30/05/2026
🤡NEET परीक्षा के संचालन को लेकर अगर बार-बार यह चर्चा हो रही है कि आखिर में Armed Forces को जिम्मेदारी संभालनी पड़ेगी, तो यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
देश चलाने और प्रशासन संभालने के लिए 🤡IAS, PCS और अन्य सिविल सेवाओं के अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है। इन्हें व्यापक अधिकार, संसाधन और जिम्मेदारियां दी जाती हैं, और इन्हीं पदों पर सबसे तेज़ पदोन्नति भी देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब व्यवस्था बनाए रखना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और संस्थाओं को प्रभावी ढंग से चलाना उनकी जिम्मेदारी है, तो हर बड़ी चुनौती के समय सेना को आगे क्यों आना पड़ता है?
किसी भी बड़ी घटना, आपदा या प्रशासनिक विफलता के बाद यदि अंततः कहना पड़े कि "अब Armed Forces संभालेगी", तो यह संबंधित संस्थाओं की कार्यक्षमता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
सेना का काम देश की सुरक्षा करना है, न कि हर प्रशासनिक कमी की भरपाई करना। देश तभी मजबूत होगा जब IAS, PCS, प्रशासनिक तंत्र और सभी संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी, क्षमता और जवाबदेही के साथ निभाएं।
"अगर सिविल प्रशासन हर बार हाथ खड़े कर दे और अंत में सेना को बुलाना पड़े, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।"
🇮🇳 सेना का सम्मान करें, लेकिन प्रशासन से जवाबदेही भी मांगें।