03/02/2024
❤️❤️जब अकेले तन्हा रह जाएंगे।
वो लम्हे बहुत याद आएगे।।
मिलकर गुजारें जहां दिन और रात।
वो मंजर बहुत याद आएगे।।
बनाते थे जहां रेत के मकान।
वो समंदर के किनारे बहुत याद आएगे।।
तुझ को सजाया जिन गुलाबों से।
उनसे भरे गुलिस्तां बहुत याद आएगे।।
करी महोब्बत हमने इबादत की तरह।
जब समझगे वो ये बात तब हम बहुत याद आएगे❤️❤️