05/03/2022
https://www.facebook.com/1832881880297108/posts/2995053770746574/
काजवलीचक ब्लास्ट
भागलपुर
मृतक आत्माओं को ईश्वर शांति प्रदान करें।
घायलों के स्वस्थ्य होने की कामना।
लेट्स टॉक (आएं बात करें)
---------------------------
दिल दहला देने वाली घटना
भयावह दुखद और शर्मनाक
पुलिस, खुफिया एजेंसी तो भ्रष्टाचार में लिप्त, आम जनता, नेता, सामाजिक कार्यकर्ता सबों की नजर में होगी यही कुकर्म धंधा। चर्चा में भी होगा हालिया बयान, लेकिन पुलिस को पता होते हुए भी जुबां होगी बंद।
हराम का पैसा जो मिलता है।
घटना को लेकर प्रशासन की परेशानी बहुत छोटी, थाना इंचार्ज को निलंबित कर छुट्टी पा लेंगे, फिर जिसे लायेंगे वो भी दागदार। एक बार घटना स्थल पर सफ़ाई हो गई थाना के लिए जीवन सामान्य हो जाएगा फिर फाइल इतिहास हो जायेगा। आगे अगली घटना... बस यही नियमित कार्य है।
अब नेताजी को बहुत दुःख हो रहा मेयर उपमेयर चुनाव के करना नवोदित नेता भी सक्रिय। अलग अलग मांग की सूची सरकार को, पीड़ित जनता के सेंटीमेंट का लाभ लेना है। कोई सरकार से पैसे की तो कोई सरकारी नौकरी की मांग रखेगा। बस वोट मिल जाएं। यही नेता को मालूम भी रहता है कि शहर के किस कोने में कौन सा गोरख धंधा चलता है कभी कभी पैसा का लेनदेन भी होता है। लेकिन जुबां बंद। सर्फ वर्तमान समय में जीते हैं नेता। जनता और पुलिस के बीच कोई सामंजस्य नहीं। पुलिस भ्रष्टाचार को पालती है इसलिए जनता को थाने के तरफ़ देखने की भी मनाही है। थाना तब जाओ जब झंझट हो और दोनो पक्ष पैसे लेकर आओ। बस यही थाने की है कहानी।
वर्तमान मेयर और उपमेयर और स्थानीय वार्ड की ज़िम्मेदारी तय हो।
विधायक तो महाराजा हैं आपने चुना ही है इसलिए इनकी बात बेमानी है। सांसद को नहीं आपने गोड्डा सांसद को चुना है और मोदी जी को वोट दिया है, इसलिए सांसद को माफ़ करें।
अब कानूनी अधिकारों की करें बात तो वकील साहब से काम कराने में भी खर्च आएगा। नि:शुल्क विधिक सेवा के लिए कुछ संस्थान या भारतीय पार्टी लोकतांत्रिक की व्यवस्था का भरोसा रहेगा।
आम जनता से आग्रह है कि अनुचित दिखे तो आवाज उठाएं, यदि नहीं हिम्मत है तो बीपीएल पार्टी को सबूत समेत व्हाट्स ऐप करें, पार्टी अपने स्तर से आवाज़ उठाएगी। लेकिन जनता को जागृत करेगी, प्रशासन को जगाएगी। प्रशासन में कई ईमानदार पदाधिकारी हैं, नेता है जो बातों को समझेंगे, फिर देश में लिखित कानून है हम सहारा लेंगे और जनता की आवाज़ बनेंगे।
बिना जाति और धर्म के भेदभाव के आपकी आवाज़ बुलंद करेंगें।
वोट की राजनीति नहीं समाज निर्माण की बाते होती है। आप निश्चिंत रहें अपना नाम भी जुबां पर नहीं होगा और सामाजिक दुर्बलता दूर होगी।