09/09/2020
एक गरीब परिवार में एक सुन्दर सी बेटी👰 ने जन्म लिया..
बाप दुखी हो गया बेटा पैदा होता तो कम से कम काम में तो हाथ बटाता,,
उसने बेटी को पाला जरूर,
मगर दिल से नही....
वो पढ़ने जाती थी तो ना ही स्कूल की फीस टाइम से जमा करता,
और ना ही कॉपी किताबों पर ध्यान देता था...
अक्सर दारू पी कर घर में कोहराम मचाता था........
उस लडकी की माँ बहुत अच्छी एवं बहुत भोली भाली थी वो अपनी बेटी को बड़े लाड प्यार से रखती थी..
वो पति से छुपा-छुपा कर बेटी की फीस जमा करती
और कापी किताबों का खर्चा देती थी..
अपना पेट काटकर फटे पुराने कपड़े पहन कर गुजारा कर लेती थी,
मगर बेटी का पूरा खयाल रखती थी...
पति अक्सर घर से कई कई दिनों के लिये गायब हो जाता था.
जितना कमाता था दारू मे ही फूक देता था...
वक्त का पहिया घूमता गया
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बेटी धीरे-धीरे समझदार हो गयी..
दसवीं क्लास में उसका एडमीशन होना था.
माँ के पास इतने पैसै ना थे जो बेटी का स्कूल में दाखिला करा पाती..
बेटी डरडराते हुये पापा से बोली:
पापा मैं पढना चाहती हूं मेरा हाईस्कूल में एडमीशन करा दीजिए मम्मी के पास पैसै नही है...
बेटी की बात सुनते ही बाप आग वबूला हो गया और चिल्लाने लगा बोला: तू कितनी भी पढ़ लिख जाये तुझे तो चौका चूल्हा ही सम्भालना है क्या करेगी तू ज्यादा पढ़ लिख कर..
उस दिन उसने घर में आतंक मचाया व सबको मारा पीटा
बाप का व्यवहार देखकर बेटी ने मन ही मन में सोच लिया कि अब वो आगे की पढ़ाई नही करेगी....
एक दिन उसकी माँ बाजार गई
बेटी ने पूछा:- मॉ कहाँ गई थी
माँ ने उसकी बात को अनसुना करते हुये कहा :
बेटी कल मै तेरा स्कूल में दाखिला कराउगी
बेटी ने कहा: नही़ं माँ मै अब नही पढ़ूंगी मेरी वजह से तुम्हे कितनी परेशानी उठानी पड़ती है पापा भी तुमको मारते पीटते हैं कहते कहते रोने लगी..
माँ ने उसे सीने से लगाते हुये कहा: बेटी मै बाजार से कुछ रुपये लेकर आयी हूँ मै कराउगी तेरा दखिला..
बेटी ने माँ की ओर देखते हुये पूछा: माँ तुम इतने पैसै कहाँ से लायी हो??
माँ ने उसकी बात को फिर अनसुना कर दिया...
वक्त बीतता गया
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"माँ ने जी तोड़ मेहनत करके बेटी को पढ़ाया लिखाया
बेटी ने भी माँ की मेहनत को देखते हुये मन लगा कर दिन रात पढ़ाई की
और आगे बढ़ती चली गयी.......
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इधर बाप दारू पी पी कर बीमार पड़ गया
डॉक्टर के पास ले गये
डॉक्टर ने कहा इनको टी.बी. है
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एक दिन तबियत ज्यादा गम्भीर होने पर बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया..
दो दिन बाद उस जबे होश आया तो डाक्टरनी का चेहरा देखकर उसके होश उड गये
वो डॉक्टरनी कोई और नही बल्कि उसकी
अपनी बेटी थी..
शर्म से पानी पानी बाप
कपडे से अपना चेहरा छुपाने लगा
और रोने लगा हाथ जोडकर बोला: बेटी मुझे माफ करना मैं तुझे समझ ना सका...
दोस्तों बेटी आखिर बेटी होती है
बाप को रोते देखकर बेटी ने बाप को गले लगा लिया..
एक दिन बेटी माँ से बोली: माँ तुमने मुझे आजतक नहीं बताया कि मेरे हाईस्कूल के एडमीशन के लिये पैसै कहाँ से लायी थी??
बेटी के बार बार पूछने पर
माँ ने जो बात बतायी
उसे सुनकर
बेटी की रूह काँप गयी....
माँ ने अपने शरीर का खून बेच कर बेटी का एडमीशन कराया था....
दोस्तों तभी तो माँ को भगवान का दर्जा दिया गया है!
माँ जितना औलाद के लिए त्याग कर सकती है
उतना दुनिया में कोई और नही!!...🙏🙏