29/03/2026
नवरात्रि की समाप्ति पर माता की विदाई एक भावुक क्षण होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना, भक्ति और उल्लास से भरे वातावरण के बाद जब उनका विसर्जन होता है, तो मन एक अजीब सी खालीपन से भर जाता है। ऐसा लगता है जैसे कोई अपना हमें छोड़कर जा रहा हो। "मां अगले साल फिर आना" की पुकार में एक गहरा प्रेम और आस्था छिपा होता है। माता की विदाई केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उस आत्मीय संबंध का प्रतीक है जो भक्त और देवी के बीच बना रहता है। यह पल सिखाता है कि हर उत्सव का अंत होता है, लेकिन भक्ति और विश्वास कभी खत्म नहीं होते।
Vc- Ayushman