14/03/2025
अब की बरस फिर वही मलाल रह गया,।
मेरे हाथों में तेरे नाम का गुलाल रह गया..।। मेरे दोस्त मेरे हमदम मेरे जाने ए जिगर मेरे दिल का टुकड़ा ।तुम से पूरे गांव की होली अच्छी लगती थी और अब तुम नही जो तो तुम्हारे बिना मै किससे होली खेलु।ये होली भी तुम्हारे बिना बेकार है।