Kolhan Nitir Turtung- KNT"

Kolhan Nitir Turtung- KNT" सन 2020 से युवाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार सम्बंधित मार्गदर्शन हेतू
रजि.सं.-47/2023-24

12/02/2026

चक्रधरपुर स्थित कोल्हान नितिर तुरतुंग में हुईं फ़िल्म स्क्रीनिंग

कोल्हान नितिर तुरतुंग के चक्रधरपुर केंद्र में हुआ खास फिल्म प्रदर्शन: आदिवासी संस्कृति और धरती की कहानियां जीवंत हुईंचक्...
11/02/2026

कोल्हान नितिर तुरतुंग के चक्रधरपुर केंद्र में हुआ खास फिल्म प्रदर्शन: आदिवासी संस्कृति और धरती की कहानियां जीवंत हुईं

चक्रधरपुर (11 फरवरी 2026): आज बुधवार को चक्रधरपुर के टिकरचम्पी इलाके में स्थित कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT) अध्ययन केंद्र एवं सगोम लाइब्रेरी में एक बहुत ही खूबसूरत और अर्थपूर्ण कार्यक्रम हुआ। टाटा स्टील के सहयोग से चल रहे "समुदाय के साथ" कार्यक्रम के तहत यहां विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में हो और मुंडा जनजातियों की पुरानी लोक कथाओं को आधार बनाकर बनी फिल्में दिखाई गईं। खास तौर पर दिखाई गई एक कहानी में धरती की उत्पत्ति और मानव जीवन की शुरुआत के बारे में बहुत ही सुंदर तरीके से बताया गया। साथ ही 'रिदम ऑफ अर्थ' नाम का गाना (कुड़ुख, हो, संथाल व मुण्डा भाषा में) भी दिखाया गया, जो प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को दर्शाता है।इसके अलावा संथाली भाषा में बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'पपीता' (Papaya) और हो साहित्य की संस्कृति व महत्व को बताने वाली एक और डॉक्यूमेंट्री भी स्क्रीन की गई। ये फिल्में आदिवासी समुदाय की परंपराओं, विश्वासों और जीवनशैली को बहुत ही सरल और प्रभावशाली ढंग से पेश करती हैं।

स्क्रीनिंग के दौरान कोल्हान नितिर तुरतुंग के छात्र-छात्राएं बहुत उत्साह से देख रहे थे। वे बीच-बीच में सवाल भी पूछ रहे थे और अपनी राय भी रख रहे थे। बच्चों का यह उत्साह देखकर सब बहुत खुश हुए।

कार्यक्रम में मौजूद कोल्हान नितिर तुरतुंग के अध्यक्ष माझीराम जामुदा ने टाटा स्टील को दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि "समुदाय के साथ" जैसे कार्यक्रम से हर समुदाय तक अच्छी बातें पहुंच रही हैं, यह बहुत सराहनीय है।

महासचिव प्रेम सिंह डांगिल ने भी कहा कि ऐसी फिल्में देखने से समाज में जागरूकता बढ़ती है और अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना मजबूत होती है।

इस पूरे कार्यक्रम को बहुत ही अच्छे ढंग से रबिन्द्र गिलुवा ने होस्ट किया।

मौके पर ये लोग खास तौर पर कोल्हान नितिर तुरतुंग के अध्यक्ष माझीराम जामुदा, महासचिव प्रेम सिंह डांगिल, कार्यालय सचिव हेमन्त सामड, सदस्य रबिन्द्र गिलुवा और मदन बोदरा, टाटा स्टील की ओर से प्रवीन टुडू और अंजू गागराई, संस्थान के शिक्षक गौतम गागराई व सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।

ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ मनोरंजन करते हैं, बल्कि आदिवासी समुदाय की समृद्ध संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी बहुत मदद करते हैं। आज का यह आयोजन इसी दिशा में एक बेहतरीन कदम रहा।

आज मध्य विद्यालय आसनपाठ (मझगांव प्रखंड, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड) में वार्षिक खेलकूद का भव्य आयोजन हुआ। यह सरकारी विद्यालय...
23/01/2026

आज मध्य विद्यालय आसनपाठ (मझगांव प्रखंड, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड) में वार्षिक खेलकूद का भव्य आयोजन हुआ।

यह सरकारी विद्यालय शिक्षक श्री विमल किशोर बोईपाई के समर्पण से किसी प्रतिष्ठित निजी स्कूल से कम नहीं रहा है, जहां शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां और कौशल विकास (साइकिल रिपेयरिंग, झाड़ू बनाना, पत्ता प्लेट बनाना आदि) पर विशेष जोर है।

कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT) के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्री विमल किशोर बोईपाई के निमंत्रण पर अध्यक्ष श्री माझीराम जामुदा, महासचिव श्री प्रेम सिंह डांगिल और कार्यकारिणी सदस्य रबिन्द्र गिलुवा पहुंचे। गांव वालों ने हो पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज से स्वागत —पैर धोकर, स्वागत नृत्य और फूलों के गुलदस्ते व बेज से किया।

अध्यक्ष श्री माझीराम जामुदा ने रिबन काटकर कार्यक्रम शुरू किया। बच्चों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं कीं, परेड, ड्रिल, बॉक्सिंग, काराटे, योगा और पिरामिड प्रदर्शन किया। KNT पदाधिकारियों ने विजेताओं को मेडल, प्रमाण-पत्र और ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया।सिंहभूम सांसद जोबा माझी और मझगांव विधायक निरल पुरती भी शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर पर माल्यार्पण किया।महासचिव श्री

प्रेम सिंह डांगिल ने भाषण में बच्चों और अभिभावकों को बताया कि खेल से शारीरिक स्वास्थ्य, नियमित पढ़ाई से ज्ञान और अनुशासन से समाज में सम्मानजनक पहचान मिलती है। उन्होंने प्रेरित किया कि मेहनत और अनुशासन से जीवन में ऊंचाइयां छुई जा सकती हैं।

अध्यक्ष श्री माझीराम जामुदा ने KNT के कार्यों—निःशुल्क अध्ययन केंद्र, लाइब्रेरी, करियर काउंसलिंग, JPSC/SSC सफल अभ्यर्थियों का सम्मान, रक्तदान शिविर आदि—के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरियों की तैयारी, कौशल विकास और उद्यमिता के रास्ते सुझाए।

यह आयोजन शिक्षा, संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक विकास का प्रेरक उदाहरण बना।

सभी बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों को बधाई!

कोल्हान नितिर तुरतुंग चाईबासा केंद्र का वार्षिक पिकनिक सह कौशल प्रोत्साहन कार्यक्रमस्थान: हरिबेड़ादिनांक: 22 जनवरी 2026सं...
23/01/2026

कोल्हान नितिर तुरतुंग चाईबासा केंद्र का वार्षिक पिकनिक सह कौशल प्रोत्साहन कार्यक्रम
स्थान: हरिबेड़ा
दिनांक: 22 जनवरी 2026
संस्था: कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT), चाईबासा

कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT),​चाईबासा:- कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT) चाईबासा केंद्र द्वारा कल हरिबेड़ा के मनोरम वातावरण में वार्षिक पिकनिक का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधन समिति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

​प्रमुख गतिविधियाँ और उद्देश्य
​पिकनिक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक और शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ उनमें टीम वर्क, सहभागिता, आपसी विश्वास और सांस्कृतिक संस्कारों को सुदृढ़ करना था। इस दौरान विभिन्न खेल-कूद और नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी छिपी हुई प्रतिभा और क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया।

​वरिष्ठ सलाहकारों की गरिमामयी उपस्थिति
​कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार श्री तुरी सुंडी जी एवं श्रीमती राजेश्वरी जी, तथा श्री विश्वजीत दोराई बुरू एवं श्रीमती ज्योति जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी जीवनसंगिनियों के साथ कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

​पुरस्कार वितरण एवं प्रोत्साहन
​सलाहकार सदस्यों के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि KNT के विद्यार्थियों के अनुशासन और संस्कार निश्चित रूप से पूरे कोल्हान क्षेत्र में एक मिसाल पेश करेंगे।


​कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक चंदन बोइपाई एवं KNT के सभी शिक्षक गणों और स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में, सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।

📢 Opportunity Alert! | Indian Knowledge Systems (IKS) InternshipThe Indian Knowledge Systems (IKS) Division, Ministry of...
21/01/2026

📢 Opportunity Alert! | Indian Knowledge Systems (IKS) Internship

The Indian Knowledge Systems (IKS) Division, Ministry of Education, Government of India, invites applications for the IKS Institutional Internship 🏛️

✨ This internship aims to inspire youth to explore and engage in in-depth research on Indian Knowledge Systems in Bharatiya Bhashas, offering valuable opportunities to contribute to active research during summer breaks or throughout the year.

🗓 Last date to apply: 30 January 2026

🔗 Apply here: https://iksindia.org/iks-institutional-internship.php

📚✨ Students and researchers passionate about India’s rich knowledge traditions are encouraged to apply!

मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का स्थापना दिवसमणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा (21 जनवरी) के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री एवं अन्य...
21/01/2026

मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का स्थापना दिवस

मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा (21 जनवरी) के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री एवं अन्य नेताओं द्वारा तीनों पूर्वोत्तर राज्यों की परंपराओं और संस्कृति की प्रशंसा की गई।

21 जनवरी, 1972 को पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 के तहत तीनों राज्यों को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।

प्रमुख बिंदु

मणिपुर का भारत में विलय:

15 अगस्त, 1947 से पहले शांतिपूर्ण वार्ता के ज़रिये ऐसे लगभग सभी राज्यों, जिनकी सीमाएँ भारतीय संघ के साथ लगती थीं, को विलय हेतु एकजुट कर लिया गया था।
अधिकांश राज्यों के शासकों ने ‘परिग्रहण के साधन (Instrument of Accession)’ नामक एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किये, जिसका अर्थ था कि उनका राज्य भारत संघ का हिस्सा बनने के लिये सहमत है।
आज़ादी से कुछ समय पूर्व मणिपुर के महाराजा बोधचंद्र सिंह ने मणिपुर की आंतरिक स्वायत्तता को बनाए रखने के लिये विलयपत्र पर हस्ताक्षर किये थे।
जनमत के दबाव में, महाराजा ने जून 1948 में मणिपुर में चुनाव कराए और राज्य एक संवैधानिक राजतंत्र बन गया। इस प्रकार मणिपुर चुनाव कराने वाला भारत का पहला भाग था।
मणिपुर की विधान सभा में भारत के साथ विलय को लेकर अत्यधिक मतभेद थे। भारत सरकार ने सितंबर 1949 में मणिपुर की विधान सभा के परामर्श के बिना एक विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराने में सफलता प्राप्त की थी।

त्रिपुरा का भारत में विलय:

15 नवंबर, 1949 को भारतीय संघ में विलय होने तक त्रिपुरा एक रियासत थी।
17 मई, 1947 को त्रिपुरा के अंतिम महाराजा बीर बिक्रम सिंह के निधन के पश्चात् महारानी कंचनप्रभा (महाराजा बीर बिक्रम की पत्नी) ने त्रिपुरा राज्य का प्रतिनिधित्व संभाला।
भारतीय संघ में त्रिपुरा राज्य के विलय में उन्होंने सहायक की भूमिका निभाई थी।

मेघालय का भारत में विलय:

वर्ष 1947 में गारो एवं खासी क्षेत्र के शासकों ने भारतीय संघ में प्रवेश किया।
मेघालय, भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित एक छोटा पहाड़ी राज्य है जो 2 अप्रैल, 1970 को असम राज्य के भीतर एक स्वायत्त राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
वर्ष 1972 में व्यापक बदलाव:
वर्ष 1972 में पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक मानचित्र में व्यापक परिवर्तन आया।
इस तरह दो केंद्रशासित प्रदेश मणिपुर और त्रिपुरा एवं उपराज्य मेघालय को राज्य का दर्जा मिला।

स्रोत: पी.आई.बी.
: दृष्टि आइएएस





दिनांक 20-01-2026 के दिन समय 11:00 बजे *कमांडेड श्री *आनंद जेराई सर* ( *CRPF HQ Ranchi* ) द्वारा अपने अन्य कमांडेड के सा...
21/01/2026

दिनांक 20-01-2026 के दिन समय 11:00 बजे *कमांडेड श्री *आनंद जेराई सर* ( *CRPF HQ Ranchi* ) द्वारा अपने अन्य कमांडेड के साथ KNT चाईबासा का निरक्षण किया गया तथा सेल्फ स्टडी कर रहे विद्यार्थियों के साथ अपना समय साझा करते हुए तैयारी को और बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए आगामी परीक्षाओं में सफलता की कामना की।

कीमती समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर।

श्री ज्ञान सिंह दोराईबुरु सर की सकारात्मक पहल पर  टाटा स्टील,नोवामुंडी के सौजन्य से Kolhan Nitir Turtung- KNT" चाईबासा म...
21/01/2026

श्री ज्ञान सिंह दोराईबुरु सर की सकारात्मक पहल पर टाटा स्टील,नोवामुंडी के सौजन्य से Kolhan Nitir Turtung- KNT" चाईबासा में श्री तुरी सुंडी सर के मार्गदर्शन में कम्प्यूटर इंस्टॉल किया गया।।







20/01/2026

Address

Chaibsa
Chaibasa
833201

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Telephone

+919162559989

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kolhan Nitir Turtung- KNT" posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Kolhan Nitir Turtung- KNT":

Share

Category