08/10/2026
दिल्ली में चल रही कोंग्रेसी नौटंकी पर दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस शिव नारायण ढींगरा ने कहा—
“यह पूरा हंगामा मतदाताओं की तरफ से नहीं हो रहा है। यह उन राजनीतिक दलों की तरफ से हो रहा है जो चुनाव नहीं जीत पाए😎
अगर किसी मतदाता को कोई शिकायत है,तो उसके लिए व्यवस्था मौजूद है। अगर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो आप चुनाव आयोग से कह सकते हैं कि ‘मेरा नाम गलत तरीके से हटा दिया गया है।’ इसके लिए शिकायत और समाधान की पूरी व्यवस्था है।
लेकिन.....
SIR का ही विरोध करना और यह कहना कि SIR नहीं होना चाहिए, इसका मकसद सिर्फ यही है कि चुनाव आयोग को अपना काम करने से रोका जाए😎
SIR चुनाव आयोग को संसद की ओर से दिया गया एक कानूनी दायित्व है। आयोग को समय-समय पर मतदाता सूची को संशोधित करना है, मृत लोगों के नाम हटाने हैं और यह भी जांचना है कि नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हुए हैं या नहीं।
कानून का यह भी स्पष्ट उद्देश्य है कि भारत का कोई ऐसा व्यक्ति जो भारत का नागरिक नहीं है उसे मतदान का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
ये सभी जिम्मेदारियां कानून ने चुनाव आयोग को दी हैं। चुनाव आयोग इन्हीं जिम्मेदारियों के तहत SIR कर रहा है। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि चुनाव आयोग द्वारा SIR कराने की आलोचना क्यों की जा रही है।”😎