Dhanpal meena

Dhanpal meena भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता

18/02/2026

जय जौहर जय संविधान

03/12/2024

*कड़वा है मगर सत्य है, एक बार अवश्य पढ़ें*👇🏻

*रिटायरमेंट के बाद सेवानिवृत्त सचिव (IAS) राजीव यदुवंशी का आत्मबोध लेख।*

> रिटायरमेंट के बाद यह मेरी पहली दिवाली थी। मेरे मन में उन सभी वर्षों की यादें ताज़ा हो गईं, जो मैंने सेवा में बिताए थे। खासतौर पर वरिष्ठ पदों पर रहते हुए। दिवाली से एक हफ़्ते पहले, लोग तरह-तरह के उपहार लेकर आना शुरू कर देते थे। उपहार इतने ज़्यादा होते थे कि जिस कमरे में हम सारा सामान रखते थे, वह किसी उपहार की दुकान जैसा लगता था। कुछ चीज़ों को लोग घृणा भरी नज़रों से देखते थे और उन्हें हमारे अनजान रिश्तेदारों को देने के लिए अलग रख देते थे। सूखे मेवे इतने ज़्यादा होते थे कि अपने रिश्तेदारों और दोस्तों में बाँटने के बाद भी बहुत सारे बच जाते थे। लेकिन इस बार, स्थिति बिल्कुल अलग थी। दोपहर के 2 बज चुके थे, लेकिन कोई भी हमें दिवाली की शुभकामना देने नहीं आया था। मैं अचानक भाग्य के इस उलटफेर से बहुत ही उदास महसूस कर रहा था। अपनी इस सोच से बचते हुये मैंने एक अख़बार का आध्यात्मिकता वाला कॉलम पढ़ना शुरू कर दिया।

*सौभाग्य से, मुझे एक दिलचस्प कहानी मिली। यह जो एक गधे के बारे में थी। जो पूजा समारोह के लिए देवी-देवताओं की मूर्तियों को अपनी पीठ पर लाद कर ले जा रहा था। रास्ते में जब वह गांवों से गुजरता तो लोग मूर्तियों के आगे सिर झुकाते। हर गांव में पूजा-अर्चना के लिए भीड़ जुटती। गधे को लगने लगा कि गांव वाले उसे प्रणाम कर रहे हैं और वह इस सम्मान और आदर से रोमांचित ही हो उठा।*

> मूर्तियों को पूजा स्थल पर छोड़ने के बाद गधे के मालिक ने उस पर सब्जियां लाद दी और वे वापसी की यात्रा पर निकल पड़े। इस बार गधे पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। वह अल्पज्ञानी जानवर इतना निराश हुआ कि उसने गांव वालों का ध्यान खींचने के लिए बार-बार रेंकना शुरू कर दिया। शोर से वे लोग चिढ़ गए और उन्होंने उस बेचारे प्राणी को पीटना शुरू कर दिया, जिसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसने ऐसा क्या किया कि उसे इतना क्रूर व्यवहार झेलना पड़ा है। अचानक मुझे बोध हुआ कि वास्तव में, मैं भी इस गधे जैसा ही था। सम्मान और आदर के वे सारे उपहार मेरे लिए नहीं थे बल्कि मेरे ऊपर लदी उन मूर्तियों को थे। अब जब मुझे इस सच्चाई का बोध हुआ तो मैं मेहमानों का इंतजार करने के बजाए मैंने दिवाली मनाने में अपनी पत्नी के साथ शामिल होना चाहा, लेकिन वो भी मुझे साथ लेने के मूड में नहीं थी। उसने तीखा जवाब दिया: 'जब मैं इतने सालों से कहती रही कि तुम गधे के अलावा कुछ नहीं हो, तो तुमने कभी नहीं माना। पर आज एक अखबार में छपी खबर ने सच्चाई उजागर कर दी तो तुमने उसे तुरंत स्वीकार कर लिया।

*_इसलिए समय रहते अपनी पद-प्रतिष्ठा के साथ–साथ समाज के लिए भी लिखना, बोलना और सहयोग करना सीख जायें वर्ना गधे जैसे हालात होंगे।_* 🙏🏻😊

> *सारांश: जो व्यक्ति अपनी नौकरी के दौरान, अपने पद को देख, जरूरत से ज्यादा फड़फड़ाने की कोशिश में रहता है और मौका-बेमौका लोगों को धौंस दिखाता होता है, उसका सेवानिवृत्ति उपरांत ज्यादातर यही हाल होता है। आगे उसका जिन्दगी में जब भी किसी भुक्तभोगी व्यक्ति से वास्ता पड़ता है तो वे भी कभी मौका नहीं चूकते। वे व्यक्ति भी उसकी सरेआम खूब धुलाई करते हैं। इन्सान का सरल स्वभाव ही इन्सानी जिन्दगी को सरल और सफल बनाता हैं।

22/03/2024
29/12/2023

आज भारतीय किसान यूनियन (अन्नदाता ) संगठन के समस्त पदाधिकारी ने सिकंदराबाद टोल प्लाजा पर फूलमालाओं से व नोटों की मालाओं से राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश मीणा जी का, जोरदार स्वागत किया

आज भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता संगठन श्री महेश मीणा राष्ट्रीय अध्यक्ष , मेरठ टोल प्लाजा पर फूलमालाओं से नोटों की मालाओं से जोरदार स्वागत किया भारतीय किसान यूनियन संगठन के पदाधिकारी ने टोल प्लाजा मैनेजर को 2024 नए साल की शुभकामनाएं दी किसान यूनियन की शील्ड देकर आदि टोल प्लाजा कर्मचारियों का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महेश मीणा जी का कहना है कि भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता संगठन भारतवर्ष में जितने भी टोल प्लाजा है सभी अधिकारियों का फूल मालाओं से स्वागत करते हैं स्वागत करते हैं टोल प्लाजा पर जो भी अधिकारी कार्य कर रहे हैं वह भी हमारे भाई हैं और किसानों के बेटे हैं पूरे भारत में हमारे भारतीय किसान यूनियन की गाड़ी टोल पर फ्री जा रही है राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश मीणा जी का कहना है टोल कर्मियों का सम्मान किया जाए कहीं कोई भी दिक्कत आ रही है तो पहले राष्ट्रीय कार्यालय फोन करें हर समस्या का समाधान किया जाएगा लड़ाई झगड़े से कोई भी समस्या हल नहीं होती है प्यार मोहब्बत से सारे काम होते हैं हमारे साथ मौजूद पदाधिकारी महेश मीणा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेपाल सिंह मीणा राष्ट्रीय मंत्री, श्रीमती कंचन पत्रकार राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा नीटू सिरोही भारतीय किसान संघ सुनील शर्मा राष्ट्रीय प्रभारी , महाराज सिंह उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव चौधरी उत्तर प्रदेश मंत्री रूप किशोर गोयल जिला उपाध्यक्ष, नेपाल मीणा राष्ट्रीय महामंत्री भारतीय किसान यूनियन पत्रकारों का भी सम्मान करते हैं जिन्होंने अपना कीमती समय देकर किसानों के हर मुद्दे को लेकर हर समस्या को लेकर खबर निकलते हैं हमारी तरफ से बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं पत्रकार भाइयों के लिए आदि बहुत से कार्यकर्ता मौजूद रहे जय जवान जय किसान

Jai Johar
29/12/2023

Jai Johar

#सामाजिकसमाचार

29/12/2023

Jai Jawan Jai Kishan

16/09/2023

Jai Johar

14/05/2023

*कविता शीर्षक*
*मां की ममता*
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

निजधर्म को छोड़ छाड़ के, फंसा गलत इरादों में।
चंद्रमा की शीतल छाया, मिले नहीं इन तारों में।।
सहोदर का साथ छोड़कर, गया गैर इशारों में।
माँ की ममता नहीं मिलेगी, इन ठगी बाजारों में।।।

पर नारी के वशीभूत में, भेद किया परिवारों में।
अलगाना विष घोल दिया है, नर तुने संतानों में।।
घर का भोजन कड़वा लागे, खड़ा चरे दुकानों में।
माँ की ममता नहीं मिलेगी, इन ठगी बाजारों में।।।

गाँव छोड़कर शहर भगा तू, डूबा झुठे सपनों में।
मक्कारी संगत चलके, खोया भरोसा अपनों में।।
मानवता को मार दिया तू, जिया गलत विचारो में।
माँ की ममता नहीं मिलेगी, इन ठगी बाजारों में।।।

नए दौर के चाल चलन ने, बांट दिया इंसानों में।
भूख प्यास से मरे आदमी, खाना बटे श्वानो में।।
काया मनकी भटके, ना मिलती तीज त्योहारों में।
माँ की ममता नहीं मिलेगी, इन ठगी बाजारों में।।।

माता पिता को छोड़ दिया है, तूने वर्धा आश्रमों में।
संतो की संगत को, चट कर गई धूल शास्त्रों में।।
तेरा रस्ता ताक रही है, दुर्जन गली गलियारों में।
माँ की ममता नहीं मिलेगी इन ठगी बाजारों में।।।

*रचनाकार*
*आशाराम मीणा*
*उप प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक कोटा (राजस्थान)*

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