26/10/2024
आउटसोर्स कर्मचारियों/मजदूरों के लिए समान वेतन की मांग उठाने के कारण आईआरसीटीसी से निकाले जाने के बाद वहां के कर्मचारियों को संगठित कर ऑफिस के बाहर में प्रदर्शन करना काफ़ी मुश्किल था। मगर अपने साथियों के भरपूर सहयोग से सुरजीत श्यामल ने बगावत की कहानी लिख दी। यह फोटो उसी प्रदर्शन 2015 की है।
वो चाहते तो औरों की तरह दूसरी नौकरी करते हुए अपनी लड़ाई लड़ सकते थे मगर उन समय से ही उन्होने अपना जीवन मजदूर वर्ग के लिए संघर्ष में झोंक दिया।
जिसका परिणाम पूरे देश के सेंट्रल गवर्नमेंट के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की सैलरी आज 26 हज़ार+ है, जो कि उनके दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका के बाद 2017 में 42% बढ़ी थी। जो आज मंहगाई भत्ता बढ़ते - बढ़ते इतनी पहुंची है।
आज भी उनकी लड़ाई जारी है, हालांकि सैलरी बढ़ते ही बहुत से लोग पीछे भाग लिए, मगर आज भी वो 11 साल से मैदान में पीछे नहीं हटे और अड़े हैं। उनके लिए एक लाइक तो बनता है।