16/02/2026
जब वोट डालने जाओ तो भीड़ मत देखना, झंडे मत देखना, बड़े-बड़े वादे मत सुनना… बस अपनी उंगली पर लगी स्याही से पहले उस निशान को याद करना जिसने हर बार तुम्हारी आवाज़ उठाई। राजनीति में चेहरे बदलते रहते हैं, गठबंधन बनते-बिगड़ते रहते हैं, लेकिन संघर्ष की पहचान नहीं बदलती। खेत सूखा हो या मंडी में दाम गिरा हो, सड़क टूटी हो या नौजवान बेरोजगार बैठा हो — जिन दिनों कोई नहीं बोलता था, तब भी एक आवाज़ लगातार खड़ी रही, और उसी आवाज़ का प्रतीक है वो चुनाव चिन्ह। ये सिर्फ बैलेट पेपर पर बना निशान नहीं, ये तुम्हारे भरोसे, तुम्हारे गुस्से, तुम्हारी उम्मीद और तुम्हारे स्वाभिमान की मोहर है।
इस बार वोट पार्टी को नहीं, उस भरोसे को देना है जो हर बार तुम्हारे साथ खड़ा रहा। उंगली बटन पर जाए उससे पहले याद करना कि तुम्हारे दर्द को किसने शब्द दिए, किसने सड़कों से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी। भीड़ चाहे जिधर जाए, माहौल चाहे जैसा बने, समर्थक की पहचान यही है कि वो आखिरी पल में भी अपने चुनाव चिन्ह को नहीं भूलता, क्योंकि वही उसकी लड़ाई का असली साथी है।
*हनुमान बेनीवाल 🔰⚠️👑*
*राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 🫡🔰*