Uttarakhand Kranti Dal

Uttarakhand Kranti Dal Uttarakhand Kranti Dal was founded on 25 July, 1979, under the chairmanship of the then Vice-Chancellor of Kumaon University, Shri D.D. Pant.

Uttarakhand Kranti Dal (UKD) is the regional party in Uttarakhand state of India. http://t.me/ukd4uttarakhand Since its formation in 1979, the UKD has been fighting for change as a grassroots political vehicle of the people. As the first party to take up the statehood issue, the UKD laboured for many years, laying the ground work for what would emerge as a successful movement for all-around develo

pment for the long neglected Himalayan region. However, enormous work remains, as the unfulfilled expectations of the Uttarakhandi people call out for the continuation of a regional voice in the politics of the state dominated by national parties and their national priorities. The Uttarakhand Kranti Dal was founded on 25 July, 1979, under the chairmanship of the then Vice-Chancellor of Kumaon University, Shri D.D. In addition to leading the separate statehood movement by building a large and inclusive identity for the region's diverse peoples, the for UttarakhandIn 1980, The Jaswant Singh Bisht opened the party's account by winning the UKD's first legislative assembly seat. In 1985, Kashi Singh Airy won in Pithoragarh, becoming the party's longest serving member, winning again in the new Uttaranchal state assembly elections of 2002. In 1994, the party helped successfully steer a anti-reservation stir into a massive movement for a separate hill state, the only way to address the region's development issues specific to its rugged highland geography. In 1999, Indramani Badoni, one of the original hunger strikers of 1994 and a long-time stalwart of the UKD breathed his last. The party pledged to take up his work as a tribute to his tireless efforts on behalf of the region. In 2000, the state of "Uttaranchal" was created. While welcomed as a major victory by the people, the state's creation was only a partial success as the manner in which it was formed completely disregarded the movement that gave it birth. In the post-statehood period, the UKD has continued to speak out for the rights of the average citizens of state, while pressing to complete the unfinished business of the Uttarakhand Andolan, including defending the state's social and cultural identity as embodied by its true name, Uttarakhand, locating its permanent capital at Gairsain, and fighting for greater grassroots democracy and the basic rights of Uttarakhandi people. We have long stressed that only through a new Uttarakhand can a new India be constructed with a renewal of democracy and the human and social rights of its diverse citizens.

उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष एवं द्वाराहाट विधानसभा के पूर्व विधायक श्री पुष्पेश त्रिपाठी जी Pushpesh ...
29/08/2026

उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष एवं द्वाराहाट विधानसभा के पूर्व विधायक श्री पुष्पेश त्रिपाठी जी Pushpesh Tripathi के नेतृत्व में जननायक स्वर्गीय श्री बिपिन त्रिपाठी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए "श्रद्धांजलि परिवर्तन यात्रा" निकाली जा रही है।

यह यात्रा 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चौखुटिया-द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी । यात्रा की शुरुआत 30 अगस्त को प्रातः 10:00 बजे शीतला पुष्कर मैदान, द्वाराहाट में जननायक स्वर्गीय श्री बिपिन त्रिपाठी जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर की जाएगी ।

इस यात्रा का आयोजन उत्तराखंड क्रांति दल, द्वाराहाट एवं बिपिन त्रिपाठी विचार मंच द्वारा किया जा रहा है।

जननायक स्वर्गीय श्री बिपिन त्रिपाठी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन उत्तराखंड की अस्मिता, जनहित, सामाजिक न्याय और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए समर्पित किया। आज आवश्यकता है कि उनके संघर्ष, विचारों और सपनों को जन-जन तक पहुँचाया जाए तथा एक सशक्त, स्वाभिमानी और जनहितकारी उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाया जाए।

आप सभी से आग्रह है कि इस श्रद्धांजलि परिवर्तन यात्रा से जुड़ें और जननायक स्वर्गीय श्री बिपिन त्रिपाठी जी के संघर्ष, विचारों एवं जनआंदोलन की विरासत को घर-घर तक पहुँचाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

आइए, उनके विचारों को जनशक्ति बनाएं और उत्तराखंड के नव निर्माण के संकल्प को मजबूत करें।
जय भारत! जय उत्तराखंड!
Kashi Singh Airy
Uttarakhand Kranti Dal

युवा शक्ति ही उत्तराखंड के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। युवा शक्ति केवल ऊर्जा और उत्साह का नाम नहीं, बल्कि वह क्षमता, वि...
29/08/2026

युवा शक्ति ही उत्तराखंड के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। युवा शक्ति केवल ऊर्जा और उत्साह का नाम नहीं, बल्कि वह क्षमता, विचार और संकल्प है, जो समाज और देश को नई दिशा देने का सामर्थ्य रखती है। उत्तराखंड के भविष्य को बेहतर, समृद्ध और स्वाभिमानी बनाने के लिए प्रदेश के युवाओं को आगे आना होगा और अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

आज आवश्यकता है कि उत्तराखंड क्रांति दल में अधिक से अधिक युवा जुड़ें, उन्हें संगठन में उचित अवसर और जिम्मेदारियाँ मिले तथा उनके विचारों, सवालों और रचनात्मक ऊर्जा को संगठन की दिशा और नीतियों से जोड़ा जाए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं की प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को पहचानकर उन्हें संगठन में आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।

इसके साथ ही हमारी जिम्मेदारी यह भी है कि उत्तराखंड क्रांति दल की युवा शक्ति सही विचार, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों के साथ आगे बढ़े। हमारे युवा किसी भी प्रकार के अतिवाद का हिस्सा न बनें। किसी जाति, संप्रदाय, क्षेत्र या धर्म के प्रति विद्वेष न रखें और न ही सार्वजनिक जीवन में अमर्यादित अथवा आपत्तिजनक टिप्पणियों का सहारा लें। हमारा संघर्ष व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण, असमानता, सामंतवादी सोच, संकीर्णता और उन व्यवस्थाओं के विरुद्ध होना चाहिए जो उत्तराखंड के हितों को नुकसान पहुँचाती हैं । हमारा संघर्ष उत्तराखंड के क्षेत्रीय मुद्दों के लिए होना चाहिए I

हमें अपने युवाओं में उत्तराखंड की उस महान वैचारिक परंपरा की ताकत विकसित करनी है, जिसमें सामंतवाद के खिलाफ संघर्ष करने वाले श्रीदेव सुमन, संप्रदायवाद के विरुद्ध खड़े होने वाले चंद्र सिंह गढ़वाली, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रतीक डी.डी. पंत, गांधीवादी एवं सामाजिक चेतना के वाहक इंद्रमणि बडोनी, जुझारू और क्षेत्रीय अस्मिता के प्रखर व्यक्तित्व बिपिन त्रिपाठी तथा समाजवादी विचारधारा के प्रतिनिधि जसवंत सिंह बिष्ट जैसे महान व्यक्तित्वों के विचार और संघर्ष की प्रेरणा समाहित है।

हमारे युवाओं में संघर्ष की दृढ़ता हो, लेकिन विचारों में लोकतांत्रिकता; आंदोलन में आक्रामकता हो, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा; क्षेत्रीय अस्मिता का गर्व हो, लेकिन किसी के प्रति घृणा नहीं । यही उत्तराखंड की स्वस्थ राजनीतिक और सामाजिक चेतना की पहचान होनी चाहिए।

मुझे पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड क्रांति दल से बड़ी संख्या में युवा जुड़ेंगे, संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा देंगे तथा उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सवालों को मजबूती से उठाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के संदेश को प्रदेश के जन-जन तक पहुँचाएँगे।

युवा जुड़ेगा, संगठन मजबूत होगा और उत्तराखंड अपने अधिकारों एवं सम्मान के लिए और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगा।
जय भारत, जय उत्तराखंड
Uttarakhand Kranti Dal
Kashi Singh Airy

आप सभी को रक्षा-बंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ I रक्षा-बंधन का त्यौहार भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का त्यौह...
28/08/2026

आप सभी को रक्षा-बंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ I
रक्षा-बंधन का त्यौहार भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का त्यौहार है I
रक्षा-बंधन प्रेम, विश्वास, सौहार्द, विश्वास का त्यौहार है I
रक्षा-बंधन जाति, सम्प्रदाय, धर्म से ऊपर उठकर सभी का त्यौहार है I
सभी प्रदेशवासियों को राखी के पवित्र त्यौहार की बहुत-बहुत बधाई I
Kashi Singh Airy
Uttarakhand Kranti Dal

उत्तराखंड में भाजपा सरकार के शासनकाल के पिछले 10 वर्षों के NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आँकड़ों पर नजर डालें...
27/08/2026

उत्तराखंड में भाजपा सरकार के शासनकाल के पिछले 10 वर्षों के NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आँकड़ों पर नजर डालें तो एक चिंताजनक तस्वीर सामने आती है। प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़े हैं। उपलब्ध NCRB आँकड़े इस बात की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में उत्तराखंड की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।

NCRB की रिपोर्टों के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध की कई प्रमुख श्रेणियों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में शीर्ष स्थान पर रहा है और देहरादून शहर देश में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहरों में से एक है । पिछले 10 वर्षों में उत्तराखंड में महिलाओं के प्रति 225% अपराध बढ़ा है, ये बहुत ही चिंताजनक है I

जिस उत्तराखंड राज्य के निर्माण से लेकर उसके सामाजिक और जनआंदोलनों में महिलाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई, उसी प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का लगातार बढ़ना केवल चिंता का विषय नहीं, बल्कि शर्म और आत्ममंथन का विषय है । जिस देवभूमि उत्तराखंड को मां पार्वती का मायका कहा जाता है, जहां घर-घर में मां नंदा-सुनंदा और मां भगवती की पूजा होती है, वहाँ महिला विरोधी अपराध में बढ़ोत्तरी हमारे लिए बहुत ही पीड़ादायक है I

अंकिता भंडारी हत्याकांड हो, कुछ माह पूर्व देहरादून जिले में महिलाओं की हत्या हो या अन्य क्षेत्रों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएँ, ऐसी घटनाएँ बताती है कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ा है I

पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ी हैं और उत्तराखंड दूसरे राज्यों से आये अपराधियों की शरणस्थली बनता जा रहा है I भाजपा सरकार के राज्य में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी और पुष्कर सिंह धामी प्रदेश में बढ़ते अपराध रोकने में पूरी तरह असफल रहे हैं I भाजपा सरकार के शासनकाल में यदि अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे, अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे और कानून का भय कायम करे। लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भाजपा सरकार महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में सफल रही है?

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश देते हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करते हैं।

उत्तराखंड की बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। लेकिन सत्ता में बैठी सरकार की जवाबदेही सबसे अधिक है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी पुलिसिंग, त्वरित जांच, दोषियों को कठोर सजा और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण के आंदोलन से लेकर आज तक प्रदेश को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए उनकी सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब समय है कि भाजपा सरकार केवल नारों और दावों से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई करे और उत्तराखंड की हर बेटी को यह भरोसा दिलाए कि वह अपने ही प्रदेश में पूरी तरह सुरक्षित है।
Kashi Singh Airy
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पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान जिस तरह महँगाई लगातार बढ़ी है, उसने आम आदमी का जीवन बेहद कठिन बना द...
26/08/2026

पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान जिस तरह महँगाई लगातार बढ़ी है, उसने आम आदमी का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। सरकार की आर्थिक नीतियों ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आर्थिक असमानता की खाई को और चौड़ा किया है तथा देश के आर्थिक तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

एक ओर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की आय के साधन सीमित हुए हैं और उनकी वास्तविक क्रय-शक्ति कमजोर हुई है, वहीं दूसरी ओर देश के बड़े उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग की संपत्ति और आमदनी लगातार बढ़ती गई है। इससे देश में आर्थिक असंतुलन और असमानता गंभीर रूप से बढ़ी है।

भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों का आकलन करें तो नोटबंदी, जल्दबाजी में लागू किया गया जीएसटी, आयात-निर्यात से जुड़ी नीतियाँ, इथेनॉल नीति तथा अमेरिका के दबाव में की गई व्यापारिक डील —इन सभी ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित किया है। इन नीतियों के कारण छोटे व्यापारियों, किसानों, मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि सरकार लगातार आँकड़ों और आर्थिक सूचकांकों की ऐसी तस्वीर जनता के सामने प्रस्तुत करती रही है, जिससे वास्तविक आर्थिक चुनौतियाँ और नीतिगत विफलताएँ छिप जाती हैं। कागजों और सरकारी दावों में अर्थव्यवस्था मजबूत दिखाई जा सकती है, लेकिन जमीन पर आम आदमी की आय, रोजगार और क्रय-शक्ति की वास्तविक स्थिति कुछ और ही कहानी बयां करती है।

आज रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल, आटा, चावल, दाल, चीनी और रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। महँगाई का सबसे गहरा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ता है, लेकिन इसका बोझ विशेष रूप से महिलाओं को उठाना पड़ता है, क्योंकि उन्हें सीमित आय में घर का बजट, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को संभालना पड़ता है।

पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी महँगाई केवल बाजार की स्वाभाविक स्थिति का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और नीतिगत फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि हेर-फेर से आर्थिक विकास के आंकड़े प्रस्तुत करने से आम जनता की परेशानियाँ खत्म नहीं होतीं। वास्तविक विकास तभी माना जाएगा, जब गरीब और मध्यम वर्ग की आय बढ़े, रोजगार के अवसर बढ़ें, आवश्यक वस्तुएँ सस्ती हों और हर परिवार की क्रय-शक्ति मजबूत हो।

आज देश को ऐसी आर्थिक नीतियों की आवश्यकता है जो कुछ चुनिंदा बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों के बजाय किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, युवा, महिला और मध्यम वर्ग सहित आम नागरिक के हितों को केंद्र में रखें। महँगाई पर नियंत्रण, रोजगार का विस्तार और आम जनता की आय में वृद्धि ही एक मजबूत और संतुलित अर्थव्यवस्था की वास्तविक पहचान होनी चाहिए।

Uttarakhand Kranti Dal
Kashi Singh Airy

आज हमारे जनकवि गिरीश चंद्र तिवारी "गिरदा" की पुण्यतिथि है, आज भी मुझे गिरदा उत्तराखण्ड आन्दोलन में जनगीत गाता हुआ दिखता ...
22/08/2026

आज हमारे जनकवि गिरीश चंद्र तिवारी "गिरदा" की पुण्यतिथि है, आज भी मुझे गिरदा उत्तराखण्ड आन्दोलन में जनगीत गाता हुआ दिखता है, मुठ्ठी भींची हुई, गले की नसें तनी हुई, नैनीताल में उत्तराखण्ड बुलेटिन जारी करता हुआ। उत्तराखण्ड के हर मुद्दे पर गिरदा की सपाट और जनपक्षीय टिप्पणी होती थी, वह एक सादा पहाड़ी जीवट आदमी था, जब हम आन्दोलनों में थे, वह कहते थे-

‘आज उत्तराखण्ड की यह लड़ाई जो हम सभी लड़ रहे हैं,
साथी इसे उत्तराखण्ड तक हरगिज सीमित नहीं समझो।
यदि सोच कहीं संकुचित हुई तो यह लड़ाई भटक जाएगी
इसलिए मित्रो खुले दिल और दिमाग से लड़ना है इसको I

आज गिरदा का शरीर नहीं है, लेकिन वह आज भी हर उस उत्तराखण्डी में जिन्दा है, जिसमें अभी भी जनपक्षधरता बची हुई है।

गिरीश चंद्र तिवारी "गिरदा" का यह गीत आज भी हमें संघर्ष के लिए प्रेरित करता है I
हम लड़ते रया भुला, हम लड़ते रूलो।।
धन माएड़ि छाती, उनेरी धन तेरा ऊ लाल।
बलिदानकी जोत जगे, खोल गे उज्याल।।
खटीमा, मसूरी मुजेफरें कें, हम के भूलि जूलो।
हम लड़ते रयां बैणी , हम लड़ते रूलो।
हम लड़ते रुला, चेली हम लड़ते रूलो।।
कस होलो उत्तराखंड, कस हमारा नेता।
कसी होली विकास नीति, कसी होली ब्यवस्था।।
जड़ी कंजड़ी उखेलि भलीके , पूरी बहस करूलो।
हम लड़ते रयां बैणी , हम लड़ते रूलो।

गिरीश चंद्र तिवारी "गिरदा" को मेरी और उत्तराखंड क्रांति दल की विनम्र श्रद्धांजलि।
Uttarakhand Kranti Dal
Kashi Singh Airy

आज हमारे प्रेरणास्रोत, उत्तराखण्ड के गाँधी और राज्य आंदोलन के जननायक स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी जी की पुण्यतिथि है। इस अवस...
18/08/2026

आज हमारे प्रेरणास्रोत, उत्तराखण्ड के गाँधी और राज्य आंदोलन के जननायक स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी जी की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर मैं उन्हें अपनी तथा अपने दल की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

स्वर्गीय बडोनी जी सदैव मेरे आदर्श और प्रेरणास्रोत रहे। उनसे मैंने जीवन, संघर्ष और संगठन के अनेक महत्वपूर्ण पाठ सीखे। वे दल के संरक्षक थे और मैं अध्यक्ष। उस दौर में हमने मिलकर उत्तराखण्ड आंदोलन को नई ऊर्जा और प्रखरता प्रदान करने का प्रयास किया। आंदोलन की कठिन राह में उनके विचार, धैर्य और नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे।

बडोनी जी से मैंने जो सबसे महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की, वह है—विषम से विषम और विकट से विकट परिस्थितियों में भी संयम, धैर्य और आत्मशांति बनाए रखना। संघर्ष के बीच भी अपने लक्ष्य से विचलित न होना और जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अडिग रखना उनके व्यक्तित्व की विशेषता थी।

आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं उत्तराखण्ड की जनता से आह्वान करता हूँ कि हम सब मिलकर इंद्रमणि बडोनी जी के दिए आदर्शों पर चलकर उनके सपनों के उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपना योगदान दें। एक ऐसा उत्तराखण्ड, जहाँ हमारे जल, जंगल और जमीन की रक्षा हो, युवाओं को रोजगार मिले, पलायन रुके और आमजन को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा, सम्मान, न्याय एवं बेहतर जीवन का अवसर प्राप्त हो।

यही स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी जी को शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।

जय भारत!
जय उत्तराखण्ड!
Uttarakhand Kranti Dal
Kashi Singh Airy

कई पीढ़ियों के अनवरत संघर्ष, त्याग और बलिदान से मिली आजादी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनायें। स्वाधीनता आन्दोलन के...
15/08/2026

कई पीढ़ियों के अनवरत संघर्ष, त्याग और बलिदान से मिली आजादी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनायें। स्वाधीनता आन्दोलन के सभी ज्ञात और अज्ञात आंदोलनकारियों को मेरा शत शत नमन। उत्तराखंड और देश खुशहाल रहे। आज राष्ट्रीय पर्व के शुभअवसर पर उत्तराखंड के युवाओं से उत्तराखंड के नवनिर्माण के लिये आगे आने का आह्वान करता हूँ।
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ I
जय भारत, जय उत्तराखण्ड।
Uttarakhand Kranti Dal
Kashi Singh Airy

आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिनेश कुंजवाल जी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ उत्तराखंड क्रांति दल  में शामिल हुए I  उत्तराखंड...
09/08/2026

आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिनेश कुंजवाल जी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए I उत्तराखंड के क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए हज़ारों लोग उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़ रहे हैं I

इंद्रमणि बडोनी जी, डी. डी पंत जी, जसवंत सिंह बिष्ट जी, बिपिन त्रिपाठी जी के विचारों से प्रेरित होकर उत्तराखंड के युवा दल के साथ जुड़ रहे हैं I

इस कार्यक्रम में यूकेडी पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल जी, पुष्पेश त्रिपाठी जी, पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चांद्रशेखर कापड़ी जी, पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती जी आदि शामिल थे I
जय भारत, जय उत्तराखंड

26/07/2026

भारतीय सशस्त्र बलों के अद्भुत पराक्रम, उत्कृष्ट रण-कौशल और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक 'कारगिल विजय दिवस' की हार्दिक बधाई।
शौर्य का परिचय देने वाले एवं माँ भारती की रक्षा हेतु प्राणोत्सर्ग करने वाले सभी रणबांकुरों को भावपूर्ण नमन!
जय भारत, जय उत्तराखंड
Uttarakhand Kranti Dal
Kashi Singh Airy

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Dehra Dun
248001

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