Some True Stories

Some True Stories Here We See Some Lovely Love Stories

"महत्वपूर्ण कडी.....बेटे बहु के कमरे से आ रही आवाजो से बुजुर्ग मां कि नींद खुल गई......बेटा कह रहा था उसे मुम्बई मे नौकर...
22/09/2023

"महत्वपूर्ण कडी.....

बेटे बहु के कमरे से आ रही आवाजो से बुजुर्ग मां कि नींद खुल गई......

बेटा कह रहा था उसे मुम्बई मे नौकरी मिल गई है मगर हम तीन (मे और तुम और मां ) वहाँ नहीं रह पायेंगे.. कयोकि कमरा छोटा है ओर दोनो जगह का किराया मे दे नही सकता तो कयो ना मां को वृद्ध आश्रम मे छोड़ दे... बुजुर्ग मां भीगी आँखें लिए सोचने लगी.... अभी साल भी नहीं हुआ बेटे कि शादी को ओर बहु ने उसपर अपना रंग चढा दिया.

इस बात के जबाब मे बहु कया कहेगी....वो तो खुश ही होगी उसके मन की जो पूरी हो रही है. हे भगवान.....

मगर पति की बात सुनकर पत्नी बोली नही मां ओर मैं यही रहेंगे मै पढी लिखी हूं बच्चो को टयुशन पढाकर इतना तो कम लूगी कि मेरा ओर मां का गुजारा हो जाऐ और आपने तो बताया था की मां ने आपको लोगों के घरों में काम करके पढाया था सोचो अगर मां भी आपको किसी अनाथ आश्रम मे छोड़ कर अपना जीवन शुरू करती तो आज आप कहा होते ... और फिर जब आप वहाँ सेटल होकर बडा कमरा ले ले तो हमें भी बुला लेना वैसे भी मां उस वृक्ष के समान होती हे जो सिर्फ छाया ही नही फल भी देता है मां कि आँखों मे आँसू थे उसे भी समझ आ रहा था कि उसे बहु मे एक बहुत अच्छी बेटी मिली है.

दोस्तों कहानी का भाव यही है सास बहु का रिश्ता भी मां बेटी का रिश्ता है दोस्तों अगर दोनों तरफ से प्रेम और सम्मान देने की कोशिश हो तो सचमुच ये रिश्ता बेहद प्यारा है जो घरों को परिवार को जोड़ने में महत्वपूर्ण कडी है ..

एक सुन्दर और प्ररेणादायक रचना...

यह सभी सरकारी नौकरी करने वालों के लिए नहीं है... मगर हां हमारे समाज में एक वर्ग ऐसा भी है. जहां दुर्गुणों को भी, सरकारी ...
16/09/2023

यह सभी सरकारी नौकरी करने वालों के लिए नहीं है... मगर हां हमारे समाज में एक वर्ग ऐसा भी है. जहां
दुर्गुणों को भी, सरकारी नौकरी ढकने की क्षमता रखती है... खासकर आजकल के समाज में जब माता-पिता विवाह के लिए लड़की देखने जाते हैं... वह लड़का कम नौकरी ज्यादा देखते हैं... लड़के के अंदर बेशक कई बुरी आदतें हो... नौकरी है,तो लड़का अच्छा है..
बस उसी सोच के साथ यह पोस्ट है.

Bitter truth 🤎

यह बदलते भारत की तस्वीर है...मैं नहीं जानता ये कहाँ का स्टोर है पर इन्होंने जानदार पहल की है, यही होना चाहिए।जिनको नहीं ...
08/06/2023

यह बदलते भारत की तस्वीर है...

मैं नहीं जानता ये कहाँ का स्टोर है पर इन्होंने जानदार पहल की है, यही होना चाहिए।

जिनको नहीं पता कौन सा सामान स्वदेशी है और कौन सा विदेशी, इससे उन्हें बहुत सुविधा मिलेगी खरीदने मे।

बुरा लगे तो मेरी बहन माफ करना ये पोस्ट बहुत जरूरी थी अपलोड करनी #लड़कियों_को_आदर_सहित_समर्पितलड़के ने नम्बर मांगा आप ने द...
04/06/2023

बुरा लगे तो मेरी बहन माफ करना
ये पोस्ट बहुत जरूरी थी अपलोड करनी
#लड़कियों_को_आदर_सहित_समर्पित

लड़के ने नम्बर मांगा आप ने दे दिया...
लड़के ने तस्वीर मांगी आप ने दे दी...
लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा आप ने कर ली...
लड़के ने दुपट्टा हटाने को कहा आप ने हटा दिया...
लड़के ने कुछ देखने की ख्वाहिश की आप ने पूरी कर दी...
लड़के ने मिलने को कहा आप माँ बाप को धोखा देकर आशिक़ से मिलने पहुंच गयीं...
लड़के ने बाग में बैठ कर आप की तारीफ़ करते हुए आपको सरसब्ज़ बाग दिखाए आपने देख लिये...
फिर जूस कार्नर पर जूस पीते वक़्त लड़के ने हाथ लगाया, इशारे किये, मगर कोई बात नहीं अब नया ज़माना है यह सब तो चलता ही है...
फिर लड़के ने होटल में कमरा लेने की बात की, आप ने शर्माते हुए इंकार कर दिया, कि शादी से पहले यह सब अच्छा तो नहीं लगता न...
फिर दो तीन बार कहने पर आप तैयार हो गयीं होटल के कमरे में जाने के लिए...
आप दोनों ने मिल कर खूब एंजॉय किया...
अंडरस्टेंडिंग के नाम पर दुल्हा दुल्हन बन गए protection use ki बस बच्चा पैदा न हो इस पर ध्यान दिया...
फिर एक दिन झगड़ा हुआ और सब खत्म क्योंकि हराम रिश्तों का अंजाम कुछ ऐसा ही होता है...
लेकिन लेकिन...
यहां सरासर मर्द गलत नहीं है, वह भेड़िया है, वह मुजरिम है, वह सबकुछ है...
क्योंकि आप ने तो तस्वीर नहीं दी थी वह जबर्दस्ती आपके मोबाइल में घुस कर ले गया था...
आप ने तो अपना नम्बर नहीं दिया वह लड़का खुद आप के मोबाइल से नम्बर ले गया था...
आप ने तो वीडियो कॉल नहीं की वह लड़का खुद आप के घर पहुंच गया था आपको लाइव देखने...
जूस कार्नर पर भी जबरदस्ती ले गया था गन प्वाइंट पर...
होटल के कमरे तक भी वह आपको जबर्दस्ती आपके घर से ले गया था...
तो मुजरिम तो सिर्फ लड़का है आप तो बिल्कुल भी नहीं...
बच्ची हैं आप कोई चार साल की?
आपको समझ नहीं आती?
यह कचरे में पड़ी लाशें देख कर भी आपको अक़्ल नहीं आती?
यह बिना सर के मिलने वाले धड़ आपकी अक़्ल पर कोई चोट नहीं देते?
यह सोशल मीडिया पर आए दिन ज़्यादती के बढ़ती हुई घटना आपको कुछ नहीं बताती?
जूस कार्नर पर जाना,
आपको नहीं पता था कि एक होटल के ईकमरे में या चारदीवारी में जिस्मों की प्यास बुझाई जाती है,
सब पता था आपको, सब पता है आपको...
होटल के कमरे में मुहब्बत के अफसाने नहीं लिखे जाते,वहां कोई इबादत नही होती है
फिर शिकायत होती है के चार लड़कों ने ग्रुप रेप कर दिया...
क्या लगता है वह आपका जो आपकी इज्ज़त का ख्याल रखे जो खुद आपको इसी मकसद के लिए लेकर जा रहा है?
अपनी सीमा में रहेंगी तो आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता...
जिस्म के भूखो से दूर ही रहे लड़का हो या लड़की प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को बदनाम ना करे प्यार दिल देखकर करे ना कि जिस्म देखकर l❣ जब तक तुम साथ नही दोगी तब तक किसी लड़के की कोई औकात नही हैं कि वो तुम्हे किसी होटल के रूम तक ले जा सके।।।। गलत लगे तो मुझे माफ कीजिएगा!!!🙏
सत्य ✍️

एक गरीब परिवार की व्यथा देख आंसू भी निकल गए गरीब होना भी एक गुनाह है😭😭😭😭 #प्रयास करना हमारा काम है,,,,,,जैसे ही ट्रेन रव...
12/05/2023

एक गरीब परिवार की व्यथा देख आंसू भी निकल गए गरीब होना भी एक गुनाह है😭😭😭😭
#प्रयास करना हमारा काम है,,,,,,

जैसे ही ट्रेन रवाना होने को हुई, (समय निकाल कर पढ़े🙏)
एक औरत और उसका पति एक ट्रंक लिए डिब्बे में घुस पडे़।
दरवाजे के पास ही औरत तो बैठ गई पर आदमी चिंतातुर खड़ा था।
जानता था कि उसके पास जनरल टिकट है और ये रिज़र्वेशन डिब्बा है।
टीसी को टिकट दिखाते उसने हाथ जोड़ दिए।
" ये जनरल टिकट है। अगले स्टेशन पर जनरल डिब्बे में चले जाना। वरना आठ सौ की रसीद बनेगी।"
कह टीसी आगे चला गया।
पति-पत्नी दोनों बेटी को पहला बेटा होने पर उसे देखने जा रहे थे।
सेठ ने बड़ी मुश्किल से दो दिन की छुट्टी और सात सौ रुपये एडवांस दिए थे।
बीबी व लोहे की पेटी के साथ जनरल बोगी में बहुत कोशिश की पर घुस नहीं पाए थे।
लाचार हो स्लिपर क्लास में आ गए थे।
" साब, बीबी और सामान के साथ जनरल डिब्बे में चढ़ नहीं सकते। हम यहीं कोने में खड़े रहेंगे। बड़ी मेहरबानी होगी।"
टीसी की ओर सौ का नोट बढ़ाते हुए कहा।
" सौ में कुछ नहीं होता। आठ सौ निकालो वरना उतर जाओ।"
" आठ सौ तो गुड्डो की डिलिवरी में भी नहीं लगे साब। नाती को देखने जा रहे हैं। गरीब लोग हैं, जाने दो न साब।" अबकि बार पत्नी ने कहा।
" तो फिर ऐसा करो, चार सौ निकालो। एक की रसीद बना देता हूँ, दोनों बैठे रहो।"
" ये लो साब, रसीद रहने दो। दो सौ रुपये बढ़ाते हुए आदमी बोला।
" नहीं-नहीं रसीद दो बनानी ही पड़ेगी। ऊपर से आर्डर है।रसीद तो बनेगी ही।
चलो, जल्दी चार सौ निकालो। वरना स्टेशन आ रहा है, उतरकर जनरल बोगी में चले जाओ।"
इस बार कुछ डांटते हुए टीसी बोला।
आदमी ने चार सौ रुपए ऐसे दिए मानो अपना कलेजा निकालकर दे रहा हो।

दोनों पति-पत्नी उदास रुआंसे
ऐसे बैठे थे, मानो नाती के पैदा होने पर नहीं उसके शोक में जा रहे हो।
कैसे एडजस्ट करेंगे ये चार सौ रुपए?
क्या वापसी की टिकट के लिए समधी से पैसे मांगना होगा?
नहीं-नहीं।
आखिर में पति बोला- "सौ-डेढ़ सौ तो मैं ज्यादा लाया ही था। गुड्डो के घर पैदल ही चलेंगे। शाम को खाना नहीं खायेंगे। दो सौ तो एडजस्ट हो गए। और हाँ, आते वक्त पैसिंजर से आयेंगे। सौ रूपए बचेंगे। एक दिन जरूर ज्यादा लगेगा। सेठ भी चिल्लायेगा। मगर मुन्ने के लिए सब सह लूंगा।
मगर फिर भी ये तो तीन सौ ही हुए।"☺️
" ऐसा करते हैं, नाना-नानी की तरफ से जो हम सौ-सौ देनेवाले थे न, अब दोनों मिलकर सौ देंगे। हम अलग थोड़े ही हैं। हो गए न चार सौ एडजस्ट।"
पत्नी के कहा।
" मगर मुन्ने के कम करना....""
और पति की आँख छलक पड़ी।
" मन क्यूँ भारी करते हो जी। गुड्डो जब मुन्ना को लेकर घर आयेंगी; तब दो सौ ज्यादा दे देंगे। "
कहते हुए उसकी आँख भी छलक उठी।
फिर आँख पोंछते हुए बोली-
" अगर मुझे कहीं मोदीजी मिले तो कहूंगी-"
इतने पैसों की बुलेट ट्रेन चलाने के बजाय, इतने पैसों से हर ट्रेन में चार-चार जनरल बोगी लगा दो, जिससे न तो हम जैसों को टिकट होते हुए भी जलील होना पड़े और ना ही हमारे मुन्ने के सौ रुपये कम हो।"
उसकी आँख फिर छलक पड़ी।
" अरी पगली, हम गरीब आदमी हैं, हमें वोट देने का तो अधिकार है, पर सलाह देने का नहीं। रो मत।

__________एक मध्यम परिवार से,,,,,

एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन ...
02/02/2023

एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया। रेस्टोरेंट में बैठे दूसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे लेकिन उसका पुत्र शांत था।

खाने के बाद पुत्र बिना किसी शर्म के वृद्ध को वॉशरूम ले गया। उनके कपड़े साफ़ किये, चेहरा साफ़ किया, बालों में कंघी की, चश्मा पहनाया, और फिर बाहर लाया। सभी लोग खामोशी से उन्हें ही देख रहे थे।

फ़िर उसने बिल का भुगतान किया और वृद्ध के साथ बाहर जाने लगा। तभी डिनर कर रहे एक अन्य वृद्ध ने उसे आवाज दी, और पूछा - क्या तुम्हें नहीं लगता कि यहाँ अपने पीछे तुम कुछ छोड़ कर जा रहे हो?

उसने जवाब दिया - नहीं सर, मैं कुछ भी छोड़कर नहीं जा रहा।

वृद्ध ने कहा - बेटे, तुम यहाँ प्रत्येक पुत्र के लिए एक शिक्षा, सबक और प्रत्येक पिता के लिए उम्मीद छोड़कर जा रहे हो।

आमतौर पर हम लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता को अपने साथ बाहर ले जाना पसंद नहीं करते,
और कहते हैं - क्या करोगे, आपसे चला तो जाता नहीं, ठीक से खाया भी नहीं जाता, आप तो घर पर ही रहो, वही अच्छा होगा।

लेकिन क्या आप भूल गये कि जब आप छोटे थे, और आपके माता पिता आपको अपनी गोद में उठाकर ले जाया करते थे। आप जब ठीक से खा नहीं पाते थे तो माँ आपको अपने हाथ से खाना खिलाती थी, और खाना गिर जाने पर डाँट नही प्यार जताती थी।

फिर वही माँ बाप बुढ़ापे में बोझ क्यों लगने लगते हैं?

माँ-बाप भगवान का रूप होते हैं। उनकी सेवा कीजिये, और प्यार दीजिये क्योंकि एक दिन आप भी बूढ़े होंगे।

#अपने_माता_पिता_का_सर्वदा_सम्मान_करें।

बाप के पास गर्भ नहीं होता। माएं ही जन्म देती हैं, किंतु बाप को संतानों से मोह, लगाव मां की अपेक्षा कम होता है, यह मानने ...
19/01/2023

बाप के पास गर्भ नहीं होता।
माएं ही जन्म देती हैं, किंतु बाप को संतानों से मोह, लगाव मां की अपेक्षा कम होता है, यह मानने को मैं तैयार नहीं हूं।

बाप बाप की तरह हो तो बच्चें रोज बाप की राह देखते हैं।
बच्चें बाप के मुरझाएं समय को भी हरा भरा बना देते हैं।
गरीबी, भूख, बेकारी से ही तरसता हुआ आदमी अपने बच्चों को मुस्कुराने की वजह देते हैं।
बच्चें बाप से लिपट कर यूं चिपकते हैं जैसे वो दोनों पेड़ के अंकुर की तरह एक हो जाए।

नोट: किसी भी व्यक्ति को उसके बच्चें के सामने अपमान करने से पहले सौ बार सोचिए। हर संतान के लिए उसका बाप उसका पहला हीरो होता है....❤️

04/01/2023
मर्द की सिर्फ पैदा होने की खुशी मनाई जाती है बाकी उसकी तमाम ज़िंदगी औरत की खिदमत में गुजर जाती है।फिर चाहे वो मां का ख्या...
14/11/2022

मर्द की सिर्फ पैदा होने की खुशी मनाई जाती है बाकी उसकी तमाम ज़िंदगी औरत की खिदमत में गुजर जाती है।
फिर चाहे वो मां का ख्याल रखना हो, बहन का दहेज जुगाड़ करना हो, बीवी के खर्चे या फिर बेटी की परवरिश।

बहुत दिनो से स्कूटी का उपयोग नही होने से, विचार आया   पे बेच दे..कीमत Rs 30000/- डाल दीबहुत आफर आये 15 से 28 हजार तक। एक...
08/11/2022

बहुत दिनो से स्कूटी का उपयोग नही होने से, विचार आया पे बेच दे..
कीमत Rs 30000/- डाल दी
बहुत आफर आये 15 से 28 हजार तक।
एक का 29 का प्रस्ताव आया।
उसे भी waiting में रखा।
कल सुबह काल आया, उसने कहा-
"साहब नमस्कार 🙏 ,
आपकी गाडी का add देखा। पसंद भी आयी है। परंतु 30 जमाने का बहुत प्रयत्न किया, 24 ही इकठ्ठा कर पाया हूँ। बेटा #इंजिनियरिंग के अंतिम वर्ष में है। बहुत मेहनत किया है उसने। कभी पैदल, कभी सायकल, कभी बस, कभी किसी के साथ। सोचा अंतिम वर्ष तो वह अपनी गाडी से ही जाये। आप कृपया स्कूटी मुझे ही दिजीएगा। नयी गाडी मेरी हैसियत से बहुत ज्यादा है। थोडा समय दिजीए। मै पैसो का इंतजाम करता हूँ। मोबाइल बेच कर कुछ रुपये मिलेंगें। परंतु हाथ जोड़कर कर निवेदन है साहब,मुझे ही दिजीएगा।"
मैने औपचारिकता में मात्र बोलकर फोन रख दिया।
कुछ विचार मन में आये।
वापस काल बैक किया और कहा
"आप अपना #मोबाइल मत बेचिए, कल सुबह केवल 24 हजार लेकर आईए, गाडी आप ही ले जाईए वह भी मात्र 24 में ही"
मेरे पास 29 हजार का प्रस्ताव होने पर भी 24 में किसी अपरिचित व्यक्ति को मै स्कूटी देने जा रहा था।
सोचा उस परिवार में आज कितने आनंद का निर्माण हुआ होगा।
कल उनके घर स्कूटीआएगी।
और मुझे ज्यादा नुकसान भी नहीं हो रहा था।
ईश्वर ने बहुत दिया है और सबसे बडा धन #समाधान है जो कूट-कूटकर दिया है।
अगली सुबह उसने कम से कम 6-7 बार फोन किया
" #साहब कितने बजे आऊ, आपका समय तो नही खराब होगा। पक्का लेने आऊं, बेटे को लेकर या अकेले आऊ। पर साहब गाडी किसी को और नही दिजीएगा।"
वह 2000, 500, 200, 100, 50 के #नोटों का संग्रह लेकर आया, साथ में बेटा भी था। ऐसा लगा, पता नही कहा कहा से निकाल कर या मांग कर या इकठ्ठा कर यह पैसे लाया है।
बेटा एकदम आतुरता और कृतज्ञता से 🛵 को देख रहा था। मैने उसे दोनो चाबियां दी, कागज दिये। बेटा गाडी पर विनम्रतापूर्वक हाथ फेर रहा था। रुमाल निकाल कर पोछ रहा था।
उसनें पैसे गिनने कहा, मैने कहा आप गिनकर ही लाये है, कोई दिक्कत नहीं।
जब जाने लगे, तो मैने उन्हे 500 का एक नोट वापस करते कहाँ, घर जाते #मिठाई लेते जाएगा। सोच यह थी कि कही तेल के पैसे है या नही। और यदि है तो मिठाई और तेल दोनो इसमें आ जायेंगे।
आँखों में कृतज्ञता के आंसु लिये उसने हमसे विदा ली और अपनी 🛵 ले गया। जाते समय बहुत ही आतुरता और विनम्रता से झुककर अभिवादन किया। बार बार आभार व्यक्त किया।
दोस्तो जीवन में कुछ व्यवहार करते समय #नफा नुकसान नहीं देखना चाहिए।
अपने माध्यम से किसी को क्या सच में कुछ आनंद प्राप्त हुआ यह देखना भी होता है।

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23/08/2022

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