04/06/2026
वन स्टे वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा खजुराहो
पर्यटन मंत्रालय की योजना के प्लान तैयार करने के संबंध में हितधारक परामर्श बैठक सम्पन्न, लिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
पर्यटकों का ठहराव बढ़े और खजुराहो के आसपास के पर्यटन स्थलों तक भी पहुंचे, योजना का मुख्य उद्देश्य
आध्यात्मिक महत्व, पर्यटक व्यवहार एवं रात्रिकालीन पर्यटन गतिविधियों पर विशेष फोकस
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विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो को पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की वन स्टे वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत विकसित करने के लिए तैयार किए जा रहे प्लान के संबंध में हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन झंकार होटल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने की। बैठक में क्षेत्रीय विधायक श्री अरविंद पटैरिया, नगर परिषद खजुराहो के अध्यक्ष श्री अरुण अवस्थी, नगर परिषद राजनगर के अध्यक्ष श्री जीतेंद्र वर्मा, एसडीएम श्रीमती विशा माधवानी, तहसीलदार श्री धीरज गौतम, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग भोपाल की अधिकारी शिल्पा शर्मा, श्री प्रशांत सिंह बघेल, सहायक यंत्री श्री विवेक चौबे सहित पर्यटन, पुरातत्व, नगरीय निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, पर्यटन गाइड, होटल प्रतिनिधि और ट्रैवल एजेंट उपस्थित रहे।
बैठक में वन स्टे वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत तैयार किए जा रहे डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ) के संबंध में विभिन्न हितधारकों से सुझाव एवं परामर्श प्राप्त किए गए। इस दौरान खजुराहो की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने, शहर की सुंदरता एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने, पर्यटकों को खजुराहो के आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराने, रात्रिकालीन पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने, पर्यटकों के प्रति बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने तथा आसपास के पर्यटन स्थलों एवं गांवों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य खजुराहो में पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाना और उन्हें क्षेत्र के अन्य आकर्षणों तक पहुंचाना है।
मंदिरों की पहचान तक सीमित न रहे खजुराहो, स्थानीय आयाम भी हों विकसित
बैठक में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पसंद, पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर भी मंथन किया गया। विशेषज्ञों ने उन प्रमुख कारणों पर चर्चा की जिनसे विदेशी पर्यटक खजुराहो की ओर आकर्षित होते हैं तथा हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में आई कमी के संभावित कारणों का विश्लेषण किया।
पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और उनके पर्यटन व्यय में वृद्धि के लिए आवश्यक सुविधाओं एवं अनुभवों के विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह सुझाव सामने आया कि खजुराहो को केवल विश्वप्रसिद्ध मंदिरों की पहचान तक सीमित न रखते हुए संस्कृति, प्रकृति, वेलनेस, योग, साहसिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन तथा स्थानीय कला एवं संस्कृति के विविध आयामों के साथ विकसित किया जाए, जिससे यह एक समग्र वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित हो सके।
खजुराहो का प्लान स्वीकृत होने पर मिलेगा लाभ: विधायक श्री Arvind Pateriya
विधायक श्री पटैरिया ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पर्यटन स्थलों को डेवलप करने के लिए योजना बनाई गई है। जिसमें खजुराहो को सम्मिलित किया गया है। प्रदेश के तीन शहरों में से अगर खजुराहो का प्लान स्वीकृत होता है तो लगभग 300 करोड़ राशि के खर्च से पर्यटन की दृष्टि से खजुराहो को लाभ मिलेगा। जो यहां के विकास पर खर्च होगा।
कलेक्टर श्री जैसवाल ने कहा कि खजुराहो को विकसित करने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं जिसे टूरिज्म डिपार्टमेंट द्वारा नोट किया गया है इन सभी सुझावों को उच्च स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद योजना अंतर्गत प्लान तैयार किया जाएगा। ताकि वन स्टे वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में खजुराहो को विकसित किया जा सके।
बैठक के उपरांत खजुराहो एवं आसपास के क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दतला पहाड़ के समीप पर्यटन विभाग की भूमि, ग्राम पंचायत पथरिया स्थित शासकीय भूमि, ग्राम सिंगौर की शासकीय भूमि तथा चंदला के समीप स्थित शासकीय भूमि का भी अवलोकन किया गया। इन स्थलों पर भविष्य में पर्यटन आधारित गतिविधियों एवं अधोसंरचना विकास की संभावनाओं का आकलन किया गया।
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