31/07/2026
प्रदेश में पहली बार: 1 सितंबर से शुरू होगा 'मिशन दृष्टि बिलासपुर'
****8 वर्ष से कम आयु के बच्चों में दृष्टि दोष की समय रहते होगी पहचान, स्थायी दृष्टि हानि रोकना है उद्देश्य : उपायुक्त राहुल कुमार
बिलासपुर, 30 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में पहली बार जिला प्रशासन बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 'मिशन दृष्टि बिलासपुर' नामक जिला स्तरीय व्यापक दृष्टि जांच अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों सहित समाज के विभिन्न वर्गों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह अभियान अस्पताल आधारित उपचार प्रणाली से आगे बढ़कर रोकथाम आधारित सामुदायिक स्वास्थ्य मॉडल पर आधारित है। इसका मुख्य लक्ष्य विशेषकर कम आयु के बच्चों में दृष्टि दोष का प्रारंभिक चरण में पता लगाकर स्थायी दृष्टि हानि को रोकना है।
उन्होंने बताया कि अभियान का प्रथम चरण 1 सितंबर 2026 से सितंबर 2027 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की प्रशिक्षित टीमें जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा 1,111 आंगनवाड़ी केंद्रों में चरणबद्ध तरीके से दृष्टि जांच करेंगी।
जिले में कुल 782 विद्यालय हैं, जिनमें 116 वरिष्ठ माध्यमिक, 58 उच्च, 82 माध्यमिक तथा 526 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। अभियान के तहत सभी स्कूली बच्चों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की दृष्टि जांच की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान में 8 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यही दृष्टि विकास का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यदि इस अवधि में अपवर्तक दोष (Refractive Error), भेंगापन (Squint) अथवा एम्ब्लायोपिया (Lazy Eye) जैसी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार नहीं हो पाता, तो आगे चलकर स्थायी दृष्टि हानि हो सकती है, जिसे बाद में चश्मे या सर्जरी से भी पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के माध्यम से दो अत्याधुनिक ऑटो रिफ्रैक्टर मशीनें स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाई हैं। ये कंप्यूटरीकृत पोर्टेबल मशीनें कुछ ही सेकंड में आंखों की जांच कर निकट दृष्टि दोष (Myopia), दूर दृष्टि दोष (Hyperopia) तथा Astigmatism जैसी समस्याओं की सटीक पहचान करने में सक्षम हैं। इनका उपयोग विद्यालयों और विशेष जांच शिविरों में किया जाएगा।
जांच के दौरान जिन बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई जाएगी, उन्हें स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास भेजा जाएगा। पात्र बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार निःशुल्क चश्मे भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि अभियान के द्वितीय चरण में वरिष्ठ नागरिकों, व्यावसायिक वाहन चालकों, औद्योगिक श्रमिकों, पुलिस एवं होमगार्ड जवानों, वन एवं राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों तथा दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की भी दृष्टि जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जिले का डिजिटल आई हेल्थ डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा, जिसमें जांच, रेफरल, उपचार तथा चश्मा वितरण से संबंधित सभी जानकारी दर्ज होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'मिशन दृष्टि बिलासपुर' न केवल प्रदेश में निवारक नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का नया मॉडल स्थापित करेगा, बल्कि बिलासपुर को हिमाचल प्रदेश का पहला ऐसा जिला बनाएगा, जहां जिला स्तर पर व्यापक दृष्टि जांच अभियान संचालित किया जाएगा