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08/08/2026

बच्चे मन के सच्चे...

कुपुत्रो: जायेत् क्वचिदपि: कुमाता: न भवति: .....जय मां नंदा ... राजराजेश्वरी भवानी... भगवती... आदिशक्ति... नारायणी नमोस्...
08/08/2026

कुपुत्रो: जायेत् क्वचिदपि: कुमाता: न भवति: .....
जय मां नंदा ... राजराजेश्वरी
भवानी... भगवती... आदिशक्ति... नारायणी नमोस्तुते नमोस्तुते
#मां #नंदाराजराजेश्वरी
#चमोली #उत्तराखंड

08/08/2026
08/08/2026

बढ़ता #उत्तराखंड.... जागता #उत्तराखंड ...
#विरलपोस्ट

08/08/2026

RTI के आंकड़े बता रहे हैं: उत्तराखंड में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, अब ठोस समाधान का समय है

उत्तराखंड की पहचान घने जंगलों, समृद्ध जैव विविधता और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के लिए रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह संतुलन लगातार बिगड़ता दिखाई दे रहा है। अब मानव–वन्यजीव संघर्ष केवल जंगलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों, खेतों और घरों तक पहुंच चुका है। आए दिन गुलदार और बाघ के हमलों में लोगों के घायल होने और जान गंवाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह स्थिति पूरे राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

हाल ही में सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से प्राप्त आंकड़े भी इसी ओर संकेत करते हैं। वर्ष 2023–24 से मई 2026 तक के आंकड़ों में मानव मृत्यु, मानव घायल होने और पशुधन की क्षति के हजारों मामले दर्ज किए गए हैं। यह स्पष्ट करता है कि मानव–वन्यजीव संघर्ष की चुनौती लगातार बढ़ रही है और इसे केवल एक स्थानीय समस्या मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।

चिंताजनक स्थिति

* मानव मृत्यु और घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
* पशुधन की क्षति ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल रही है।
* गुलदार और अन्य वन्यजीव अब गांवों और रिहायशी क्षेत्रों में अधिक दिखाई दे रहे हैं।
* महिलाएं, बच्चे, किसान और पशुपालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

 #उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास की वीरांगना.... अदम्य शौर्य और साहस की प्रतीक, पहाड़ की वीर बाला  #तीलू रौतेली जी की जयंत...
08/08/2026

#उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास की वीरांगना....
अदम्य शौर्य और साहस की प्रतीक, पहाड़ की वीर बाला #तीलू रौतेली जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन....
आज भी हमारी मातृभूमि में #मातृशक्ति में उनकी साहसी चरित्र की आभा स्पष्ट दिखाई देती है..
#भारतमाता

 #उत्तराखंड के हिमालय में खिला दुर्लभ 'पदमचाल' फूल, 7–15 साल में एक बार करता है पुष्पित; औषधीय गुणों से भी भरपूर.....उत्...
08/08/2026

#उत्तराखंड के हिमालय में खिला दुर्लभ 'पदमचाल' फूल, 7–15 साल में एक बार करता है पुष्पित; औषधीय गुणों से भी भरपूर.....
उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में इन दिनों एक बेहद दुर्लभ पौधा पदमचाल (Padamchal) लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। सोशल मीडिया पर इसे कई जगह 'डायमंड फ्लावर' कहा जा रहा है, हालांकि इसका वैज्ञानिक नाम Rheum nobile (नोबल रूबार्ब) है। यह पौधा समुद्र तल से लगभग 4,000 से 4,800 मीटर की ऊंचाई पर कठिन हिमालयी परिस्थितियों में उगता है।
इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनोखी बनावट और लंबा जीवन चक्र है। इसकी ऊंचाई करीब 3 से 6.5 फीट तक हो सकती है और यह लगभग 7 से 15 वर्षों में एक बार पुष्पित होता है। फूल आने के बाद इसका जीवन चक्र धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है, इसलिए इसे मोनोकार्पिक पौधा भी कहा जाता है।
पदमचाल अत्यधिक ठंड, तेज़ पराबैंगनी (UV) किरणों, कम ऑक्सीजन और बर्फीले मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की क्षमता रखता है। इसके हल्के पीले, पारदर्शी आवरण अंदर के फूलों को प्रतिकूल मौसम से सुरक्षा प्रदान करते हैं। यही अनोखी विशेषताएं इसे हिमालय के सबसे दुर्लभ पौधों में शामिल करती हैं।
स्थानीय समुदाय लंबे समय से इसे पारंपरिक औषधीय पौधे के रूप में जानते हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार इसका उपयोग सिरदर्द, अपच, सूजन और हड्डी से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है। हालांकि किसी भी औषधीय उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।
उत्तराखंड में यह दुर्लभ पौधा फूलों की घाटी (Valley of Flowers), हेमकुंड साहिब क्षेत्र, गंगोत्री नेशनल पार्क सहित कुछ ऊंचाई वाले हिमालयी इलाकों में देखा जा सकता है। इसके अलावा यह सिक्किम, नेपाल, भूटान और तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों में भी पाया जाता है।
यह दुर्लभ पौधा हिमालय की जैव विविधता का एक अनमोल हिस्सा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ट्रेकिंग के दौरान यह दिखाई दे तो इसे केवल दूर से निहारें और किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी प्रकृति के इस अद्भुत चमत्कार को देख सकें....

अपने  #उत्तराखंड के सच्चे शेर दिल सपूतों की... एक बड़ी व पूज्य श्रृंखला में श्रद्धा सुमन अर्पित हमेशा महान व्यक्तित्वों ...
08/08/2026

अपने #उत्तराखंड के सच्चे शेर दिल सपूतों की...
एक बड़ी व पूज्य श्रृंखला में श्रद्धा सुमन अर्पित
हमेशा महान व्यक्तित्वों के मार्गदर्शन से प्रेरणा... हमारी नई पीढ़ी ले रही है आज भी हजारों अपने युवा भारत माता की सेवा यात्रा का हिस्सा भिन्न - भिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ सेवाएं देकर आगे बढ़ रहे हैं....

दिवंगत जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का मार्गदर्शन आज भी हम सभी देशवासियों एवं प्रदेशवासियों को राष्ट्र सेवा समर्पण की श्रेष्ठ सोच और दृष्टिकोण को नई दिशा देता है........🇮🇳
#भारत माता की सदा जय हो

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