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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (फीचर फिल्म श्रेणी) में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फ़िल्म के रूप में ‘ढोली’ को प्रतिष्ठित रजत कम...
19/07/2026

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (फीचर फिल्म श्रेणी) में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फ़िल्म के रूप में ‘ढोली’ को प्रतिष्ठित रजत कमल पुरस्कार तथा ₹2 लाख की नकद राशि से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गढ़वाली फ़िल्म ‘ढोली’ को राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकभाषा, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। यह उपलब्धि प्रदेश के फिल्म उद्योग, कलाकारों और रचनाकारों के लिए प्रेरणादायक है तथा गढ़वाली सिनेमा को नई पहचान प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने फ़िल्म के निर्माता एससी फार्माकेम प्राइवेट लिमिटेड, निर्देशक दिनेश पी. भोंसले तथा पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया तक पहुंचाने में क्षेत्रीय सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को फिल्म निर्माण के अनुकूल गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नई फिल्म नीति के माध्यम से प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

26/04/2026
राज्य में फिल्मों की शूटिंग एवं क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की उत्तराखण्ड फिल्म ...
13/01/2026

राज्य में फिल्मों की शूटिंग एवं क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने की सराहना

एसोसियेशन के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट कर क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान दिए जाने पर जताया आभार

राज्य की फिल्म नीति को बताया प्रभावी एवं बेहतर

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने राज्य में फिल्मों की शूटिंग तथा क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। एसोसियेशन ने कहा कि राज्य में प्रभावी और आकर्षक फिल्म नीति लागू किए जाने से स्थानीय एवं क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को व्यापक लाभ मिल रहा है।

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रिंग रोड स्थित सूचना भवन में महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन देने तथा फिल्मों को अनुदान प्रदान किए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य में आकर्षक फिल्म नीति–2024 लागू की गई है। इस नीति में राज्य के स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं तकनीशियनों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्मों को राज्य में किए गए व्यय का अधिकतम 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री एवं लघु फिल्मों को भी अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

श्री तिवारी ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय स्तर का फिल्म महोत्सव एवं फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए भारत सरकार के उपक्रम एनएफडीसी (NFDC) से पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की वेबसाइट को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें राज्य के सभी स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार, तकनीशियन एवं लाइन प्रोड्यूसर आदि का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराया जाएगा।

उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के संरक्षक श्री अनुज जोशी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद द्वारा क्षेत्रीय सिनेमा के हित में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में फिल्मों को अनुदान देने हेतु गठित समिति की बैठक में स्थानीय फिल्मों को अनुदान राशि प्रदान की गई, जिसके लिए क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े सभी फिल्म निर्माता एवं निर्देशक राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

श्री जोशी ने राज्य में फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे स्थानीय फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई बेहतर फिल्म नीति के सकारात्मक परिणामस्वरूप प्रदेश में स्थानीय फिल्म निर्माण गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय, उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के उपाध्यक्ष श्री बृजेश भट्ट, महासचिव श्री गंभीर जयाड़ा तथा सदस्य श्री जितेन्द्र पंवार, श्री हरीश नेगी, श्री विजय शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

IFFI Goa WAVES Film Bazaar Goa 2025 में उत्तराखण्ड की Film Policy 2024 बनी प्रमुख आकर्षण का केंद्र। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्...
25/11/2025

IFFI Goa WAVES Film Bazaar Goa 2025 में उत्तराखण्ड की Film Policy 2024 बनी प्रमुख आकर्षण का केंद्र।

राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म निर्देशकों, निर्माताओं और फ़िल्म उद्योग विशेषज्ञों ने नीति की पारदर्शिता, प्रोत्साहन, सरल ऑनलाइन परमिशन प्रणाली और क्षेत्रीय सिनेमा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता की खुलकर की सराहना।

गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित IFFI Waves Film Bazaar-2025 में विभिन्न देशो...
24/11/2025

गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित IFFI Waves Film Bazaar-2025 में विभिन्न देशों एवं भारत के विभिन्न राज्य सरकारों के पवेलियन बनाए गए हैं। 20 नवंबर से 24 नवंबर 2025 तक आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पवेलियन सभी फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि Film Bazaar-2025 में उत्तराखण्ड राज्य द्वारा प्रतिभाग किया गया। उत्तराखण्ड पवेलियन में देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों ने राज्य की फिल्म नीति के बारे में जानकारी ली है। बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी आदि भाषाओं के फिल्म निर्माताओं ने भी उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग में अपनी रुचि दिखाई है। फिल्म निर्माताओं ने राज्य सरकार के सहयोग एवं सुविधाओं की सराहना की। कई विदेशी फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों ने उत्तराखण्ड में शूटिंग करने की इच्छा जताई है।

डॉ. उपाध्याय ने बताया कि Film Bazaar में आगामी वर्ष 2026 में होने वाली राजजात यात्रा के बारे में भी फिल्म निर्माताओं को जानकारी दी गई, जिसमें विदेशी Film Makers द्वारा Documentary शूट करने की बात की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड की फिल्म नीति की सराहना देश दुनिया में हो रही है।

उत्तराखण्ड पवेलियन में Australian Filmmaker Suveen Graham ने बताया कि आगामी फरवरी माह में उत्तराखण्ड में Shooting Location देखने आएंगी। इसके साथ ही Film art - Hong Kong, Finland Vega, Russia, State Cinema Center - kyrgyzstan, Jetro - Japaan, New Zealand Film commission, zero gravity pictures के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य की फिल्म नीति के बारे में जानकारी ली गई। अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता और Bombay Berlin Film Productions के CEO अरफ़ी लांबा ने भी राज्य की फिल्म नीति की सराहना की है। उन्होंने बताया कि उनकी कम्पनी देश विदेश के फिल्म निर्माताओं के साथ कार्य करती है। उनका प्रयास रहेगा कि विदेशी फिल्म निर्माताओं को उत्तराखण्ड लाया जाए।

Director Films, सूचना मंत्रालय, भारत सरकार श्री राजेश कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा भी उत्तराखण्ड पवेलियन का भ्रमण किया गया एवं राज्य सरकार की फिल्म नीति की सराहना की गई।

गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित IFFI waves film Bazaar-2025 में शनिवार को Kn...
22/11/2025

गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित IFFI waves film Bazaar-2025 में शनिवार को Knowledge Series का आयोजन किया गया। नॉलेज सीरीज का विषय “Cinemascape Uttarakhand: Stories in the Mountains” रखा गया, जिसमें मुख्य रूप से उत्तराखण्ड के बढ़ते सिनेमाई प्रभाव, नई फिल्म नीति और राज्य में फिल्म निर्माण के लिए विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर चर्चा की गई।

सत्र का संचालन निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता यशस्वी जुयाल द्वारा किया गया। उन्होंने शुरुआत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बेहतरीन लोकेशन और फिल्म-फ्रेंडली वातावरण के कारण आज देश दुनिया के सिनेमा में उभरता हुआ महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

सत्र के प्रमुख वक्ता डॉ. नितिन उपाध्याय, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद ने राज्य की नई फ़िल्म नीति-2024 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य की नई फिल्म नीति लागू की गई है, जिसके सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर नई फिल्म नीति में फिल्म ईकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। फिल्म परिषद द्वारा सिंगल विंडो ऑनलाइन शूटिंग परमिशन सिस्टम, सब्सिडी संरचना और स्थानीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, शूटिंग प्रक्रियाओं का सरल, तेज और पारदर्शी होना फ़िल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।

डॉ. उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखण्ड अब केवल एक लोकेशन-स्टेट नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा प्रोडक्शन फ्रेंडली प्रदेश बनता जा रहा है, जहाँ कंटेंट क्रिएशन, टैलेंट डेवलपमेंट, फिल्म इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सहयोग समानांतर रूप से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने हाल के वर्षों में राज्य में बढ़े शूटिंग वॉल्यूम, OTT कंटेंट की उपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन कंपनियों की रुचि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर भी संवेदनशील है और उनके लिए भी हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है।

सत्र में अभिनेता, निर्देशक और निर्माता श्री प्रियांशु पैन्यूली ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनकी पहली फीचर फिल्म जागर को उत्तराखण्ड सरकार से भरपूर सहयोग मिला है। इससे नए फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही राज्य अब नई कहानियों, युवा फिल्मकारों और स्वतंत्र सिनेमा को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म नीति ने लॉजिस्टिक्स, शूटिंग सुविधाओं और लोकल टैलेंट तक पहुँच को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ बनाया है। प्रियांशु जागर पर फ़िल्म बना रहे हैं और अधिकांश शूटिंग हर्षिल मुखबा के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में की गई है।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता और Bombay Berlin Film Productions (BBFP) के CEO अरफ़ी लांबा ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य से उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन कंपनियाँ भारत के रिबेट सिस्टम और विविध लोकेशन्स की वजह से यहां तेजी से आ रही हैं, और इस दिशा में उत्तराखण्ड एक अत्यंत आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है।

अरफ़ी ने बताया कि पर्वतीय भू-भाग, नदी घाटियाँ, हिमालयी संस्कृति और लोककथाएँ विदेशी क्रिएटर्स के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कई अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भारतीय लोकेशन्स—विशेषकर उत्तराखण्ड—के प्रति विशेष रुचि बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की फिल्म नीति बहुत आकर्षक है। राज्य में कानून व्यवस्था काफी अच्छी है, इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाला सहयोग उत्तराखण्ड को अन्य राज्यों से अलग करता है। यही बाते बड़े विदेशी प्रोडक्शंस के लिए निर्णायक सिद्ध होती है।

सत्र के दौरान सभी पैनलिस्ट इस बात पर एकमत थे कि उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति और परिषद के प्रयासों ने राज्य को फिल्म उद्योग में एक उभरती हुई ताकत बना दिया है।

कार्यक्रम के अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

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