29/01/2026
महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय से आने वाले शंकर अरुण भिल जी का अमेरिका की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए चयन होना पूरे बहुजन समाज के लिए गर्व का विषय है।
दिहाड़ी मज़दूरी करने वाले परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराना यह साबित करता है कि अगर अवसर मिले तो हाशिए पर खड़ा समाज भी इतिहास रच सकता है।
शंकर जी की यह उपलब्धि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जिन्हें अब भी व्यवस्था ने पीछे धकेल रखा है।
हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
जय भीम जय संविधान