18/08/2026
#भारतीय_मज़दूर_संघ_उत्तराखंड_ने_किया_देशव्यापी_आंदोलन
्त 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन कर #माननीय #प्रधानमंत्री जी को द्वारा जिला अधिकारी के ज्ञापन सौंपा
उत्तराखंड के सभी जिला #मुख्यालय में #देहरादून, #हरिद्वार, #उधमसिंहनगर, #नैनीताल, #अल्मोड़ा, #बागेश्वर,अन्य 17अगस्त 2026 – भारत के सबसे बड़े और प्रमुख ट्रेड यूनियन, भारतीय मज़दूर संघ ने श्रमिक वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए एक "देशव्यापी आंदोलन"किया। यह महत्वपूर्ण आंदोलन 17 अगस्त 2026 को भारत भर के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया। राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की भागीदारी" के मूल मंत्र को दोहराते हुए, बीएमएस ने स्पष्ट किया है कि श्रमिक वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। बढ़ती मुद्रास्फीति और श्रम कानूनों में बदलाव ने श्रमिकों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। यह आंदोलन न केवल हमारी मांगों को सरकार के सामने रखने का एक माध्यम है, बल्कि यह देश के हर एक श्रमिक के सम्मान और अधिकार के लिए एक एकजुट लड़ाई है।
हमारी प्रमुख मांगें निम्नानुसार हैं:
#न्यूनतम वेतन वृद्धि: अखिल भारतीय स्तर पर न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह किया जाए, ताकि हर श्रमिक सम्मानजनक जीवन जी सके।
ESIC और EPF कवरेज का विस्तार: ESIC वेतन सीमा को मौजूदा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 और EPF वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए, जिससे अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।
पेंशन सुधार: न्यूनतम EPS पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह किया जाए और इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) और संपूर्ण चिकित्सा योजना का लाभ भी प्रदान किया जाए, ताकि सेवानिवृत्त श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा मिले।
बोनस का न्यायसंगत वितरण: बोनस की गणना सीमा को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 और बोनस पात्रता वेतन सीमा को ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 किया जाए, जिससे बोनस का लाभ वास्तविक ज़रूरतमंद श्रमिकों तक पहुंचे।
संविदा श्रमिकों का मानदेय: सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत संविदा और दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।
समान कार्य के लिए समान वेतन: सभी क्षेत्रों में 'समान कार्य के लिए समान वेतन' के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया जाए।
श्रम संहिताओं में संशोधन: श्रम संहिताओं (Labour Codes) में मौजूद उन सभी प्रावधानों को तत्काल हटाया जाए जो श्रमिक हितों के विरोधी हैं और उनके अधिकारों को कम करते हैं।
ग्रेच्युटी की सीमा में वृद्धि: ग्रेच्युटी की ऊपरी सीमा को बढ़ाकर 40 लाख रुपये किया जाए।
बैंकिंग क्षेत्र में सुधार: बैंकिंग क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से साप्ताहिक 5 दिन कार्य की व्यवस्था लागू की जाए।
बीएमएस ने देश भर के सभी ट्रेड यूनियनों, श्रमिक संगठनों और आम जनता से अपील की है कि वे इस देशव्यापी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। हमारा नारा है: "एकजुट होकर लड़ेंगे, अपने हक़ ज़रूर जीतेंगे!"
यह आंदोलन श्रमिक अधिकारों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। हम सरकार से इन मांगों पर तत्काल और सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं, ताकि देश का श्रमिक वर्ग सशक्त और स्वावलंबी बन सके।