Fisheries Department, Uttarakhand

Fisheries Department, Uttarakhand उत्तराखंड में मत्स्य विकास हेतु जल सम?

उत्तराखंड में मत्स्य विकास हेतु जल सम्पदा प्रचुर मात्र में उपलब्ध है जिसमे मत्स्य विकास कर इस सम्पदा के समुचित उपयोग से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीण आँचल में प्रोटीनयुक्त आहार की उपलब्धता, रोजगार एवं अतिरिक्त आय के साधनों को सृजन तथा निर्बल एवं पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों का आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान किया जा सकता है| मत्स्य विकास कार्यकमो हेतु नदियों के रूप में 2686 की०मी०, वृहद जलाशयों के रूप

में 20075 है०, प्राकृति झीलों के रूप में 297 है० तथा ग्रामीण तालाब एवं पोखरों के रूप 676.41 है० जल छेत्र उपलब्ध है|
वर्त्तमान समय में मत्स्य पालन व्यवसाय के प्रति जनता की आकान्क्षाये प्रबलता से बढ़ रही हैं, इस कार्य के प्रति अशिक्षित वर्ग के साथ-साथ शिक्षित वर्ग भी आगे बढ़ कर मत्स्य पालन हेतु प्रोत्साहित हुआ है| पर्वतीय जनपदों में शीतजल मत्सियाकी विकास एवं मैदानी जनपदों में मत्स्य पालक विकास अभिकरण योजनओं के माध्यम से पट्टा दिलाये जाने, तालाब निर्माण / सुधार, मछली पालन आदि कार्यों हेतु ऋण एवं शासकीय अनुदान स्वीकृत किये जाने के साथ साथ जनता के बीच मत्स्य पालन कार्यक्रमों को प्रसारित किये जाने आदि से इस दिशा में काफी जागरुकता आयी हैं | प्राकृतिक जलस्रोतों में अवैज्ञानिक तरीकों से दोहन के कारण मत्स्य सम्पदा का नाश होता जा रहा है जिससे कि मत्स्य प्रजातियाँ विलुप्त होने के साथ – साथ जल प्रदुषण कि समस्या उत्पन्न हुई है| जलाशयों का विकास योजनान्तर्गत मत्स्य बीज का प्राकृतिक स्रोतों में संचय कर मत्स्यिकी संरक्षण एवं संवर्धन कार्य किया जा रहा है |
प्रदेश में मत्स्य बीज की मांग को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखंड में मत्स्य बीज उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में विभाग द्वारा नये नये प्रयास जारी हैं| गेम फिशरीज का विकास योजनान्तर्गत उत्तराखंड सिथत झीलों एवं नदियों में देशी व विदेशी पर्यटकों को मछली पकड़ने हेतु एंगलिंग लाइसेंस निर्गत किये जाते रहे हैं, ताकि उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके| वर्तमान में जनपद नैनीताल के भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल एवं बैरंगना हैचरी (चमोली) में एंगलिंग लाइसेंस निर्गत किये जा रहे है|
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों को मत्स्य पालन से जोड़ने व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति उपयोजन एवं जनजाति उपयोजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत पर्वतीय तथा मैदानी क्षेत्रों में तालाब का निर्माण किया जाता है| मछुवा समुदाय के निर्बल व्यक्तियों को राष्ट्रीय मछुवा कल्याण योजना के माध्यम से आवास एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है|

उ द् दे श्य
प्रदेश के परिष्ठितिकीय संतुलन को बनाये रखते हुए मत्स्य उत्पादन में वृद्धि |
ग्रामीण अंचल में प्रोटीन युक्त आहार की उपलब्धता |
प्रदेश में मैदानी एवं पर्वतीय तालाबों का निर्माण/सुधार |
मत्स्य पालन का आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करना |
रोजगार एवं अतिरिक्त आय के व्यक्तियों का सामाजिक उत्थान |
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों हेतु कल्याणकारी योजनओं का संपादन |

Address

Fisheries Directorate, Badasi Grant (Dhanyadi), Raipur
Dehra Dun
248001

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