परमहंस स्वामी श्री सदानंद प्रणामी जी निजानंद संप्रदाय-श्री कृष्ण प्रणामी धर्म के एक प्रमुख संत हैं, जो 1945 में हरियाणा के जुई में जन्म ले कर महामति प्राणनाथ के दर्शन का गहन अध्ययन कर मानवीय आध्यात्मिक जागृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित हैं। (पी. एस.) परमहंस डॉ. स्वामी सदानंद जी महाराज (एक-संक्षिप्त परिचय)
हरियाणा जुई गाँव (भिवानी) में जन्मे तथा शिक्षित होकर दस वर्ष तक भारतीय सेना में सेवा प्
रदान कर संन्यासी बने स्वामी श्री सदानंद जी महाराज विगत 50 वर्षों से अपना जीवन जनसेवा को समर्पित किए हुए हैं।
भातरवर्ष के अनेक शहरी-ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों में लोगों के सामाजिक उत्थान, गौशाला का निर्माण एवं गौवंश का पालन-पोषण, शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु विद्यालय, महाविद्यालय, धार्मिक शिक्षा के गुरुकुल (निःशुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था) एवं चिकित्सा सेवा के लिये चिकित्सालय, असहायों के लिए जनकल्याण आश्रम, अनाथ आश्रम, महिला कल्याण आश्रम, वृद्धाश्रम, जरूरतमंदों के लिए अन्नक्षेत्र, वस्त्र वितरण, रक्तदान शिविर, नशा मुक्ति शिविर, दहेज उन्मूलन, वृक्षारोपण के अतिरिक्त शारीरिक तथा मानसिक रूप से विकलांग निराश्रित व बेसहारा जनों के लिये ‘सद्गुरु अपना घर’ और पक्षियों के लिए रैन बसेरा बना कर उनका पालन पोषण करने जैसे सराहनीय कार्य कर जनता जनार्दन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हुए जन-मानस को प्रेरित कर रहे हैं।
इनके द्वारा 113 गौशाला में 80,000 बेसहारा लाचार गौवंश को आश्रय व 1 लाख 10 हजार से अधिक पोलियोग्रस्त रोगियों का निःशुल्क चैकऑप कैम्प कर 38 हजार से अधिक रोगियों को निःशुल्क ऑपरेशन तथा 45 हजार से अधिक जरूजतमंद रोगियों को जूते तथा क्लीपर कीट प्रदान किया गया। वे समय-समय पर पूरे भारतवर्ष में हजारों रक्तदान शिविर लगाकर सेना व थलसेमिया से पीड़ित बच्चों के लिये हजारों यूनिट रक्त प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने 5000 से अधिक निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये 1 लाख से अधिक वृक्षारोपण करवाकर राष्ट्रीय स्तर में कीर्तिमान स्थापित किया है।
वे सड़क में पड़े हुए बेसहारा, निराश्रित शारीरिक तथा मानसिक रूप से विकलांगों को निःशुल्क चिकित्सीय सेवा देकर उन्हें भोजन और आवासीय व्यवस्था के लिए ‘सद्गुरु अपना घर’ के नाम से भवन बनाकर भारतवर्ष के विभिन्न स्थानों में स्वामी सदानंद जी महाराज संस्थाएँ चला रहे हैं।
स्वामी श्री सदानन्द जी महाराज के द्वारा विशेष रूप से कोरोना काल में महामारी से हुई आर्थिक परेशानी में लोगों को निःशुल्क अन्न वितरण तथा देश की सेवा में अपनी भागीदारी को प्रमुखता के साथ प्रधानमंत्री तथा मुख्य मंत्री राहत कोश में करोड़ों की धन राशि की सेवा देकर बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया है।
इन्होंने न केवल भारत में अपितु विदेशों में भी विष्व शान्ति एवं सद्भाव का प्रचार-प्रसार करके भारत का गौरव बढ़ाया है। उनके द्वारा दीन-दुःखियों एवं समाज कल्याण के लिये किये जा रहे कार्य प्रसंशनीय हैं।
प्रस्तुति - प्रकाश शर्मा (प्रणामी विश्व मीडिया)