04/07/2024
हाथरस के जिस सभा में सैकड़ों लोगों की जान गई उस बाबा को हिंदू धर्म से नहीं जोड़ें। इसके अनुयायी हर धर्म के थे। इसके कारण असली साधु संत बदनाम हो रहे हैं।
1. यह सफ़ेद कोट पेंट, टाई पहनता था। यह जूता पहनकर प्रवचन देता था। हिंदू धर्म में ऐसा कहां होता है?
2. इस बाबा को कितने वेद पुराण का ज्ञान है? यह किस परंपरा से है? इसके गुरु कौन हैं?
3. यह अपनी सभाओं में पानी देकर लोगों पर ढोंग करता था। इसके अंदर हिंदू साधु संतों वाले कोई गुण नहीं हैं।
4. इसे तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। यह सब जानकारी आने के। बाद इसे साधु संत और बाबा बताना भी पाप ही है।
इसके ढोंग के कारण सैकड़ों लोगों की जान चली गई।
हाथरस मामले पर जो लोग बार बार सत्संग बोल रहे हैं वे जान लें की सत्संग भगवान का होता है, और हाथरस में जो बाबा था वो भगवान को नहीं मानता, वो मानवता और सत्य का पुजारी है, इसलिए कृपया अपने मित्रो को बताइए की हाथरस में भगवान का नही इंसान का सत्संग चल रहा था, एक बार फिर हिन्दू देवी देवताओं को बदनाम करने की साजिश है
प्रचलित नाम : नारायण साकार विश्व हरी
उर्फ : भोले बाबा
असली नाम : सूरज पाल
भगवा से चिढ़ है भगवा वस्त्र नही पहनते, सूट बूट पहनते हैं, भगवान की पूजा नही करते, भगवान नही मानते
फिर सत्संग कैसा? इन्हे हिन्दू बाबा क्यों बताया जा रहा है? क्योंकि हिंदू संतो को बदनाम करना है
ये कोई हिन्दू धर्म का साधु नही ये सूरज पल जाटव
(Budh ko man ne wala hai ) है जो कम्युनिस्ट हैं और अपने आप को भीम वादी भी बोलता हैं ये सनातन धर्म को नही मानता
्री_राम
#भारत_को_हिन्दु_राष्ट्र_घोषित_करो #मैं_भी_सनातनी_हूं #अपनी_दुकान_अपना_सामान
#हिंदू_राष्ट्र_भारत