20/08/2026
हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उठें,
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं!
496 दिनों का लंबा संघर्ष, प्रशासनिक दमन और लगातार हमलों के ख़िलाफ़ अडिग लड़ाई के बाद—हमारे साथी नादिया, शेफाली, शरण्या और शुभोजीत आख़िरकार कैंपस में वापस लौट आए हैं।
यह जीत केवल चार साथियों की नहीं, बल्कि कैंपस लोकतंत्र, छात्र अधिकारों और अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े हर छात्र की जीत है। AUD प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद छात्रों की एकजुटता और संघर्ष का परचम लहराया है।
लड़ेंगे, जीतेंगे!
लाल सलाम!