10/06/2026
जब पसीना पानी बन जाता है, तब गरीब का चूल्हा जलता है!
आज 10 जून है। जून की इस झुलसा देने वाली 45 डिग्री की गर्मी और लू में जब बड़े-बड़े साहबान अपने दफ्तरों और बंगलों के AC की कूलिंग बढ़ाने में व्यस्त हैं, तब हमारे देश का मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाला, ऑटो चालक और किसान सड़कों पर तप रहा है।
लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को एसी कमरों से बाहर की ये सच्चाई दिखती ही नहीं!
🛑 आज का कड़वा सच:
महंगाई का यू-टर्न: खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के राशन के दाम आसमान छू रहे हैं। जो कमाई पहले पूरे महीने चलती थी, वो अब 15 दिन में खत्म हो रही है।
बिजली-पानी का संकट: दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस भीषण गर्मी में घंटों के पावर कट और पानी की किल्लत ने गरीबों का जीना मुहाल कर रखा है। वीआईपी इलाकों को छोड़िए, आम बस्तियों में बूंद-बूंड पानी के लिए जंग लड़नी पड़ रही है।
रोजगार का अकाल: डिग्रियां हाथ में लेकर युवा भटक रहे हैं, और सरकार केवल कागजों पर विकास की योजनाएं गिना रही है।
✍️ गरीब आदमी पार्टी (GAP) का संकल्प:
हम किसी बड़े उद्योगपति के फंड से नहीं, बल्कि इस देश के 80% शोषित और आम नागरिकों की ताकत से बने हैं। 'गरीब आदमी पार्टी' का मानना है कि विकास तब तक अधूरा है जब तक समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुफ्त और साफ पानी, सस्ती बिजली, और सम्मानजनक रोजगार न मिल जाए।
पार्टी प्रेसिडेंट के नाते मैं साफ कर देना चाहता हूँ— हम जनता की इस बेबसी को तमाशा बनकर नहीं देखेंगे। अगर बुनियादी जरूरतों पर राजनीति बंद नहीं हुई, तो हमारी पार्टी सड़क से लेकर संसद तक गरीबों की बुलंद आवाज बनेगी।
आइए, इस हक की लड़ाई में हमारे साथ जुड़िए। क्योंकि जब गरीब जागता है, तो बड़े-बड़ों के सिंहासन डोल जाते हैं!
जय हिंद! जय गरीब! ✊