14/02/2024
बहोत सारे प्रबंधन के बाऊजुद भी स्कुल के एक्झाम चलते समय कॉपी कीस कीस तराह से की जाती है भले भले प्रोफेसर का भी दिमाग चकरा जाता है। और अगर कॉपी करना सिस्टीम काही भाग हो तो कौई क्या ढुंडे???
वैसेही ईव्हीएम का खेल है देखणे मे तो सब सही लगता है पर फिर भी धांदली की आशंका दीखती है। होता ऐसा होगा ईव्हीएम और व्हीव्हीपॅट को अलग अलग किये जाता है जब किसींकी सही डेटा और धांदली कीया हू सब मास्टर लोगोंके पास होता होगा जब भी कोई शिकायत आ जाये तो मॅन्युल्पेटेड व्हीव्हीपॅट बादमे पहोच जाता है और ईव्हीएम के हिसाब से गिणती सही निकलती है तो हारने वाला कँडीदेट हार मान जाता है।... इसलीये
१) आनेवाले चुनावो व्हीव्हीपॅट ईव्हीएम के साथ किसीं खास सिक्युरिटी और मौजुद अफसर और सभी कँडीदडेट हस्ताक्षर से हर कोना सील हो जाना जरुरी है।
२) व्हीव्हीपॅट से परची बाहर निकले और वो किसीं दुसरे बॉक्स मे जीसमे प्रिंटिंग या कोई सुविधा ना हो बिना कोई इलेक्ट्रॉनिक सिर्फ साधे डालने के अनुमती होनी चाहीये।
३) ईव्हीएम गल्त नहीं है पर ऊसका ईस्तेमाल गलत ना हो इसलीये ट्रान्सपोर्टेशन रखवाली अंडर कॅमेरा होनी चाहीये जहाँ रखते है वहा सिर्फ चोरोंको जानेकीं आझादी है पर कोई कँडीडेट नही जा सकता उस्को सौ-डेडसौ मीटर पहले ही बॅन रहता है। एक मिनिट भी कॅमेरा बंद नही होना चाहीये।