26/05/2021
मौका मिले तो जरूर पढ़िएगा।
देश के हित में खड़े रहने का मतलब है कि एक सौ पैंतीस करोड़ लोगों की भावनाओं का सम्मान करना।
कट्टर सोच या अन्धभक्ति में लिप्त होकर गलत को सही कहना कहीं से देशभक्ति नहीं।
चाहे कोई भी मामला हो अगर सरकार अच्छा कर रही है तो उसकी प्रशंसा और सराहना करनी चाहिए और अगर ग़लत तो उसका विरोध भी लोकतांत्रिक दायरे में करनी चाहिए।
सरकार को भी चाहिए कि हर भारतीयों का ख्याल रखें ना की सिर्फ अपने शुभचिंतकों का विपक्षी पार्टी को भी चाहिए कि पहले यह सोचें कि हम भारतीय हैं बाद में पार्टी या राजनीति दल।
आज देश की वास्तविक स्थिति ये हो रही की हम आपदा में अवसर तलाश करते हैं उसका प्रमुख हथियार तो आज के युग में जात-पात,अगरा-पिछड़ा गरीबी या पूंजीपतिवर्ग है।
हमारे मुद्दों में विकास,स्वास्थ्य, शिक्षा,और रोजगार, अस्पताल, स्कूल काॅलेज विश्वविद्यालय की जगह आज हम हिन्दू,मुस्लिम,मंदिर,मस्जिद, गाय,गोबर शमशान और कब्रिस्तान की बात प्रमुखता से रखतें और चुनावों में उठाते हैं।
सबसे पहले हम सभी भारतीय हैं और बाद में किसी जाति विशेष से आते हैं हर व्यक्ति को अपने अपने धर्म को मानने का और उसपर गर्व करने का अधिकार है।
इसपर तो कोई बात या राजनीति तो होनी ही नहीं चाहिए।
हां देश के साथ सभी को निस्वार्थ भाव से खड़े रहना चाहिए चाहे आपदाओं से या विरोधियों से लड़ने के लिए हो चाहे मिलकर देश की प्रगति के लिए एकता के साथ तरक्की करने के लिए।
अगर किसी भी देश से भारत के रिश्ते अच्छे नहीं तो हर भारतीय का वो दुश्मन है।
अगर मुसलमान पक्ष मजलूम फिलिस्तीनियों का समर्थन करें तो देश हित को छोड़कर अंधभक्ति में लुप्त लोग या कुछ गोदी बंधूओ इजरायल के समर्थन में आ जाते हैं बिना तथ जाने या भारतीय इतिहास को जाने जो कहीं से उचित नहीं है।
अगर कोई व्यक्ति या कटर मानसिकता भी रखता है वो भी अशोभनिय है।
कोरोना काल में जिस तरह चुनाव करवाए गए और भारत के संविधानिक पदों का दुरुपयोग हुआ चाहे सत्ता पक्ष या विपक्ष के द्वारा जो देश हित, मानवता के लिए कोरोना महामारी को परास्त करने के लिए कहीं से शोभनीय नहीं रहा।
महामारी में जिस तरह से सरकार के द्वारा बहुत सारे सकारात्मक उपाय किए गए उसकी सराहना होना चाहिए पर अस्पतालों की व्यवस्था देखने को मिल रही जो ज्यादातर जिला स्तर पर की है अगर प्रखंड व पंचायत की बात करें तो बेहद चिंताजनक और लचर होगा।
क्योंकि हमने कभी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए वोट नहीं किया आज उसका परिणाम भुगतना पर रहा।
आक्सीजन,दवाई बेड की तो बात ही नहीं किया जाए।
जिस तरह से कालाबाजारी हुई और हो रही उसको करने वाले को अल्लाह ईश्वर तो कभी माफ नहीं करेगा।
बहुत सारे लोगों ने जरुरतमंदों की मदद की वैसे सभी भारतीय की सराहना करनी चाहिए चाहे वो सत्ता पक्ष के हों विपक्ष के या आम इंसान।
बाबा रामदेव जी खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हैं कोई कार्रवाई नहीं हजारों डाक्टरों का अपमान करते हैं उनपर कोई एक्शन नहीं स्वामी नरशिंहमा जी मुस्लिम समुदाय के पैगम्बर मुहम्मद साहब को और खुलेआम विडियो और मिडिया के माध्यम से अपशब्द बोल रहे हैं आखिर उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होता।
हमारा ही देश आशाराम , राम-रहीम को सजा दे सकती है तो पुष्पेन्द्र समेत जो भी चाहे वो किसी समुदाय का किसी भारत में रहने वाले किसी भी समुदाय के बारे में गलत टिप्पणी या अपशब्दों का प्रयोग करे उसके उपर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
आपदा के समय जहां भी आपदा आई हो हर राज्य को उसके जनसंख्या के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए अगर प्रधानमंत्री जी का दौरा हो तो हर प्रभावित क्षेत्रों का हो।
मुख्यमंत्रियों को भी चाहिए कि प्रधानमंत्री जी के गरिमा को समझें।
जब एक टि्वट पर डॉ संदिपपात्रा की टि्वटर को नोटिस भेजा जा सकता है नहीं ज़वाब मिलने पर आफिस पर पुलिस जा सकती है तो किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए प्रतिनिधि मंडल क्यों नहीं?
आखिर किसानों को मामला खत्म क्यों नहीं हो रहा इस पर सोचने की आवश्यकता है।
जहां एक मिडिया कर्मी या रिसर्चर लोग एक व्यक्ति का नाम का पता नहीं लगा सकता या उससे बुल वा सकता फिर उसपर कोई एंगल निकाल कर अपनी सुर्खियां बना कर टिआरपी बटोरने में लग जाए जो शोभनीय नहीं।
हां बेहतर शिक्षक या बेहतर डाक्टर या ब योग गुरु कुछ ऐसा भी बोलदे जिससे किसी व्यक्ति विशेष या इंसान को भावनाओं को गहरा धक्का लगे जो कहीं उचित नहीं ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए।
हर भारतीय हर राजनीतिक दल को कानून का पालन खूद और दूसरों को भी करना चाहिए।
यह पोस्ट मैं सिर्फ एक भारतीय होने के नाते कर रहा हूं इसलिए कट्टर सोच और अन्धभक्ति के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि देशभक्ति के लिए पढ़ें।
ग़लत को ग़लत बोलिए उसमें किसी तरह का एंगल नहीं निकालें जिससे कोई झूठ का जन्म हो।
अच्छा शासक या बेहतर इंसान वही होगा जो अपने पिता या पुत्र मित्र सगे संबंधियों को ग़लत कहने की हिम्मत और उसके उपर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करे तो यकीन मानिए देश में अमन-चैन के साथ हम हर महामारी से के साथ दुश्मनों से भी मजबूती से लड़ेंगे।
हमारी मिशाल हमेशा यह रहेगी दुनिया भर में की भैया भारतियों से कभी भी किसी भी क्षेत्र में पंगा नहीं लेना।
आइए मिलकर कोरोनावायरस के साथ साथ हमारे मन और दिल में छुपे नफरतों के वायरस को मारकर हराएंगे।
जयहिंद।