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आज मैं बंगाली मार्केट पहुँचा जहां मस्जिद की दीवार को LNDO ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया जबकि ये मस्जिद दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड...
12/04/2023

आज मैं बंगाली मार्केट पहुँचा जहां मस्जिद की दीवार को LNDO ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया जबकि ये मस्जिद दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड की है और 123 प्रॉपर्टी में शामिल है जिस पर हाई कोर्ट का 2014 से stay है और हाई कोर्ट में 2 दिन बाद इसकी सुनवाई होनी है मेने आज LNDO के अधिकारियों के ख़िलाफ़ FIR करने के लिए लिखित में शिकायत दर्ज कराई है।


Amanatullah Khan

  बोर्ड अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने पूछा क्या कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाएंगे?आजतक से बातचीत करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष ने क...
20/02/2023



बोर्ड अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने पूछा क्या कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाएंगे?
आजतक से बातचीत करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि वह शहरी मंत्रालय के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे, साथ ही सरकार से सवाल पूछा है कि यह संपत्तियां पहले से ही बोर्ड की हैं जिसमें मस्जिद कब्रिस्तान शामिल हैं तो आखिर सरकार इन संपत्तियों का करेगी क्या? बोर्ड ने सवाल पूछा है क्या सरकार मस्जिद और कब्रिस्तान चलाएगी या फिर इन पर बुलडोजर चलाया जाएगा?

देश के कई राज्यों में वक्फ बोर्ड की जमीनों पर शुरू हुई जंग राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है. केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय ने हाल ही में एक आदेश जारी करते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है. इस फैसले को लेकर दिल्ली वक्फ बोर्ड और केंद्र सरकार के बीच विवाद खड़ा हो गया है. आम आदमी पार्टी के ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं. वक्फ बोर्ड चेयरमैन का कहना है कि वह केंद्र सरकार को वक्फ संपत्तियां नहीं लेने देंगे साथ ही केंद्र का यह फैसला गलत है क्योंकि कमेटी के गठन का मामले को अदालत में चुनौती दी गई है और वह विचाराधीन है. ऐसे में जिस कमेटी के गठन पर ही अदालत में सुनवाई हो रही हो वह कैसे कोई फैसला ले सकती है.

शहरी मंत्रालय के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे
आजतक से बातचीत करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि वह शहरी मंत्रालय के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे, साथ ही सरकार से सवाल पूछा है कि यह संपत्तियां पहले से ही बोर्ड की हैं जिसमें मस्जिद कब्रिस्तान शामिल हैं तो आखिर सरकार इन संपत्तियों का करेगी क्या? बोर्ड ने सवाल पूछा है क्या सरकार मस्जिद और कब्रिस्तान चलाएगी या फिर इन पर बुलडोजर चलाया जाएगा?

123 संपत्तियों में मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान शामिल
दिल्ली वक्फ बोर्ड की इन 123 संपत्तियों में मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान भी शामिल हैं. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के उप भूमि और विकास अधिकारी ने 8 फरवरी को एक पत्र दिल्ली वक्फ बोर्ड को भेजा था जिसमें कहा गया था कि वक्फ बोर्ड से यह 123 संपत्तियां वापस ली जा रही हैं. ये संपत्तियां कनॉट प्लेस, अशोक रोड, मथुरा रोड जैसी दिल्ली के सबसे महंगे और महत्वपूर्ण इलाकों में मौजूद हैं.

हाल ही में इस पर विवाद इसलिए भी खड़ा हुआ था जब बीजेपी की ओर से 2014 की यूपीए सरकार पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा गया था कि चुनाव के ठीक पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने यह 123 संपत्तियां दिल्ली वक्फ बोर्ड को देने का प्रस्ताव मंजूर किया था. ‌

केंद्र सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो समिति और कमेटी बैठाई थी जो वक्फ बोर्ड की नॉन नोटिफाइड वक्फ संपत्तियों यानी वह वक्फ की संपत्तियां जो गैर अधिसूचित हैं उस पर हर विभाग से प्रतिनिधित्व मांगा था, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि वक्फ बोर्ड की ओर से इस कमेटी के सामने ना तो प्रतिनिधित्व दिया गया ना ही किसी तरह की आपत्ति दर्ज कराई गई.

मामला अदालत में सुनवाई के लिए लंबित
वहीं वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान का कहना है कि हमने इन संपत्तियों को लेकर हमेशा से आवाज उठाई है और जिसका मामला दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका संख्या 1961/2022 लंबित है. अमानतुल्लाह खान का कहना है कि पहले से ही इन संपत्तियों में से कई जगहों पर जमीने केंद्रीय एजेंसियों को निर्माण के लिए दिए गए हैं जिस का मामला भी अदालत में सुनवाई के लिए लंबित है.

डिप्टी लैंड डेवलपमेंट ऑफिसर को जवाब भेजा गया
बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान ने मंगलवार को बातचीत करते हुए यह बताया कि बोर्ड की तरफ से शहरी मंत्रालय के डिप्टी लैंड डेवलपमेंट ऑफिसर को जवाब भेजा गया है जिसमें यह बताया गया है कि वक्फ बोर्ड ने सरकार द्वारा गठित 2 सदस्य समिति के गठन के खिलाफ पिछले साल जनवरी में एक याचिका दायर की है जो अदालत में अभी भी लंबित है ऐसे में जिस कमेटी के गठन को ही अदालत में चुनौती दी गई है वह अदालत का फैसला आए बिना कैसे कोई फैसला ले सकती है.

सरकार वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जा करना चाहती है
बोर्ड के अध्यक्ष का कहना है कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल मुस्लिम समाज कर रहा है और बोर्ड की तरफ से ही जिन लोगों की नियुक्ति की गई है वहीं संपत्तियों की देखरेख करते हैं जिससे मिलने वाला धन सरकार को जाता है. बोर्ड की दलील है कि ये जमीन सरकारी हैं और वक्फ भी सरकार का है, लेकिन केंद्र सरकार यहां भी मनमानी कर रही है और जैसे नगर निगम पर अपना कब्जा चाहती थी उसी तरह डंडे के दम पर वह वक्फ बोर्ड की जमीनों पर भी कब्जा करना चाहती है.

नई दिल्ली,
20 फरवरी 2023,
(अपडेटेड 20 फरवरी 2023, 5:01 PM IST)
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दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर और पुरानी दिल्ली के क्षेत्र की पहचान माने जाने वाली फतेहपुरी मस्जिद में चल रहे निर्माण कार्य का जायज़ा लिया।
अल्हमदुलिल्लाह,मस्जिद की मरम्मत का काम हम लोगों ने लगभग मुकम्मल कर लिया है।

Amanatullah Khan

हम तसव्वुर भी नही कर सकते क्या नज़ारा होगा आज अरब का, कितनी खुशनसीब होंगी वो आंखे जो ये सारे नज़ारे ब हयात वहा मौजूद होके ...
08/07/2022

हम तसव्वुर भी नही कर सकते क्या नज़ारा होगा आज अरब का, कितनी खुशनसीब होंगी वो आंखे जो ये सारे नज़ारे ब हयात वहा मौजूद होके देख रही होंगी और अपने रब के पाक घर मे पाक रब को राजी करने में लगी होंगी...
मैदान ए अराफात का नज़ारा



दिल्ली के चाँदनी चौक स्थित सुनहरी मस्जिद में चल रहे नवीकरण और मरम्मत के कार्य का जायज़ा लिया। सुनहरी मस्जिद की इमारत जर्...
08/07/2022

दिल्ली के चाँदनी चौक स्थित सुनहरी मस्जिद में चल रहे नवीकरण और मरम्मत के कार्य का जायज़ा लिया। सुनहरी मस्जिद की इमारत जर्जर हो चुकी थी, जिसे देखते हुए हमने फ़ौरन ज़रुरी कदम उठाए।
इंशाल्लाह, जल्द ही मस्जिद के नवीकरण और मरम्मत के काम को मुकम्मल कर लिया जाएगा।

Amanatullah Khan


कुछ दिन पहले तेज हवाओं और बारिश ने ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद के विशाल गुंबद को भारी नुकसान पहुंचाया था, आज दिल्ली वक्फ ब...
07/07/2022

कुछ दिन पहले तेज हवाओं और बारिश ने ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद के विशाल गुंबद को भारी नुकसान पहुंचाया था, आज दिल्ली वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के साथ जामा मस्जिद का दौरा कर बड़े गुंबद के कलश की मरम्मत के काम का जायज़ा लिया।

अल्हमदुलिल्लाह, गुम्बद के हिस्से को दुरुस्त करने का काम हम लोगों ने लगभग मुकम्मल कर लिया है।

Amanatullah Khan
DELHI WAQF BOARD

12/05/2022

भाजपा के "बुलडोज़रतंत्र" का विरोध कर रही जनता पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज असंवैधानिक है। हम भाजपा की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ हैं, जनता के हक़ की आवाज़ मैं हमेशा उठाता रहूँगा इसके लिए मुझे चाहे कितनी बार भी जेल जाना पड़े।



Amanatullah Khan

  : ओखला विधानसभा क्षेत्र से विधायक व दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान साहब को आज माइनर हार्ट अटैक की वजह से...
09/04/2022

: ओखला विधानसभा क्षेत्र से विधायक व दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान साहब को आज माइनर हार्ट अटैक की वजह से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अब वह पहले से बेहतर हैं और अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

आप सभी से दुआओं की दर्खास्त है!

21/09/2021

दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा के एक्सिस में आने वाली मस्जिदों को शहीद न करने की अर्ज़ी पर दिल्लीHC में अगली सुनवाई 29सितंबर को होगी। आज कोर्ट ने भी माना की हमारी मंशा ऐतिहासिक महत्व की संरचनाओं की हिफ़ाज़त है, इंशाअल्लाह फ़ैसला हमारे हक़ में होगा।

Amanatullah Khan

DELHI WAQF BOARD

“वो दिलों में आग लगाएगा, मैं दिलों की आग बुझाऊंगाउसे अपने काम से काम है , मुझे अपने काम से काम है”अलहमदुलिल्लाह, DELHI W...
20/09/2021

“वो दिलों में आग लगाएगा, मैं दिलों की आग बुझाऊंगा
उसे अपने काम से काम है , मुझे अपने काम से काम है”

अलहमदुलिल्लाह, DELHI WAQF BOARD की जानिब से ज़रूरतमंद लोगों के आँखों का सफल ऑपरेशन हो गया।अल्लाह ने हमें ज़रिया बनाया और हमसे जो हो सका हमने मदद की।
Amanatullah Khan

02/04/2021

हर हफ़्ते जुमे (शुक्रवार) के दिन जरूरतमंदों के लिए जनता दरबार में उनकी तकलीफ़ समझ कर जहाँ तक हो पाता है उनकी मदद करने की कोशिश करता हूँ।
चाहे दिल्ली दंगों में पीड़ित परिवार हों, किसी दूसरी वजह से मुश्किल हालात में जी रहे लोग हों या फिर फ़ीस की वजह से परेशान स्टूडेंट्स, हमने हर किसी की बराबर मदद की है और आपसे भी गुज़ारिश है कि आप भी दुआ करें की हम ज़्यादा से ज़्यादा जरूरतमंद लोगों की मदद कर पाएँ।
हम तो सिर्फ़ ज़रिया हैं,
पूरा करने वाला तो ऊपर वाला है।

Amanatullah Khan




31/03/2021

चेयरमैन दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड
अमानतुल्लाह ख़ान पहुँचे लाल मस्जिद,
लोधी रोड जहाँ अवैध तरीक़े से मस्जिद को कब्ज़ा करने की कोशिश की जा रही है
Amanatullah Khan

"The Road to Mecca" के लेखक लियोपोल्ड वेइस (मुसलमान होने के बाद -नाम मोहम्मद असद) लिखते हैं कि जब मैं हिजाज़ रेल से शाम क...
25/03/2021

"The Road to Mecca" के लेखक लियोपोल्ड वेइस (मुसलमान होने के बाद -नाम मोहम्मद असद) लिखते हैं कि जब मैं हिजाज़ रेल से शाम की तरफ जा रहा था तो ट्रेन में खाने के वक़्त सबने अपना अपना खाना निकाला, लेकिन मेरे पास कुछ भी नही था । मेरे सामने बैठे हुए अरबी बुज़ुर्ग ने झोले से एक सुखी रोटी निकाली और मेरे मना करने के बावजूद आधी रोटी तोड़कर मुझे थमा दिया, और हम दोनों ने वो सुखी रोटी पानी मे डुबो कर खाई और उसके बाद सेर होकर पानी पिया दोनों का पेट भर गया । उसी वक़्त मुझे ये बात समझ आ गयी कि हज़रत उमर रज़िo के दौर में कैसे सूखे और क़हतसाली के बावजूद कोई भूखा नही सोता था ।
शायद एक बार हम अपनी रवायतों को ज़िंदा कर दे तो ये वक़्त भी गुज़र जाएगा ।

25/03/2021
ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक जनाब अमानतुल्लाह खान जी को तीसरी बार दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन बनने पर मुबारकबाद।Ama...
19/11/2020

ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक जनाब अमानतुल्लाह खान जी को तीसरी बार दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन बनने पर मुबारकबाद।

Amanatullah Khan

28/10/2020

8 महीने से तनख़्वाह नहीं मिलने पर का स्टाफ, इमाम, मोज़्ज़िन ने किया हड़ताल का ऐलान, मेम्बरों का support नहीं

27/10/2020

दिल्ली में लुट रहीं हैं वक़्फ़ की जायदादें, 8 महीने से बिना तनख़्वाह वाले कर्मचारी बचाने में लगे हैं ख़ुद के घर चलाने पड़ रहे हैं भारी।


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दिल्ली वक़्फ बोर्ड का दुबारा मैंम्बर बन्ने पर अमानत भाई को बोहोत बोहोत मुबारकबाद
08/09/2020

दिल्ली वक़्फ बोर्ड का दुबारा मैंम्बर बन्ने पर अमानत भाई को बोहोत बोहोत मुबारकबाद

30/08/2020

is a young Indian poet who has revolutionized the voice of dissent, especially with his famous poem “Saab Yaad Rakha Jayega” that was chanted by protestors against the Citizenship Amendment Act.

29/08/2020

मुहर्रम के मौके पर बिहार के DGP IPS गुप्तेश्वर पांडे जी की अपील और पैगाम

29/08/2020

ONE PAGE HISTORY OF KARBALA WITH COMMON FACTS
(कर्बला की तारीख़ इख्तिलाफ़ात से परे)

1. 10 हिजरी में नबी s.a.w की वफ़ात होती है।
2. हज़रत उमर और अंसार सहाबा के मशविरे से ख़लीफ़ा हज़रत अबु बक़र को बनाया जाता है मगर किसी वजह*1 से हज़रत अली को मशविरे में शामिल नही किया जा सका।
3. हज़रत अली को इससे शिक़ायत थी इसलिए उन्होंने हज़रत अबु बक़र की ख़िलाफ़त पर बैत नही की मगर वक़्त गुज़रने पर 6 महीने बाद कर ली।
4. हज़रत अबु बक़र (2 साल ) ने आख़िरी वक़्त में ख़लीफ़ा के तौर पर हज़रत उमर का नाम लिख दिया और उमर खलीफा बने।
5. हज़रत उमर ने आख़िरी वक़्त (10साल) में 5 लोगों के नाम ख़लीफ़ा के लिए मुक़र्रर कर दिए जिसमे हज़रत अली और हज़रत उस्मान भी शामिल थे।
6. हज़रत उमर की शहादत के बाद पांचो लोगों ने चुनकर ख़लीफ़ा हज़रत उस्मान को बनाया।
7. यहीं से उम्मत में पहला फ़ितना पैदा हुआ जिसके बारे में हुज़ूर s.a.w ने फरमा दिया था कि फ़ितनों का दरवाजा उमर की शहादत के बाद खुल जायेगा जो आज तक खुला है।
8. फ़ितना ये था कि शुरू के ज़माने से ही दो घरानों बनु उमय्या और बनु हाशिम में हर काम मे कम्पटीशन चला आ रहा था। अब पहले दो ख़लीफ़ा न बनु उमय्या में से थे न बनु हाशिम में से थे लेकिन तीसरे ख़लीफ़ा हज़रत उस्मान बनु उमय्या में से हो गए।
दूसरी बात ये हुई कि ख़लीफ़ा हज़रत उस्मान ने कूफ़ा के गवर्नर साद बिन अबि वक़्क़ास (अशरा मुबशररा) को हटाकर वलीद बिन अक़बा (माँ शरीक भाई, जिसने एक दिन शराब पीकर नमाज़ पढ़ा दी थी ) को बना दिया।
मिस्र के गवर्नर अम्र बिन आस रज़.(सुलह हुदैबिया के सहाबा जो खालिद इब्ने वलीद के साथ ईमान लाये थे , but aginst in सिफ़्फ़ीन) को हटाकर अब्दुल्लाह बिन साद (दूध शरीक भाई) को बना दिया।
जनरल सेक्रेटरी मरवान बिन हकम को बना दिया।
इनमें कुछ अख़लाक़ी कमिया थीं जिससे लोगों में एक तरहं का रोष था।

9.आख़िरकार क़रीब 2000 लोगों के एक गिरोह ने हज़रत उस्मान के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट कर दिया। हालांकि हज़रत अली ने हज़रत उस्मान का बहुत फ़ेवर किया मगर फ़ितना अपने उरूज पर था।

10. प्रोटेस्ट में 2 तरहं के लोग थे एक वो जो गवर्नरों के फैसलों के ख़िलाफ़ थे दूसरे वो जो हज़रत अली को ख़लीफ़ा बनाने की मांग कर रहे थे। इन्ही में से कुछ लोगो ने मिलकर हज़रत उस्मान को शहीद कर दिया।
11. लोगों ने हज़रत अली के हाथ पर बैत कर ली क्योंकि उम्मत को संभालना ज़रूरी था।
12. हज़रत आएशा (जमल; कूफ़ा और बसरा की फौज के साथ) हज़रत उस्मान का बदला लेने के लिए अलग अलग फ़ौज लेकर चल पड़े। दूसरी तऱफ से हज़रत अली फौज लेकर चल पड़े और पड़ाव डालने के बाद दोनों गिरोह में बातचीत हुई।
13. हज़रत अली ने जवाब दिया कि अभी हालात नाज़ुक है। पहले मुझे कुल इख्तियार अपने हाथ मे लेना पड़ेगा उसके बाद में उस्मान रज़. का क़सास लूंगा।
14. अब यहाँ मुनाफिक़ीन को भनक लग गयी उन्होंने हज़रत आएशा के ख़ेमे हमला बुलवा दिया जिससे जंग शुरू हो गयी और मुसलमानो की तलवार से मुसलमान क़त्ल हुए। (10 हज़ार)
15. हज़रत आएशा की फौज को शिकस्त हुई और अली रज़. ने आएशा रज़. को सही सलामत घर पहुँचवा दिया। हज़रत आएशा को तमाम उम्र इसका अफसोस रहा।
15. इसके बाद अमीर माविया बड़ी फौज के साथ निकले और सिफ़फीन के मुक़ाम पर हज़रत अली और अमीर माविया का फौज के साथ आमना सामना हुआ और इसमे भी अमीर माविया को शिकस्त हुई।
लेकिन दोनों तरफ़ मुसलमानो का भारी नुक़सान हुआ जिसकी वजह से फौजी ताकत कुछ कमजोर पड़ गयी।
16. अब एक तीसरा गिरोह खड़ा हो गया जिसने इस कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया। वो था खारीजीन और उन्होने फतवा दिया की अली और माविया दोनों मुरतद हैं लिहाजा इन्हे क़त्ल कर दो।
17. इस मंसूबे के तहत हज़रत अली को हालत ए नमाज़ मे शहीद कर दिया गया जबकि अमीर माविया पर वार औछा पड़ा जिसकी वजह से वो बच गए।
18. हज़रत अली की शहादत के बाद लोगो ने हज़रत हसन के हाथ पर बेत कर ली हालांकि हज़रत अली ने न इसका हुक्म दिया था और न इससे मना किया था।
19.अब दोबारा से अमीर माविया ने फ़ौज तैयार की और इधर हज़रत हसन ने भी बड़ी फ़ौज को इकट्ठा किया। जब अमीर माविया ने देखा की हमारी फ़ौज़ हज़रत हसन से मुकाबला नहीं कर सकती तो सुलह का पैग़ाम भेज दिया।
20. हज़रत हसन नहीं चाहते थे की और खाना जंगी हो और रसूल अल्लाह saw ने फरमाया था की मेरा ये नवासा मुसलमानो के दो गिरोह मे सुलह करवाएगा - इस पर अमल करते हुए 6 शर्तो के साथ सुलह क़ुबूल कर ली।
जिसमे बुनियादी शर्त ये थी की आप अमीर माविया हाकिम बनने के बाद अपने बेटे को बादशाह नहीं बनाओगे बल्कि उम्मत पर ये फैसला छोड़ दोगे।
21. इसके बाद 20 साल तक अमीर माविया हाकिम बने रहे लेकिन अपने इंतिक़ाल से 4 साल पहले अपने बेटे यज़ीद को अपने बाद हुकूमत का वारिस ते कर दिया।
22. अमीर माविया के इंतिक़ाल के बाद यज़ीद हाकिम बना।
23. हज़रत हुसैन को जब ये मालूम हुआ तो वो इसके खिलाफ उठ खड़े हुए की क्योंकि ये सुलह के खिलाफ़ था और इस्लाम की रूह से जायज़ नहीं था की बाप के बाद बेटा हाकिम बन जाए जबकि लोगो ने खुद उसे न ते किया हो।
24. हज़रत हुसैन अपने अहलों अयाल और शियान ए अली के साथ यज़ीद के खिलाफ़ हक़ बयानी और प्रोटेस्ट के लिए चल पड़े।
25. आख़िरकार रास्ते मे कर्बला का मुक़ाम पड़ा जहां पर यज़ीद के कमांडर ने 18 हज़ार की फ़ौज के साथ उन्हे चारो तरफ़ से घेर लिया और उसके बाद जो कुछ हुआ उसको लिखने की हिम्मत मुझमे नहीं।

HADEES
1. अली रज़ हक़ के साथ है और हक़ अली के साथ है।
तुम मे से एक शख़्स ऐसा है जो मुसलमानो के एक (बाग़ी) गिरोह से क़ुरान की सही तावील मनवाने के लिए जंग करेगा और वो अली रज़ हैं।
2. इब्ने सुमैय्या अम्मार इब्ने यासिर आर्मी चीफ को बाग़ी जमात क़त्ल करेगी। (जो हज़रत अली की फौज मे थे)
(अबिल गादी ने उन्हे क़त्ल किया जो अमीर माविया की फौज मे थे जो बाद मे ज़िंदगी भर रोते रहे।)
3. हज़रत अली ने फरमाया की मेरे मकतूलीन इनशा अल्लाह जन्नत मे हैं और उम्मीद है की माविया के मकतूलीन भी इनशा अल्लाह जन्नत मे हैं (क्योंकि वो ग़लत फहमी मे लड़ रहे थे), फैसला कल क़यामत के दिन मेरे और माविया के दरम्यान रह जाएगा।

राहत इंदौरी साहब की बहुत पुरानी एक तस्वीर के साथ उनके बहुत पुराने शेर जो असल में हर रोज़ नए होते हैं।चल दिए कैसे अच्छे अ...
11/08/2020

राहत इंदौरी साहब की बहुत पुरानी एक तस्वीर के साथ उनके बहुत पुराने शेर जो असल में हर रोज़ नए होते हैं।

चल दिए कैसे अच्छे अच्छे लोग,
ज़िंदा होते, तो हम भी मर जाते.

फिर राह में मौसम की झंकार वही होगी,
निकलेंगे सफर पर फिर, रफ़्तार वही होगी.

आज हम दोनों को फुर्सत है, चलो इश्क़ करें,
इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें.

राज़ जो कुछ हो इशारों में बता भी देना,
हाथ जब उससे मिलाना तो दबा भी देना.

फूलों की दुकानें खोलो,खुशबु का व्यापार करो,
इश्क़ खता है,तो ये खता,इक बार नहीं सौ बार करो.

आप हिंदू,मैं मुसलमान,ये ईसाई,वो सिख,
यार छोड़ो ये सियासत है चलो इश्क़ करें।

और अंतिम पंक्तियाँ....

लवें दीयों की हवा में उछालते रहना,
गुलों के रंग पे तेज़ाब डालते रहना.
मैं नूर बन के ज़माने में फ़ैल जाऊँगा,
तुम आफ़ताब में कीड़े निकालते रहना.

इन्ना लिलाही व इन्ना अलेही राजीउन

Dr. Rahat Indori Sir
(1950-2020)

05/08/2020

अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है ।
हर काम में उसकी मसलहत छिपी हुई है।

"सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी" को उनके जासूसों ने बताया कि एक आलिमे-दीन (विद्धवान) हैं जो बहूत अच्छा खिताब करते हैं , लोगो...
25/07/2020

"सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी" को उनके जासूसों ने बताया कि एक आलिमे-दीन (विद्धवान) हैं जो बहूत अच्छा खिताब करते हैं , लोगो मे बहूत मक़बूल (लोकप्रिय) हो गए हैं ..!!

सुल्तान ने कहा, "आगे कहो ..!!"

जासूस ने कहा, "कुछ गलत है जिसे हम महसूस कर रहे हैं लेकिन शब्दों में बयान नहीं कर सकते ..!!"

सुल्तान ने कहा, "जो भी देखा और सुना है बयान करो ..!!"

जासूस बोले कि वो कहते हैं कि , "नफ़्स का जिहाद अफ़ज़ल है , बच्चो को तालीम देना एक बेहतरीन जिहाद है , घर की जिम्मेदारियों के लिए जद्दोजहद करना भी एक जिहाद है ..!!"

सुल्तान ने कहा, "क्या इसमें कोई शक (संदेह) है ..?"

जासूस ने कहा कि, "उन्हें कोई शक नहीं लेकिन आलिम का ये भी कहना है कि" -

"जंगों से क्या मिला ..? केवल हत्या और बर्बरता और लाशें , युद्ध ने आपको या तो हत्यारा बना दिया या तो मख़्तूल (पीड़ित) ..!!"

सुल्तान बेचैन हो कर उठे , उसी समय आलिम से मिलने का फैसला किया , मुलाक़ात भेस बदल कर की और जाते ही सवाल कर दिया, " जनाब ऐसी कोई योजना बताएं जिससे कि "बैतूल मुकद्दस" (येरुशलम) भी आजाद हो जाये और मुसलमानो के खिलाफ हो रहे ज़ुल्म को भी बिना किसी युद्ध के खत्म कर दिया जाये..!!

आलिम ने कहा, "दुआ करो ..!!"

इतना सुनते ही सुल्तान का चेहरा गुस्से से लाल हो गया , वह समझ चुके थे कि ये आलिम पूरी सलीबी फौज (क्रूसेडर्स) से भी ज़्यादा खतरनाक है ..!!

सुल्तान ने पहले अपने खंजर से उस आलिम की उंगली काट दी , वह बुरी तरह से चीखने लगा , अब सुल्तान ने कहा, "सच बताते हो या गर्दन भी काट दूं ..?"

पता चला कि वो सफेद पोश आलिम एक यहूदी था ,, यहूदी अरबी अच्छी तरह जानते थे , जिसका उसने फायदा उठाया ..!!

सुल्तान ने पाया कि उसके जैसा दर्स (उपदेश) अब खुतबो में आम हो चला था , बड़ी मुश्किल से ये फ़ितना रोका जा सका ..!!

यह फ़ितना अभी भी पूरे जोर शोर पर चल रहा है ..!!

आखिर क्यों लोग इस्लाम को गलत दिशा में ले जाना चाहते हैं ..?
जबकि खुली हकीकत है कि ज़ालिम का सामना किये बगैर ज़ुल्म समाप्त हो जाये , ये मुमकिन ही नहीं ..!!

कोरोना जैसी महामारी में भी जब हम हिंदू-मुस्लिम से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं , तब डॉक्टर जावेद अली जैसे लोग भी हमारे ही समाज...
21/07/2020

कोरोना जैसी महामारी में भी जब हम हिंदू-मुस्लिम से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं , तब डॉक्टर जावेद अली जैसे लोग भी हमारे ही समाज से निकल रहे हैं जिन्होंने कोरोना मरीज़ों का इलाज करते करते अपनी जान क़ुर्बान कर दी ।

डॉक्टर जावेद अली मार्च से लगातार अपनी ड्यूटी पर थे और अपने फ़र्ज़ निभा रहे थे । उन्होंने बीमार होने तक एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली थी , ईद के दिन भी ड्यूटी पर रहे , पूरे रमज़ान भी । दो छोटे बच्चों के पिता डॉक्टर जावेद अली इंसानियत के अलंबरदार थे जो लोगों की जान बचाते हुए कल इस दुनिया से चले गए ।

जाने कितने डॉक्टर जावेद इस महामारी से लड़ते हुए चले गए और हम लोग इस महामारी का धर्म ढूँढ रहे हैं ।

#सलाम_डॉक्टर

Hauz Qazi old Delhi Jama Masjid k paas Masjid Mubarak Begum jiska Kch din pahle subah ki tez Baarish k wajah sey 450 saa...
21/07/2020

Hauz Qazi old Delhi Jama Masjid k paas Masjid Mubarak Begum jiska Kch din pahle subah ki tez Baarish k wajah sey 450 saal purani Masjid k beech ka gumbad shaheed ho gaya tha jise Delhi Waqf Board jald hi Tameer ka kaam shuru Karegi...
In sha Allah

16/07/2020

ूहानी_बातों_का_मुशाहदत

#एक 1
वह घर जिस के सहन से दरख़्त काट दिया जाए ,वो घर कभी आबाद नही रहता - आप जब भी किसी घर को उजड़ा देखे,
आप तहक़ीक़ कर के देख लें इस घर की बर्बादी दरख़्त काटने से शुरू हुई होगी चुनाँचे आप के घर मे अगर कोई पुराना दरख़्त है तो आप इसे हरगिज़ न काटे, आप का घर हमेशा आबाद रहेगा।। ये वो हकीकत हैं जिसकी वजह से औलिया इक़राम पूरी जिंदगी दरख़्त लगाते और दरख़्त की हिफाज़त करते रहे।।

#दो 2
जिस घर से परिंदों ,जानवरों औऱ चींटियों को रिज़्क़ मिलता रहे इस घर से कभी रिज़्क़ खत्म नही होता- आप तजुर्बा कर लें, आप परिंदों ,बिल्लियों,कुत्तों और चींटियों को खाना ,दाना और पानी डालना शुरू कर दें आपके घर का किचन बन्द नही होगा,,आप पर रिज़्क़ के दरवाज़े खुले रहेंगे। आपको अम्बिया और औलिया के मज़ारात पर कबूतर ,चिड़िया, मोर,बिल्ली, चींटियां क्यों मिलती हैं? यह दरसल मज़ारात पर लंगर की जमानत होती हैं।।

#तीन 3
अल्लाह तआलाह गरीबों में कपड़े तक़सीम करने वालों को कभी बे इज्ज़त नही होने देता - आप अगर चाहते है आपके के मुखाल्फीन आपको बे इज्जत न कर सकें तो आप ग़रीबो में कपड़े तक़सीम करना शुरू कर दें ,, बिलखुसूस आप ग़रीब बच्चों को लिबास और चादरें ले कर देना शुरू कर दे आप मरने के बाद तक बा इज्ज़त रहेंगे,,आप का बड़े से बड़ा मुख़ालिफ़ भी आपकी बे इज्जती नही कर सकेगा ।।
चुनाँचे आप लोगों की सतर पोशी का बंदोबस्त करें- अल्लाह आपको बे इज्जती से बचा लेगा।

#चार 4
आप अगर अपनी राह से भटकी हुई औलाद को सीधे रास्ते पर लाना चाहते है तो आप ग़रीब बच्चियों की शादी करा दे,, आपकी औलाद नेक हो जायेगी, आप तजुर्बा करके देख लें, आप ग़रीब बच्चों की शादी कराएं आप उन्हें घरों में आबाद कराएं आप अपनी औलाद पर इस के असारात देखेंगे ओर ये आसारात आपको हैरान कर देंगे।।

#पाँच 5
आप अगर अपनी ज़िंदगी मे शुक्र और इत्मिनान लाना चाहते है तो आप लोगों को खाना खिलाना शुरू कर दे- आप का दिल इत्मीनान की नियामत से माला-माल हो जायेगा आपको औलिया- किराम की ज़ात में इत्मीनान नज़र आता हैं, यह इत्मीनान तवाज़आ की दीन हैं,, आप भी मुतवाज़आ हो जाये आपकी ज़िंदगी से लालच कम हो जायेगा, आप मुतमईन हो जायँगे।।

#छ:6
आप अगर सेहतमंद रहना चाहते हैं तो आप गरीबों का इलाज कराना शुरू कर दे,,आपकी सेहत में इज़ाफ़ा हो जायेगा, आप इसके बाद जो भी दवा खायंगे वो दूसरे मरीज़ों के मुकाबले में आप पर ज़्यादा असर करेंगी, आप जो भी खुराक खायंगे वो अब पहले से ज़्यादा फ़ायदा करेंगी।

#सात 7
आप अगर दुनियावी मुश्किलातों का शिकार हैं तो आप कोई गली,कोई सड़क बनवा दे अल्लाह पाक आपकी हर मुश्किल का रास्ता निकाल देगा आप का हर बन्द दरवाजा खोल दिया जायेगा ये न हो सके तो कम से कम रास्ते मे पड़ी कोई भी तकलीफ देने वाली चीज़ों को रास्ते से हटा दें आपकी रुकावट दूर हो जायेगी।।

#आठ 8
आप अगर डिप्रेशन का शिकार हैं तो दूसरों के लिए ठंडे पानी का बंदोबस्त कर दे, बोरिग वगेरह लगवा दें जिससे लोगों को पानी की सहूलियत हो जायेगी आपके डिप्रेशन की शिकायत दूर हो जायेगी क्यों🤔?क्योंकि डिप्रेशन आग होता हैं और पानी हर आग को बुझा देता हैं।।

*_नेकी की नियत से खूब शेयर करें_*
मैं जावेद मिर्ज़ा✍
🌹🌹🌹

14/07/2020

#फिक्रे_मिल्लत_कड़वी_हकीकत
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#आज दो रस्मों ने मुस्लिम लड़कियों का जीना हराम कर रखा है_एक दहेज , दूसरी जात बिरादरी...आज कितनी ही पढ़ी लिखी दीनदार खूबसूरत लड़कियां इन दो रस्मो की वजह से घर में कुंवारी बैठी है,उनकी उम्र ढल ढल रही है या ढल चुकी है ना जाने कितनी हमारी बहन बेटियां गुमराह होकर गैरो के साथ भाग रही है और उन्होंने अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लिया है...

#उनकी इस बर्बादी के जिम्मेदार उनके मां-बाप और हम लोग भी हैं.. दहेज जैसी लानत को पूरा करने के लिए आज हमारी बहन बेटियां को घरों फैक्ट्रियों मैं गैर मर्दों के साथ काम करना पड़ रहा है और वह गैर मर्द उनकी उनकी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश करते हैं और उठाते भी हैं..!😢

#इस दहेज की वजह से आज लड़की के मां-बाप अपना घर मकान जेवर गिरवी रखकर महंगे सूद ब्याज पर पैसा उठा रहे हैं भीख मांग रहे हैं ..दूसरों के सामने अपनी पगड़िया टोपियां रख रहे हैं सिर्फ दहेज की वजह से जिस लड़के की औकात गाड़ी में पेट्रोल डलवाने की ना हो उसे भी आज दहेज में फोर व्हीलर और टू व्हीलर चाहिए

#दूसरी बीमारी है बिरादरी की,,अपने आप को दूसरे से ऊंचा समझना मैं खान हूं पठान हूं चौधरी हूं सैयद हूं सैफी हूं अंसारी हूं फलाना ढिमकाना हूं जात बिरादरी के मामले में तो हमने कफिरो से भी आगे निकल गए हैं.. बिरादरी में शराबी और लुच्चे से अपनी बहन बेटी का निकाह करने को तैयार है मगर गैर बिरादरी में दीनदार पढ़े-लिखे खूबसूरत लड़कों से शादी करने को तैयार नहीं भले ही लड़की किसी दूसरे कास्ट के साथ भाग जाए या लड़का किसी हिन्दू लड़की को भगा लाएं मगर हम गैर बिरादरी में शादी नहीं करेंगे क्योंकि गैर बिरादरी में शादी करने से हमारी नाक कट जाएगी लोग क्या कहेंगे हमें इसकी परवाह है मगर हमारा रब हमारा अल्लाह हमारे नबी क्या कहेंगे हमें इसकी कोई परवाह नहीं वाह रे ऊंची नाक वालों..!

#यह सब और कुछ नहीं हमारे जाहिल पन की निशानियां है क्योंकि हमारा दूर-दूर तक कुरान हदीस और दीन इस्लाम से कोई वास्ता नहीं हम अपने आलिमों की सुनते नहीं उनकी मानते नहीं जो मन में आया वह करते हैं कुरान क्या कह रहा है हदीस क्या कह रही है हमें इस से कोई मतलब नहीं अल्लाह का क्या हुक्म है हमारे नबी का क्या फरमान है हमें से कुछ लेना-देना नहीं हम तो बस अपने मन की करेंगे जो हमारे बाप दादा करते आ रहे हैं वो करेंगे हम तो अपने बाप दादा का दीन मानेंगे अपने नबी का लाया हुआ दीन नहीं मानेंगे क्योंकि हम मुसलमान नहीं मुनाफिक कपटी और बेईमान है ..

#हम कुरान की और हदीस की नहीं मानेंगे मेरे भाइयों अपने कॉम की बहन बेटियों पर रहम खाओ तरस खाओ उन्हें गैरो के हाथों का खिलौना बनने से बचाओ.. उनकी इज्जत आबरु की हिफाजत करो.. कलमे वाले और दीनदार भाइयों को अहमियत दे चाहे वह किसी भी जात बिरादरी या अमीर गरीब का बेटा बटी क्यों ना हो गैर बिरादरी में अपने बच्चों का निकाह करना कोई गुनाह नहीं है ना ही कुरान हदीस आपको उसके लिए मना कर रही है लेकिन आज हालात ऐसे है कि हजारो वीडियो और केस सामने आते है मुस्लिम लड़की ने हिन्दू लड़के से शादी और चंद ही दिन में लड़के ने उसे मार कर घर से निकाल दिया हजारो नही लाखो केस है इस तरह के अभी हालहि के बहौत से इस वजह से मना किया जाता है मुस्लिम लड़कियों को गैरो से शादी के लिए

#अगर आपको अपनी बिरादरी और खानदान में कोई अच्छा रिश्ता नहीं मिल रहा तो बिरादरी के पीछे अड़े ना रहे सही समय पर सही रिश्ता देखकर फौरन उसका निकाह कर दे अपनी बहन - बेटियों को दीन सिखाएं ताकि वह गुमराह होकर गैरो के साथ ना जाए बिना दहेज जात बिरादरी के निकाह करें और अपने प्यारे नबी हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नतों को जिंदा करें और अपनी कौम की तरक्की के हकदार बने ना कि मालो दौलत जात बिरादरी के चक्कर में पड़कर अपनी दुनिया आखिरत को बर्बाद करके गुनाह और आजाब के हकदार बने..!

मैं जावेद मिर्ज़ा✍

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