28/08/2026
मणिमहेश यात्रा मार्ग को बहाल करने में PWD ने झोंकी पूरी ताकत
100 से अधिक कर्मचारी दिन-रात डटे, एसडीओ संजीव कुमार, जूनियर इंजीनियर बिजेंद्र और धनीराम की अगुवाई में कठिन हालात के बीच तैयार हुआ सड़क मार्ग
रविवार को हुई बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन से मणिमहेश यात्रा मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कुछ हिस्सों में नए सिरे से सड़क का निर्माण करना पड़ा। ऐसे मुश्किल हालात में लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर मोर्चा संभालते हुए यात्रा मार्ग को बहाल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
मणिमहेश यात्रा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के 100 से अधिक कर्मचारी और मशीनरी लगातार सड़क बहाली के कार्य में जुटे रहे। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मौके पर डटे रहकर कठिन परिस्थितियों के बीच सड़क को पैदल योग्य बनाने का कार्य किया। लगातार बारिश, भूस्खलन और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विभाग की टीम ने काम को रुकने नहीं दिया।
अधिकारियों ने खुद संभाली मौके की कमान
सड़क बहाली के इस अभियान में सहायक अभियंता संजीव कुमार, कनिष्ठ अभियंता बिजेंद्र और कनिष्ठ अभियंता धनीराम ने मौके पर लगातार निगरानी रखी। अधिकारियों ने कर्मचारियों और मशीनरी के साथ समन्वय बनाकर संवेदनशील स्थानों पर सड़क बहाली का कार्य करवाया। कई जगह सड़क को केवल मलबा हटाकर बहाल करना संभव नहीं था, ऐसे में क्षतिग्रस्त हिस्सों में नए सिरे से सड़क तैयार करनी पड़ी।
अधिकारियों की टीम ने दिन-रात एक कर काम को आगे बढ़ाया और यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाने का प्रयास किया। कठिन परिस्थितियों में अधिकारियों के मौके पर लगातार डटे रहने की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है।
लेबर ने भी निभाई अहम भूमिका
सड़क बहाली में मशीनरी के साथ विभाग के फील्ड कर्मचारियों और लेबर की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने, सड़क की कटिंग और नए हिस्सों को तैयार करने में कर्मचारियों ने पूरी मेहनत से काम किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हाथों से ही जरूरी कार्य किए गए।
आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी सड़क
बारिश और भूस्खलन के दौरान मणिमहेश यात्रा मार्ग को कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुंचा था। सड़क के कुछ हिस्सों में मलबा आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि कई जगह सड़क की सतह और किनारे क्षतिग्रस्त हो गए थे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए मार्ग की जल्द बहाली प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रही।
PWD ने चुनौती को देखते हुए मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया। जहां सामान्य मरम्मत से काम चल सकता था, वहां सड़क को दुरुस्त किया गया, जबकि अधिक क्षतिग्रस्त स्थानों पर नए सिरे से सड़क तैयार की गई।
यात्रा से पहले सड़क तैयार करना बड़ी चुनौती
मणिमहेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु हड़सर से आगे पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में मार्ग की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। PWD की टीम ने इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सड़क बहाली का काम लगातार जारी रखा, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस तरह दिन-रात मौके पर रहकर काम किया, वह सराहनीय है। उनका कहना है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम के बीच सड़क को कम समय में य
पैदल हुआ घोड़ा खच्चर योग्य बनाना विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है।
सड़क बहाली से यात्रा तैयारियों को मिली मजबूती
मणिमहेश यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन में सड़क व्यवस्था की अहम भूमिका है। PWD की इस मेहनत से यात्रा मार्ग को सुरक्षित एवं सुचारु बनाने की दिशा में प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। विभाग की टीम अभी भी संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए हुए है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
बहरहाल, मणिमहेश यात्रा से पहले PWD की टीम ने जिस तरह विपरीत परिस्थितियों में मोर्चा संभालकर सड़क को बहाल किया है, उसने एक बार फिर साबित किया है कि आपदा के समय सरकारी मशीनरी की असली परीक्षा मौके पर होती है—और विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस परीक्षा में पूरी ताकत के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है।