Er. Deepak Yadav

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कई जगह एक मूर्ति दिखाई जाती है जिसमे एक व्यक्ति का पैर शिवलिंग के ऊपर रखा होता है और एक छड़ी सी चीज आँखों में लगायी होती ...
08/03/2026

कई जगह एक मूर्ति दिखाई जाती है जिसमे एक व्यक्ति का पैर शिवलिंग के ऊपर रखा होता है और एक छड़ी सी चीज आँखों में लगायी होती है, इसको लेकर कई लोगो में विभिन्न भ्रान्तिया है, तो आइये इसे सही से समझते है .

ये कहानी है संत कनप्पा की, संत कनप्पा उन 63 नयनार संतों में गिने जाते हैं, जो शिव के उपासक थे, व तीसरी से आठवीं शताब्दी के बीच हुए थे। जबकि अलवार संत विष्णु के उपासक थे। कनप्पा पेशे से शिकारी थे, जो बाद में संत बन गए। उनके भक्त मानते हैं कि वो पिछले जन्म में पांडवों में से एक अर्जुन थे। कनप्पा नयनार के कई नाम चलन में हैं, जैसे थिनप्पन, थिन्नन, धीरा, कन्यन, कन्नन आदि। माता पिता ने उनका नाम थिन्ना रखा था। आंध्र प्रदेश के राजमपेट इलाके में उनका जन्म हुआ था।

उनके पिता बड़े शिकारी थे और शिवभक्त थे, शिव के पुत्र कार्तिकेय को पूजते थे। कनप्पा श्रीकलहस्तीश्वरा मंदिर में वायु लिंग की पूजा करते थे, शिकार के दौरान उन्हें ये मंदिर मिला था। पांचवी सदी में बना इस मंदिर का बाहरी हिस्सा 11वीं सदी में राजेन्द्र चोल ने बनवाया था, बाद में विजय नगर साम्राज्य के राजाओं ने उसका जीर्णोद्धार करवाया।

लेकिन थिन्ना को पता नहीं था कि शिव भक्ति और पूजा के विधि विधान क्या है। किन नियमों का पालन करना है, लेकिन उनकी श्रद्धा अगाध थी। कहा ये तक जाता है कि वह पास की स्वर्णमुखी नदी से मुंह में पानी भरकर लाते थे और उससे शिवलिंग का जलाभिषेक करते थे, चूंकि शिकारी थे, सो जो भी उन्हें मिलता था, एक हिस्सा शिव को अर्पित कर देते थे.

लेकिन शिव अपने इस भक्त की आस्था को देखकर खुश थे, उनको पता था कि इसे पूजा करनी नहीं आती है, ना मंत्र पता हैं ना किसी तरह के विधि विधान। सैकड़ों सालों से ये कथा कनप्पा के भक्तों में प्रचलित है कि एक दिन महादेव ने उनकी परीक्षा लेने की ठानी और उन्होंने उस मंदिर में उस वक्त भूकंप के झटके दिए, जब मंदिर में बाकी साथियों, भक्तों और पुजारियों के साथ कनप्पा भी मौजूद थे।

जैसे ही भूकंप के झटके आए, लगा कि मानो मंदिर की छत गिरने वाली है, तो डर के मारे सभी भाग गए, भागे नहीं तो बस कनप्पा। उन्होंने ये किया कि अपने शरीर से शिव लिंग को पूरी तरह से ढक लिया ताकि कोई पत्थर अगर गिरे तो शिवलिंग के ऊपर ना गिरे बल्कि उनके ऊपर गिरे। इससे वह पूरी तरह सुरक्षित रहा।

शिवलिंग पर तीन आंखें बनी हुई थीं। जैसे ही भूकम्प के झटके थोड़ा थमे, कनप्पा ने देखा कि शिवलिंग पर बनी एक आंख से रक्त और आंसू एक साथ निकल रहे थे। उनकी समझ में आ गया कि किसी पत्थर से शिवजी की एक आंख घायल हो गई है। आव देखा ना ताव, कनप्पा ने फौरन अपनी एक आंख अपने एक वाण से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी और उसे निकालकर शिवलिंग की आंख पर लगा दिया, जिससे उसमें से खून निकलना बंद हो गया। लेकिन थोड़ी देर बाद ही शिवलिंग की दूसरी आंख से रक्त और आंसुओं का निकलना शुरू हो गया।

तब कनप्पा ने जैसे ही दूसरी आंख निकालने की प्रक्रिया शुरू की, उनके दिमाग में आया कि जब मैं अपनी दूसरी आंख भी निकाल लूंगा तो बिलकुल अंधा हो जा जाऊंगा, ऐसे में मुझे कैसे दिखेगा कि उस आंख को शिवलिंग में कैसे लगाना है।

ऐसे में उन्हें एक उपाय सूझा, उन्होंने फौरन अपना एक पैर उठाया और पैर का अंगूठा ठीक उस आंख के पास लगा दिया,ताकि अंधा होने के बावजूद वो शिवजी की दूसरी आंख की जगह अपनी आंख लगा सके। उसी वक्त भगवान शिव प्रकट हुए और उससे खुश होकर उसकी आंखें एकदम ठीक कर दीं। यही वो घटना थी, जिसके चलते थिन्ना को नया नाम कनप्पा मिला था। इसी मौके की वो तस्वीर या मूर्तियां हैं, कि कैसे वह एक हाथ में वाण से आंख निकालेंगे, दूसरे हाथ से उसे पकड़ेंगे तो जहां से आंख निकालनी है, उस जगह को कैसे चिन्हित करेंगे, तो पैर का अंगूठा उस मासूम भक्त ने शिवलिंग पर रखा.

बस तभी से संत कनप्पा की भक्ति को दिखाने के लिए यह मूर्ति उकेरी गयी है ताकि लोग भक्ति का वास्तविक अर्थ समझ सके

02/03/2026

जब करो या मरो मैच हो, तब 97 सब सही कर देता है 🤗

02/03/2026

T20 वर्ल्ड कप सबसे ज़्यादा बार 'प्लेयर ऑफ द मैच' पुरस्कार जीतने वाले भारतीय

25/02/2026

सनातन धर्म की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जो हर हिंदू को पता होना चाहिए...

1. 10 ध्वनियां :-
1.घंटी, 2.शंख, 3.बांसुरी, 4.वीणा, 5. मंजीरा, 6.करतल, 7.बीन (पुंगी), 8.ढोल, 9.नगाड़ा और 10.मृदंग

2. 10 कर्तव्य :-
1. संध्यावंदन, 2. व्रत, 3. तीर्थ, 4. उत्सव, 5. दान, 6. सेवा 7. संस्कार, 8. यज्ञ, 9. वेदपाठ, 10. धर्म प्रचार।

3. 10 दिशाएं :-
दिशाएं 10 होती हैं जिनके नाम और क्रम इस प्रकार हैं- उर्ध्व, ईशान, पूर्व, आग्नेय, दक्षिण, नैऋत्य, पश्चिम, वायव्य, उत्तर और अधो।

4. 10 दिग्पाल :-
10 दिशाओं के 10 दिग्पाल अर्थात द्वारपाल होते हैं या देवता होते हैं। उर्ध्व के ब्रह्मा, ईशान के शिव व ईश, पूर्व के इंद्र, आग्नेय के अग्नि या वह्रि, दक्षिण के यम, नैऋत्य के नऋति, पश्चिम के वरुण, वायव्य के वायु और मारुत, उत्तर के कुबेर और अधो के अनंत।

5. 10 देवीय आत्मा :-
1.कामधेनु गाय, 2.गरुढ़, 3.संपाति-जटायु, 4.उच्चै:श्रवाअश्व, 5.ऐरावत हाथी, 6.शेषनाग-वासुकि, 7.रीझ मानव, 8.वानर मानव, 9.यति, 10.मकर।

6. 10 देवीय वस्तुएं :-
1.कल्पवृक्ष, 2.अक्षयपात्र, 3.कवच कुंडल, 4.दिव्य धनुष और तरकश, 5.पारस मणि, 6.अश्वत्थामा की मणि, 7.स्यंमतक मणि, 8.पांचजन्य शंख, 9.कौस्तुभ मणि
10 संजीवनी बूटी

7. 10 पवित्र पेय :-
1.चरणामृत, 2.पंचामृत, 3.पंचगव्य, 4.सोमरस, 5.अमृत, 6.तुलसी रस, 7.खीर, 9.आंवला रस

8. 10 महाविद्या :-
1.काली, 2.तारा, 3.त्रिपुरसुंदरी, 4. भुवनेश्‍वरी, 5.छिन्नमस्ता, 6.त्रिपुरभैरवी, 7.धूमावती, 8.बगलामुखी, 9.मातंगी और 10.कमला।

9. 10 उत्सव :-
1 नवसंवत्सर, 2 मकर संक्रांति, 3 वसंत पंचमी, 4 पोंगल, 5 होली, 6 दीपावली, 7 रामनवमी, 8 कृष्ण जन्माष्‍टमी, 9 महाशिवरात्री
10 नवरात्रि।

10. 10 बाल पुस्तकें :-
1.पंचतंत्र, 2.हितोपदेश, 3.जातक कथाएं, 4.उपनिषद कथाएं, 5.वेताल पच्चिसी, 6.कथासरित्सागर, 7.सिंहासन बत्तीसी, 8.तेनालीराम, 9.शुकसप्तति, 10.बाल कहानी संग्रह।

11. 10 पूजा :-
1 गंगा दशहरा
2 आंवला नवमी पूजा
3 वट सावित्री
4 तुलसी विवाह पूजा
5 शीतलाष्टमी
6 गोवर्धन पूजा
7 हरतालिका तिज
8 दुर्गा पूजा
9 भैरव पूजा
10 छठ पूजा

12. 10 धार्मिक स्थल :-
(१) 12 ज्योतिर्लिंग
(२) 51 शक्तिपीठ
(३) 4 धाम
(४) 7 पुरी
(५) 7 नगरी
(६) 4 मठ,आश्रम
(७) 10 समाधि स्थल
(८) 5 सरोवर
(९) 10 पर्वत
(१०)10 गुफाए

13. 10 पूजा के फूल :-
1 आंकड़ा
2 गेंदा
3 पारिजात
4 चंपा
5 कमल
6 गुलाब
7 चमेली
8 गुड़हल
9 कनेर
10 रजनीगंधा

14. 10 धार्मिक सुगंध :-
1 गुग्गुल
2 चंदन
3 गुलाब
4 केसर
5 कर्पूर
6 अष्टगंथ
7 गुढ़-घी
8 समिधा
9 मेहंदी
10 चमेली।

15. 10 यम-नियम :-
1.अहिंसा
2.सत्य
3.अस्तेय
4.ब्रह्मचर्य
5.अपरिग्रह
6.शौच
7.संतोष
8.तप
9.स्वाध्याय
10.ईश्वर-प्रणिधान

16. 10 सिद्धांत :-
1.एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति (एक ही ईश्‍वर है दूसरा नहीं)
2.आत्मा अमर है
3.पुनर्जन्म होता है
4.मोक्ष ही जीवन का लक्ष्य है
5.कर्म का प्रभाव होता है, जिसमें से ‍कुछ प्रारब्ध रूप में होते हैं इसीलिए कर्म ही भाग्य है
6.संस्कारबद्ध जीवन ही जीवन है
7.ब्रह्मांड अनित्य और परिवर्तनशील है
8.संध्यावंदन-ध्यान ही सत्य है
9.वेदपाठ और यज्ञकर्म ही धर्म है
10.दान ही पुण...See more

23/02/2026

इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :-

1. दूध ना पचे तो - सोंफ

2. दही ना पचे तो - सोंठ

3. छाछ ना पचे तो - जीरा व काली मिर्च

4. अरबी व मूली ना पचे तो - अजवायन

5. कड़ी ना पचे तो - कड़ी पत्ता

6. तेल, घी, ना पचे तो - कलौंजी

7. पनीर ना पचे तो - भुना जीरा

8. भोजन ना पचे तो - गर्म जल

9. केला ना पचे तो - इलायची

10. ख़रबूज़ा ना पचे तो - मिश्री का उपयोग करें

◾योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।

◆ लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है।

◆ हाई बी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करें।

◆ लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें।

◆ कूबड़ निकलना - फास्फोरस की कमी।

◆ कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं।

◆ दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी।

◆ सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी।

◆ सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें।

◆ अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें।

◆ जम्भाई - शरीर में आक्सीजन की कमी।

◆ जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें।

◆ ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।

◆ किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये। गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है।

◆ अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं।

◆ वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा।

◆ परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं।

◆ पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है।

◆ RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है।

◆ सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें।

◆ पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है।

◆ भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है।

◆ HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा।

◆ गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें।

◆ चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है।

◆ शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है।

◆ वात के असर में नींद कम आती है।

◆ कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।

◆ कफ के असर में पढाई कम होती है।

◆ पित्त के असर में पढाई अधिक होती है।

◆ आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है।

◆ शाम को वात-नाशक चीजें खानी चाहिए।

◆ प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए।

◆ सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है।

◆ व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए।

◆ भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए।

◆ जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं।

◆ निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास ( लंघन ) से बुखार शांत होता है।

◆ भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है।

◆ दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,

◆ माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं।

◆ तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए।

◆ छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है।

◆ कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है। ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है।

◆ मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए।

◆ सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें।

1-मिस काल पर गैस सिलेण्डर। 2-आनलाइन बिलों का भुगतान।3-यू पी आई पेमेन्ट।4-डीजी लाॅकर।5-जन औषधि केन्द्र।6-आयुष्मान कार्ड।7...
07/02/2026

1-मिस काल पर गैस सिलेण्डर।
2-आनलाइन बिलों का भुगतान।
3-यू पी आई पेमेन्ट।
4-डीजी लाॅकर।
5-जन औषधि केन्द्र।
6-आयुष्मान कार्ड।
7-नयी संसद भवन।
8-फ्री वैक्सीनेशन।
9-जन धन योजना।
10-सर्जिकल स्ट्राईक।
11-ऑपरेशन सिन्दूर।
12-तीन तलाक़ बिल।
13-आधार लिंक।
14-फास्ट टैग।
15-चिनाब ब्रिज।
16-जम्बू की सुरंग।
17-गंगा एक्सप्रेस-वे।
18-काशी कोरीडोर।
19-विश्वनाथ कोरीडोर।
20-केदारनाथ पुनर्निर्माण।
21-श्री राम मन्दिर निर्माणह
22-सुकन्या समृद्धि योजना।
23-शौचालयों का निर्माण।
24-रेलवे पटरियों का दोहरीकरण।
25-रेलवे स्टेशनों का विस्तार।
26-टिकट बुकिंग में दिन कम।
27-टिकट कैंसिलेशन सुविधा।
28-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना।
29-भारत माला प्रोजेक्ट।
30-18 एम्स का निर्माणह
31-S I R
32-महात्मा गाँधी सेतु पुनर्निर्माण।
33-भूपेन हजारिका सेतु।
34-सेना का आधुनिकीकरणह।
35-मेक इन इण्डिया।
36-ड्रोन क्रान्ति।
37-किसानों के खाते में सीधे पैसे।
38-राशन डिजिटलाईजेशन।
39-फ्री राशन।
40-कन्या सुमंगला योजनाह
41-G S T लागू करना।
42-G S T में भारी कटौती।
43-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्ष।
44-तालाबों का निर्माण।
45-हर घर नल से जल।
46-22 घण्टे बिजली।
47-इनकम टैक्स में अभूतपूर्व छूट।
48-धारा 370 का हटाना।
49-553 नये रेलवे स्टेशन।
50-1500 नये ओवर ब्रिज।
51-200 से अधिक बेकार कानून हटाना।
52-E D के रिकार्ड तोड भ्रष्टाचारियों पर छापे।
53-3000 रु में फास्ट टैग की वर्षभर की छूट।
54-E V M में VVPAT लागू करना।
55-कर्तव्य पथ मार्ग।
56-नोटों में सांस्कृतिक धरोहरों के चित्र।
57-नांलदा यूनिवर्सिटी का पुनर्निमाण।
58-तेजस का घरेलू उत्पादन।
59-सेल फोन निर्माण में आत्मनिर्भरता।
60-मुद्रा योजना।
61-उज्ज्वला योजना।
62-सुरक्षा बीमा।
63-390 नये विश्वविद्यालय
64-7 नये IIT
65-7 नये IIM
66-16 नये IIIT
67-300 नये मेडिकल कालेज।
68-पम्बन ब्रिज का निर्माण।
69-ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट।
70-उत्तराखंड चारधाम सड़क निर्माण।
71-ब्रह्मोस उत्पादन फैक्ट्री।
72-असाल्ट रायफल निर्माण अमेठी।
73-वन्दे भारत आधुनिक ट्रेनें।
74-वक्फ बोर्ड प्रापर्टी पर कानून।
75-रेलवे में बायोट्वायलेट।
76-श्रम हित के श्रम कानूनों को लागू करना।
77-G RAM जी योजना लागू करना।
78-सड़कों के निर्माण में भारत चीन को पीछे छोड़ चुका है।
79-12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ।
80-8 लाख से अधिक कार्मिशियल लाइसेंस आवन्टन।
81-80,000 नये पैट्रोल पम्प।
82-शौर्य स्थल का निर्माण।
83-रेल बजट का आम बजट में विलय।
84-9000 से अधिक नये स्कूल।
85-अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर।
86-बार्डर पर फैन्सिंग।
87-आर्मी को आतंक के विरुद्ध खुली छूट।
88-विकास कौशल योजना।
89-विमुद्रीकरण।
90-टोल नाके समाप्त करके फास्ट टैग सुविधा।
91-चन्द्रयान।
92-मंगल मिशन।
93-मल्टी सैटेलाईट स्टैबिलाइजेशन।
94-बिहार में बाढ प्रभावित क्षेत्रों को कम करना।
95-लाईनें ख़त्म।
96-स्मार्ट सिटी विस्तार।
97-किसानों को यूरिया कोटिंग।
98-P F निकालना सुविधाजनक हुआ।
99-निजी और घरेलू क्षेत्रों में 5 करोड़ से अधिक नये रोज़गार का सृजन।
100-कृर्षि कानून पारित हुये होते तो दलाली भी ख़त्म होती और मण्डियों पर बहुत से बांग्लादेशियों के अवैध कब्ज़े भी ख़त्म हुये होते।

इसलिये भाजपा और मोदी जी के साथ डटकर खड़े रहिये, और विपक्ष की साज़िशों को समझिये।

एक देश एक चुनाव।
जनसंख्या नियन्त्रण कानून।
ये भी लागू होना है...

आपने भाजपा को वोट दिया इसीलिये काश्मीर में पत्थरबाजी में 90% गिरावट आयी, राम मन्दिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बना, 370 हटी, आतंकी हमलों का बदला पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा...!

आज 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को सम्पूर्ण भारत में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है।...
23/01/2026

आज 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को सम्पूर्ण भारत में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान, वाणी, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। शास्त्रों के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को माँ सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसी कारण यह तिथि वागेश्वरी जयंती के रूप में भी पूजित है। यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि मानव जीवन में ज्ञान और विवेक के जागरण का प्रतीक है।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

सनातन धर्म के अनुसार माना गया है कि जब सृष्टि की रचना हुई, तब ब्रह्मा जी ने माँ सरस्वती का आवाहन किया और उनके प्राकट्य से संसार को शब्द, स्वर और विद्या प्राप्त हुई। यही कारण है कि वे हंसवाहिनी, वीणावादिनी और श्वेतवस्त्रधारिणी देवी के रूप में पूजित हैं, जो मनुष्य के अज्ञान को दूर कर उसे ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करती हैं।

पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे पहले माँ सरस्वती की पूजा की थी। हरिवंश पुराण, गर्ग संहिता और ब्रह्मवैवर्त पुराण में इसका उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि राधा से विवाह के पश्चात माँ सरस्वती ने श्रीकृष्ण से वरदान माँगा। श्रीकृष्ण ने उन्हें यह वर दिया कि माघ शुक्ल पंचमी को जो भी भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक उनकी पूजा करेगा, उसे विद्या, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होगी। तभी से बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन की परंपरा आरम्भ हुई।

ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।

यह दिन विद्यार्थियों, शिक्षकों, कलाकारों, लेखकों और साधकों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। अनेक घरों में आज के दिन बच्चों को अक्षर ज्ञान कराया जाता है, पुस्तकों और वाद्य यंत्रों का पूजन किया जाता है और माँ से यह प्रार्थना की जाती है कि वे जीवन में सही मार्ग, शुद्ध विचार और मधुर वाणी का आशीर्वाद प्रदान करें।

हे हंस वाहिनी माता, तेरी सदा ही जय।
माँ सरस्वती हम सभी को सद्बुद्धि, सद्ज्ञान और सद्विवेक प्रदान करें, ताकि हम अपने जीवन को धर्म, सत्य और मर्यादा के पथ पर आगे बढ़ा सकें। बसंत पंचमी हमें यह स्मरण कराती है कि ज्ञान ही वह शक्ति है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को उन्नति के शिखर तक ले जाती है।

रामायण संदेश परिवार की ओर से आप सभी को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ सरस्वती की कृपा से आपका जीवन विद्या, विवेक और संस्कारों से सदैव परिपूर्ण रहे।

स्पष्टीकरण स्वरूप यह उल्लेख करना आवश्यक है कि सामान्य लोकमान्यता और अधिकांश वैष्णव परंपराओं के अनुसार श्रीकृष्ण और श्रीराधा का विवाह नहीं हुआ था। उनका संबंध विवाह से परे दिव्य, आत्मिक और शाश्वत प्रेम का प्रतीक माना जाता है। राधा-कृष्ण का प्रेम यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम सामाजिक बंधनों से ऊपर, भक्ति और आत्मिक एकत्व का स्वरूप होता है।

जय माँ सरस्वती
जय सियाराम

23/01/2026

| ▶️भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में थोड़ा रंग में नजर आए। उन्होंने 22 गेंदों पर 32 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और एक छक्का लगाया।

▶️ सूर्यकुमार यादव ने नागपुर में हुए पहले टी20 के दौरान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम का भी वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। सूर्या ने यह इतिहास बिना रन बनाए मैदान पर उतरते ही रच दिया था। यह रिकॉर्ड है सबसे कम दिनों में 100 टी20 मैच खेलने का।

▶️सूर्यकुमार यादव ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 के रूप में अपना 100वां T201 मैच खेला। बाबर आजम ने अपने डेब्यू से 100वां इंटरनेशनल मैच खेलने के लिए 2410 दिन लिए, जो तकरीबन 7 साल के करीब बैठते हैं।

▶️वहीं 14 मार्च 2021 को टी20 क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सूर्यकुमार यादव ने 1774 दिनों में इस मील के पत्थर को हासिल किया। सूर्यकुमार यादव अब टी20 में सबसे कम दिनों में 100 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।



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हाईवे, जंगल रोड या सुनसान रास्तों पर कुछ आपराधिक लोग जानबूझकर चलती कार के फ्रंट विंडशील्ड पर अंडा फेंकते हैं।अंडा लगते ह...
23/01/2026

हाईवे, जंगल रोड या सुनसान रास्तों पर कुछ आपराधिक लोग जानबूझकर चलती कार के फ्रंट विंडशील्ड पर अंडा फेंकते हैं।
अंडा लगते ही:
कांच पर पीला–सफेद चिपचिपा लेयर बन जाता है
हवा और धूल मिलते ही वह फैलने लगता है
ड्राइवर को लगता है कि तुरंत वाइपर चलाना या गाड़ी रोकना चाहिए
यही गलती करवाने के लिए अंडा फेंका जाता है।
2️⃣ अंडा क्यों फेंका जाता है हाईवे या जंगल में?
यह कोई शरारत नहीं, बल्कि सोची-समझी आपराधिक रणनीति है।
मुख्य कारण:
▪️ 1. ड्राइवर की नजर बंद करना
अंडा टूटते ही विज़न 50–70% कम हो जाता है
वाइपर चलाने पर 100% कांच ढक जाता है
▪️ 2. ड्राइवर को घबराहट में लाना
अचानक कुछ न दिखने से दिमाग काम करना बंद कर देता है
ड्राइवर तुरंत ब्रेक या स्टेयरिंग गलत घुमा देता है
▪️ 3. गाड़ी रुकवाना (यही असली मकसद)
जैसे ही गाड़ी रुकी
अपराधी पास आते हैं
लूट, मारपीट या किडनैप तक की कोशिश होती है
▪️ 4. अंडा इसलिए चुना जाता है क्योंकि
सस्ता है
आसानी से मिलता है
पानी डालने या वाइपर चलाने से हालात और बिगड़ते हैं
3️⃣ अब सबसे जरूरी हिस्सा: ऐसी स्थिति में सही ड्राइविंग कैसे करें
❌ सबसे पहले ये चार काम बिल्कुल मत कीजिए
अचानक ब्रेक न लगाएँ
वाइपर न चलाएँ
पानी/वॉशर न दबाएँ
सुनसान जगह पर गाड़ी न रोकें
✅ सही ड्राइविंग उपाय (स्टेप बाय स्टेप)
1️⃣ घबराएँ नहीं
स्टीयरिंग सीधा रखें
दोनों हाथ स्टीयरिंग पर रखें
2️⃣ वाइपर और वॉशर बिल्कुल बंद रखें
वाइपर = अंडा पूरे कांच पर फैल जाएगा
पानी = चिपचिपाहट और बढ़ेगी
3️⃣ स्पीड धीरे-धीरे कम करें
अचानक ब्रेक नहीं
इंडिकेटर ऑन रखें
अपनी लेन में ही रहें
4️⃣ जब दिखना कम हो तो कैसे चलाएँ
सड़क की सफेद लाइन / डिवाइडर को गाइड बनाएं
आगे चल रही गाड़ी की टेल लाइट देखें
हाई बीम न करें (रिफ्लेक्शन बढ़ता है)
5️⃣ कहां बिल्कुल नहीं रुकना है
जंगल के बीच
मोड़ या ढलान पर
पुल, नाले या झाड़ियों के पास
6️⃣ कहां जाकर ही रुकना है
टोल प्लाज़ा
पुलिस चेकपोस्ट
पेट्रोल पंप
ढाबा या भीड़ वाली जगह
चाहे 5–10 किलोमीटर आगे जाना पड़े, लेकिन सुरक्षित जगह तक गाड़ी चलाते रहिए।
7️⃣ अगर बिल्कुल भी न दिखे
गाड़ी को धीरे-धीरे साइड में लें
इंजन चालू रखें
दरवाजे लॉक रखें
हॉर्न हल्का बजाते रहें
मोबाइल पर 112 डायल करें
🔴 सबसे महत्वपूर्ण बात (याद रखने वाली लाइन)
“अंडा कांच पर नहीं, खतरा गाड़ी रोकने में है।”
अगर आप चाहें तो मैं
महिलाओं के लिए अलग सुरक्षा रणनीति
बच्चों/परिवार के साथ होने पर क्या करें
रात और दिन में फर्क
पहले से गाड़ी में क्या रखें

23/01/2026

T20I में कप्तान के तौर पर 200+ रन का बचाव करते हुए सबसे ज़्यादा जीत

18/01/2026

ए.आर. रहमान को अब हर सवाल में “सांप्रदायिकता” दिखने लगी है।
जब करियर शिखर पर था, तब भारत की उदारता याद नहीं आई।
आज काम कम हुआ, तो दोष देश और समाज पर?

भारत ने ही रहमान को पहचान दी।
भारत ने ही शाहरुख, सलमान, आमिर जैसे सितारे बनाए।
किसी “मुस्लिम देश” ने नहीं।

काम कम होना कला की कसौटी है,
देश को कटघरे में खड़ा करना नहीं।
आलोचना से भागना आसान है,
आत्ममंथन करना मुश्किल।

कमल के फूल का कमाल.......... पूरा पढ़े*ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से जम्मू कश्मीर से धारा 370 हट गई!*ये वही कम...
17/01/2026

कमल के फूल का कमाल.......... पूरा पढ़े

*ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से जम्मू कश्मीर से धारा 370 हट गई!
*ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 500 वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से काशी विश्वनाथ धाम भव्य बन गया!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से देश में शानदार राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछ गया है।
+ये वही कमल का फूल है जिसका बटन दबाने से गांव में कच्ची बज बजाती गलियां नहीं, सीमेंटेड गालियां निर्मित हो गई हैं।
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गुंडों माफियाओं की 2000 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त/ध्वस्त हुई!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से यूपी में दंगाई दंगा करने से घबराते है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 40-50 वर्ष पुरानी लटकी भटकी सरयू नहर और बाण सागर जैसी सिंचाई परियोजनाएं पूरी हुई!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 31 साल बाद गोरखपुर का खाद कारखाना पुनः चालू हुआ!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से बंद पड़ी 20 से अधिक चीनी मिलें पुनः शुरू हुई और उनकी क्षमता में भी वृद्धि हुई!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 1 करोड़ छात्र छात्राओं को टैबलेट और मोबाइल फोन मिले!
*ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से उत्तर प्रदेश के करोड़ों प्रतियोगी छात्र छात्राओं को मुफ्त कोचिंग की सुविधा मिली!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से बालिकाओं को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा की सुविधा मिली!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 4.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से मुफ्त दोगुना राशन मिल रहा है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 1.67 करोड़ गरीबों को मुफ्त उज्जवला गैस कनेक्शन मिला!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 24 घंटे बिजली मिल रही है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 43 लाख गरीबों को आवास, 2.61 करोड़ शौचालय, नल से स्वच्छ जल मिल रहा है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 2.55 करोड़ किसानों को 6000₹ किसान सम्मान निधि मिली!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ हुआ!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गन्ना किसानों को समय पर 1.55 लाख करोड़ का भुगतान मिला!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिल रही है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होती है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से अयोध्या में दिव्य दीपावली मनती है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से हमारे धार्मिक स्थलों का भव्य सौंदर्यीकरण हो रहा है!
ये ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से हर जिले में मेडिकल कॉलेज बन रहे है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से दस शहरों में मेट्रो का निर्माण हो रहा है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश में 6 एक्सप्रेसवे बन रहे है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 25 करोड़ जनता को मुफ्त कोरोना वैक्सीन लग रही है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से पाकिस्तान को हम घर में घुसकर मारते है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है!
ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश में आकाश, ब्रम्होस जैसी घातक मिसाइलें बनाने का प्लांट लगा है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गुंडे माफिया थाने में जाकर सरेंडर कर रहे है!
ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से दंगाइयों से सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की वसूली की जा रही है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से लव जिहादियों पर नकेल कसी जा रही है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से कैराना में हिंदुओं का पलायन रुका!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से नोएडा में फिल्म सिटी बन रही है!
येये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से नोएडा में डाटा सेंटर बन रहा है!
ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से गैस पाइपलाइन बिछ रही है!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से उत्तर प्रदेश की जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से उत्तर प्रदेश भारत की जीडीपी में सबसे ज्यादा योगदान करने वाला दूसरा राज्य बना!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 2.68 लाख से अधिक निर्धन कन्याओं का विवाह हुआ!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 98.28 लाख वृद्धजनों को 1000₹ मासिक पेंशन मिली!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 3.81 करोड़ कामगारों को 500₹ मासिक भरण पोषण भत्ता मिला!
ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 10.93 लाख बेटियों को ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के लिए सहायता मिली!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 1.38 लाख स्कूलों का कायाकल्प और 7 नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 1 करोड़ महिलाओं को 10 लाख स्वयं सहायता समूह के जरिए रोजगार मिला!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 2 करोड़ युवाओं को एमएसएमई के जरिए रोजगार मिला!
येये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 3.5 लाख युवाओं को संविदा पर नौकरी मिली!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश में 3 लाख करोड़ का निवेश आया और इससे 25 लाख युवाओं को रोजगार मिला!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से 6.51 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा मिली!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश में दो ऐम्स (गोरखपुर और रायबरेली) का संचालन हुआ!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से कोरोना महामारी से प्रदेशवासियों को बचाने के लिए 550 ऑक्सीजन प्लांट का संचालन हुआ!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से पूर्वांचल में जापानी बुखार से मामलों में 75% की कमी और मृत्यु दर में 95% की कमी आई!
+ ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश को 5 नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मिले!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश को 10 स्मार्ट सिटी मिली!
+ये वही कमल का फूल है, जिसका बटन दबाने से प्रदेश को एसजीपीजीआई में देश का सबसे बड़ा किडनी ट्रांसप्लांट केंद्र मिला!

इस कमल के फूल की सोच ईमानदार है, काम दमदार है और इसीलिए फिर एक बार कमल के फूल की सरकार है!
🙏🏻साभार
Bharatiya Janata Party (BJP) Narendra Modi PMO India Amit Shah Nitin Nabin MYogiAdityanath ji ,

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