20/05/2026
देश की सुरक्षा एवं संप्रभुता के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी भी षड्यंत्र को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा पाकिस्तान से जुड़े आतंकी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है। जांच में यह सामने आना कि संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें, वीडियो, GPS लोकेशन तथा लाइव फीड पाकिस्तान आधारित आतंकियों तक पहुंचाई जा रही थी, देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
विशेष रूप से नाबालिग बच्चों को इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। जब कोई संगठन बच्चों का इस प्रकार इस्तेमाल करता है, तो वह केवल उनका बचपन ही नहीं छीनता, बल्कि समाज के विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी कमजोर करता है। यदि मासूम बच्चों को गलत गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, तो समाज में हर बच्चे को संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगेगा, जो एक अभिभावक, शिक्षक और पूरे समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक स्थिति होगी।
आज आवश्यकता इस बात की है कि बच्चों और युवाओं को राष्ट्रहित, नैतिक मूल्यों, जागरूकता तथा डिजिटल सुरक्षा के प्रति शिक्षित किया जाए, ताकि वे किसी भी भ्रामक, प्रलोभनपूर्ण या राष्ट्रविरोधी गतिविधि का हिस्सा न बनें। साथ ही, ऐसी एजेंसियों और संगठनों के विरुद्ध कठोर से कठोर कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि कोई भी बच्चों का इस प्रकार दुरुपयोग करने की सोचने तक का साहस न कर सके।
मैं राष्ट्रीय जांच एजेंसी एवं सभी सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, सतर्कता और साहसिक कार्रवाई की सराहना करती हूँ, जिन्होंने समय रहते इस जासूसी नेटवर्क का खुलासा कर राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण कार्य किया।
राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है।
जय हिन्द।