29/11/2025
सरकार चाहे तो क्या नहीं कर सकती!!
आज दिल्ली में जो हाल है..वैसे ही हालात चाइना के beijing में देखने को मिले 2013 में...वहां का AQI 993 तक पहुंच गया..
Thick smoke के चलते विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो गई..100 से ज़्यादा फ्लाइट्स cancel हुई और श्वास की तकलीफ वाले दर्दी से हॉस्पिटल्स भर गए...
पूरी दुनिया में ये क्राइसिस "Airpocalypse" के नाम से जानी गई..पब्लिक का गुस्सा और इंटरनेशनल शर्मिंदगी के बाद फाइनली चाइनीज़ सरकार ने लॉन्च किया.."clean air action plan"
इनका सबसे बड़ा कारण था Coal🚂जिसे dirtiest fuel भी कहा जाता है...अगले कुछ टाइम में बीजिंग ने अपने सारे coal based power plant को Gas fired power plants से रिप्लेस कर दिया...
Even लाखों घरों में coal powered heating systems को electric या natural gas heating system se बदल दिया..
वाहनों के पॉल्यूशन को कम करने के लिए 2022 तक 783 km के subway ट्रैक्स बिछा दिए...जो पूरे वर्ल्ड का one of the longest मेट्रो रेल नेटवर्क बन गया...
पेट्रोलियम बसों को 12,000 इलेक्ट्रिक बसों से रिप्लेस किया गया...और EV cars को प्रमोट करने के लिए heavy सब्सिडी भी दी गई...
2017 तक 2000 से ज़्यादा highly polluting factories को बंद कर दिया गया और बाकी फैक्ट्रीज की चिमनी में advance cleaners और स्क्रबर्स लगा दिए.. जो धुएं की toxic gases और सूक्ष्म कण को filter out करके साफ कर देते थे...
इसके अलावा उन्होंने 35 high grade Air Quality Monitoring Stations और 2000 से ज़्यादा PM मॉनिटरिंग सेंसर्स भी लगाए जिससे किसी भी एरिया में कोई पॉल्यूशन का रूल तोड़ता था तो तुरंत पता चल जाता था...
और सभी सरकारी अफसर की प्रमोशन अब उनके एरिया के air Quality Targets पूरे करने पर तय की जाने लगी...
जिसके चलते आज बीजिंग का AQI 77 है...और लोग चैन की सांस ले पा रहे हैं
वही हमारे यहां विकास के नाम पर आम आदमी को बेवक़ूफ़ बनाया जा रहे है 🤐