12/06/2026
छिंदवाड़ा के आदिवासी भाइयों और बहनों, जरा इस बात को गौर से सोचिए कि हमारे साथ क्या हो रहा है।
वोट लेने के लिए तो ये लोग सिर पर पीला गमछा बांधकर हमारे पैर छूने आ जाते हैं। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुआ और ये संसद पहुंच गए, इनके तेवर पूरी तरह बदल गए। आज जो सांसद बने बैठे हैं, उनके लोग हमारे ही सीधे-साधे आदिवासी भाइयों पर लाठियां बरसा रहे हैं।
अभी हाल ही में जो हुआ, उसे पूरा छिंदवाड़ा देख रहा है। सांसद के कुछ गुंडों ने गरीब आदिवासी किसानों के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट करते वक्त बकायदा सांसद का नाम लेकर धौंस जमाई गई।
हद तो तब हो गई जब हमारे समाज के एक जांबाज युवक ने इस गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाई और एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। सांसद महोदय ने उन मारपीट करने वाले रसूखदार गुंडों पर कार्रवाई करवाना तो दूर, उनके खिलाफ एक शब्द तक नहीं बोला। उल्टा, सच बोलने वाले उस आदिवासी लड़के को ही पुलिस का डर दिखाकर गिरफ्तार करवा दिया।
क्या इसीलिए हमने इन्हें चुनकर दिल्ली भेजा था कि ये हमारे ही भाइयों को अपने गुंडों से पिटवाएं और आवाज उठाने पर जेल भेज दें?
राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा इस खुले अन्याय और तानाशाही का पुरजोर विरोध करता है। छिंदवाड़ा की जनता से हमारी बस इतनी ही अपील है कि अब जाग जाओ। जो लोग हमारे वोटों की बैसाखी पर संसद पहुंचते हैं और बाद में हमारे ही बच्चों पर अत्याचार करते हैं, ऐसे लोगों को पहचानो। आने वाले समय में इन्हें अपनी ताकत दिखाना बहुत जरूरी है।
वोट हमारा, राज तुम्हारा, और बाद में लाठियां भी हमारे ही लोगों पर? अब यह मनमानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
विनीत:
देवरावेन भलावी
(संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा)