसाल बनी कृतज्ञता:

पिछले सप्ताह जब उस परिवार का काम पूरा हुआ और उन्होंने वह बेड संस्था को वापस लौटाया, तो हम उसे देखकर हैरान रह गए! वह बेड अब पुराना या जंग लगा हुआ नहीं दिख रहा था। उस परिवार ने न केवल उसकी पूरी ओवरहॉलिंग और मरम्मत करवाई, बल्कि उसे चमकदार सफेद पेंट करवाकर बिल्कुल नया जैसा बना दिया।

साझा दर्द और साझा जिम्मेदारी:

जब हमने उनसे इस बारे में बात की, तो उनका जवाब दिल छू लेने वाला था। उन्होंने कहा— "जब हमारे घर में बीमारी का संकट था, तब इस बेड ने हमें बड़ी राहत दी। अब जब हम इसे वापस कर रहे हैं, तो हम चाहते हैं कि यह जिस भी अगले जरूरतमंद के घर जाए, उन्हें इसे देखकर खुशी और सकारात्मकता महसूस हो।"

आभार:

संस्था उस परिवार की इस सोच को नमन करती है। उन्होंने साबित कर दिया कि मदद केवल पैसे से नहीं, बल्कि सही नीयत और दूसरों के प्रति संवेदना से भी की जा सकती है। आपने बेड को नया नहीं बनाया, बल्कि समाज की उम्मीदों में एक नया रंग भर दिया है।
सेवा की यह यात्रा आप सभी के सहयोग से निरंतर जारी रहेगी।

सादर,

सेवा एक नई पहल,
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

संबल और स्वाभिमान की एक नई कहानी'सेवा एक नई पहल' संस्था का मूल उद्देश्य समाज के उन जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना है, जिन्हे...
05/02/2026

संबल और स्वाभिमान की एक नई कहानी

'सेवा एक नई पहल' संस्था का मूल उद्देश्य समाज के उन जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना है, जिन्हें एक छोटे से सहयोग की तलाश है। इसी कड़ी में आज संस्था द्वारा एक दुर्घटना ग्रसित की सहायता हेतु उन्हें 'व्हीलचेयर' उपलब्ध कराई गई।

संस्था की कार्य-प्रणाली पूर्णतः पारदर्शिता पर आधारित है। भेंट के दौरान जब हमने उन्हें सूचित किया कि व्हीलचेयर में आंशिक मरम्मत (Repairing) की आवश्यकता है, तो उन्होंने बड़े ही हौसले और आत्मविश्वास के साथ कहा— "कोई बात नहीं, इसे मैं स्वयं ठीक करा लूँगा।" उनकी यह सकारात्मकता हमें यह अहसास दिलाती है कि जब हम किसी की ओर मदद का हाथ बढ़ाते हैं, तो उनका आत्म-सम्मान और भी बढ़ जाता है। हमें गर्व है कि हम ऐसे कर्मठ व्यक्तियों के साथी बन पा रहे हैं।

'सेवा एक नई पहल' इसी समर्पण के साथ 'हर दिन हर पल' सेवा के पथ पर अग्रसर है। इस पुनीत कार्य में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी साथियों का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं।
सहयोग हेतु सदैव तत्पर,

सेवा एक नई पहल

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