National Commission for Indian Systems of Medicine

National Commission for Indian Systems of Medicine Government of India
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डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर,सभापति, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग,नई दिल्लीलिंक:-
18/08/2026

डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर,सभापति, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग,नई दिल्ली

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इस सत्र में हमारे साथ मौजूद हैं डॉ. मनीषा कोठेकर मैडम (NCISM), जो आ...

18/08/2026

डॉ.मनीषा उपेन्द्र कोठेकर, सभापति, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग,नई दिल्ली

🇮🇳 *भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया* 🇮...
15/08/2026

🇮🇳 *भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया* 🇮🇳

भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) परिसर,पँजाबी बाग, नई दिल्ली में आज **80वां स्वतंत्रता दिवस** गरिमा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोग की सभापति **डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर** द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। इसके पश्चात सभी ने एक साथ राष्ट्रगान गाकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा एवं सम्मान व्यक्त किया।

इस अवसर पर **बोर्ड ऑफ यूनानी, सिद्धा एवं सोवा-रिग्पा के अध्यक्ष प्रो. आसिम अली खां, बोर्ड ऑफ आयुर्वेद के अध्यक्ष डॉ. आलमप्रभु गुड्डा, बोर्ड ऑफ आयुर्वेद के सदस्य डॉ. के.के. द्विवेदी, बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन के सदस्य प्रो. (हकीम) मो. मजाहिर आलम, आयोग के सचिव श्री सच्चिदानंद प्रसाद, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं बोर्ड ऑफ आयुर्वेद के सदस्य डॉ. अतुल बाबू वार्ष्णेय, अवर सचिव श्री तरुण वर्मा, अवर सचिव श्री मनजीत चौधरी** सहित आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आयोग की माननीया सभापति **डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर** ने स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि आजादी केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह हमें अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की निरंतर याद दिलाती है। उन्होंने सभी को देश की प्रगति में अपनी भूमिका ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का संदेश दिया।

**प्रो. आसिम अली खां** ने अपने मार्मिक एवं प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी **विविधता में एकता** है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और चिकित्सा पद्धतियों के बावजूद हम सभी एक राष्ट्र और एक भावना से जुड़े हैं। उन्होंने आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करने का आह्वान किया।

**डॉ. आलमप्रभु गुड्डा** ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश की समृद्ध चिकित्सा परंपराओं और ज्ञान-विरासत को आगे बढ़ाना भी राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित प्रयासों पर बल दिया।

**डॉ. के.के. द्विवेदी** ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब हम अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें। उन्होंने युवा पीढ़ी को देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

**प्रो. (हकीम) मो. मजाहिर आलम** ने देश की साझा संस्कृति, गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की शक्ति उसकी सहिष्णुता, भाईचारे और एक-दूसरे के सम्मान में निहित है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

**सचिव श्री सच्चिदानंद प्रसाद** ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयोग के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह अपने कार्य को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी से करते हुए संस्थान तथा राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे। उन्होंने कहा कि **कर्तव्य के प्रति ईमानदार समर्पण ही स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत के निर्माण की सच्ची दिशा है।**

कार्यक्रम के **नोडल अधिकारी डॉ. अतुल बाबू वार्ष्णेय** ने सभी अतिथियों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को सफल बनाने में सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व हमें केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं देते, बल्कि वे हमें देश के प्रति अपने दायित्वों का पुनः स्मरण भी कराते हैं। उन्होंने सभी से एकजुट होकर आयोग के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान **‘वंदे मातरम्’** राष्ट्रीय गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। वहीं, नन्ही बच्चियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया और कार्यक्रम में उत्साह एवं भावनाओं का सुंदर रंग भर दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक साथ **समूह छायाचित्र (ग्रुप फोटो)** के लिए सहभागिता की और स्वतंत्रता दिवस की स्मृतियों को संजोया।

#स्वतंत्रतादिवस #भारतीयचिकित्सापद्धति
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🇮🇳 हर घर तिरंगा 2026 — राष्ट्रगौरव और एकता का संकल्पभारत सरकार द्वारा **राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण हो...
14/08/2026

🇮🇳 हर घर तिरंगा 2026 — राष्ट्रगौरव और एकता का संकल्प

भारत सरकार द्वारा **राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने** के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इस गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाया जा रहा है। माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में गठित **राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति (NIC)* ने दिनांक *13 मार्च 2026** के अपने निर्देशों के माध्यम से इस उत्सव के तीसरे चरण के रूप में *‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान* मनाने का निर्णय लिया है।

इसी क्रम में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, पंजाबी बाग, नई दिल्ली परिसर में *‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान* के प्रति जागरूकता एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

आयोग की माननीया सभापति *डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर जी* के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बोर्ड के सभी माननीय अध्यक्ष , सभी सदस्यों, सचिव,कार्यरत अधिकारीगण एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर सभी ने **अपने घरों पर तिरंगा फहराने, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने और राष्ट्रध्वज के सम्मान एवं गरिमा को सदैव बनाए रखने का संकल्प लिया।**

इससे पूर्व माननीया सभापति जी द्वारा सभी को राष्ट्रीय ध्वज प्रदान कर हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि*“तिरंगा हमारे राष्ट्र के गौरव, एकता और संकल्प का प्रतीक है। यह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान की जीवंत पहचान है। *"हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से हम अपने राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्य की भावना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें। आइए, हम सभी अपने घर पर तिरंगा फहराकर देश की एकता, अखंडता और गौरव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करें और तिरंगे की आन, बान और शान को नमन करते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए अपना योगदान दें।* आयोग को तिरंगे झंडे व गुबारों,लड़ियों से सजाया गया। 🇮🇳


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12/08/2026
11/08/2026

Let the Tiranga fly high in every home!

As India celebrates its 80th Independence Day, let us come together to honour our nation, celebrate our unity and uphold the pride of our Tricolour.

Hoist the Tiranga at your home and join the Har Ghar Tiranga campaign.


Prataprao Jadhav

कृपया ध्यान दें कि भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) से संबंधित किसी भी दस्तावेज़, पत्र या जानकारी की सत्यता...
10/08/2026

कृपया ध्यान दें कि भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) से संबंधित किसी भी दस्तावेज़, पत्र या जानकारी की सत्यता केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही प्रमाणित मानी जाएगी।

इनके अतिरिक्त अन्य किसी भी स्रोत, वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध जानकारी को अप्रमाणित एवं भ्रामक (फेक) समझें।

आप सभी से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पूर्व उसकी पुष्टि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही करें।

🙏 सतर्क रहें, सत्यापित जानकारी ही साझा करें।

*Chennai, 31st July 2026:*  The *Inauguration of UTKARSH – Regional Workshop on Competency Based Dynamic Curriculum [CBD...
31/07/2026

*Chennai, 31st July 2026:*
The *Inauguration of UTKARSH – Regional Workshop on Competency Based Dynamic Curriculum [CBDC]* was held successfully today at *Agathiyar Arangam, National Institute of Siddha [NIS]*, Tambaram Sanatorium, Chennai.

The programme was organized by the *National Commission for Indian System of Medicine [NCISM]*, Ministry of Ayush, Government of India and hosted by *National Institute of Siddha*.

The event was inaugurated with the *full support of Prof. Dr. G. Senthilvel, Director, National Institute of Siddha*.

The ceremony commenced with Invocation including Vande Mataram, Tamil Thaai Vazhthu, Siddhar Vanakkam and Lighting of Kuthu Vilakku.

*Prof. Dr. M. Meenatchi Sundaram, PG Dean (i/c), National Institute of Siddha*, delivered the Welcome Address.

*Prof. Dr. S. Mathukumar, Member, Board of Unani, Siddha and Sowa-Rigpa Studies, NCISM* gave the Introduction to UTKARSH and highlighted the objectives of the competency-based dynamic curriculum for traditional systems of medicine.

As part of the inaugural function, the *"Textbook on Conceptual Basis of Noi Naadal – A Practical Window"* was released.

*Prof. Dr. N.J. Muthukumar, Director General, Central Council for Research in Siddha, Chennai* delivered the Felicitation Address.

*Prof. Asim Ali Khan, President, Board of Unani, Siddha and Sowa-Rigpa, NCISM, Government of India* delivered the Presidential Address.

The *Chief Guest, Dr. Maneesha Upendra Kothekar, Chairperson, National Commission for Indian System of Medicine, Government of India* addressed the gathering and emphasized the need for strengthening competency-based education in Siddha, Unani and Sowa-Rigpa systems.

*Prof. Dr. P. Arulmozhi, UG Dean (i/c), National Institute of Siddha* proposed the Vote of Thanks.

Dignitaries were felicitated during the ceremony. Faculty members, scholars, and students of National Institute of Siddha participated in large numbers.

The UTKARSH Regional Workshop aims to orient faculty and academicians on implementation of Competency Based Dynamic Curriculum to enhance quality of education and clinical training in Indian System of Medicine.
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29/07/2026

#सौश्रुतम2026 |

भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने 15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) में ‘सौश्रुतम 2026’ के अवसर पर भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) द्वारा संचालित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय शोध अध्ययन *“आयुर्वेद स्नातक महिला चिकित्सकों के व्यवसायिक जीवन का मूल्यांकन”* का विमोचन किया।

दीप प्रज्वलन के साथ आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू, आयुष मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव तथा आयुष सचिव श्री राजेश कोटेचा भी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में महामहिम राष्ट्रपति जी ने आचार्य सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक बताते हुए कहा कि उनकी नवोन्मेषी तकनीकों ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को चिकित्सा के क्षेत्र में नई दिशा दी।

इस अवसर पर श्री प्रतापराव जाधव जी ने कहा कि सामाजिक एवं पारिवारिक कारणों से कई महिला आयुष चिकित्सकों को अपने करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके नेतृत्व और नीति निर्माण में प्रतिनिधित्व सीमित रह जाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह शोध अध्ययन महिलाओं की भागीदारी और प्रगति को नई दिशा देगा।

एनसीआईएसएम की अध्यक्ष डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर ने कहा कि शोध किसी भी चिकित्सा प्रणाली की प्रगति का आधार है और यह साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।

यह अध्ययन आयुर्वेद में महिला सशक्तिकरण और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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