उन्नत भारत अभियान गारामिन भारत को स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत, स्वावलंबी भारत, संपन्न भारत बनाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित ग्रामीण विकास कार्यक्रम है I भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आई आई टी) दिल्ली देश की उच्च शिक्षा एवं शोध की संस्थाओं में से एक हैI संस्थान ने वर्ष 1978 में एक केंद्र की स्थापना की जिसका नाम है ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (Centre for Rural Development and Tech
nology) हैI पिछले 36 वर्षों में इस केंद्र ने ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनेक शोध एवं प्रयोग किये हैंI गाँव की समस्याओं को चिन्हित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की दृष्टि से उनका समाधान ढूँढना और ऐसा करते हुए गाँव के पारंपरिक ज्ञान एवं समझ को भी सम्मिलित करना, ऐसी प्रौद्योगिकियों को गाँव में ले जाना, वहां उन्हें कार्य करते हुए प्रदर्शित करना, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से उनको आगे फैलाना इस केंद्र का मूल उद्देश्य हैI
ग्रामीण प्रोद्योगिकी में शिक्षित संस्थाओं का एक बड़ा जाल (नेटवर्क) देश भर में बनाया जा सकता हैI ऐसी संस्थाएं गाँव से सशक्त रूप से जुड़ सकती हैं, गाँव की समस्याओं को समझ सकती हैं और दूसरी तरफ इन समस्याओं के समाधान के लिए देश की सर्वोच्च विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थाओं के नेटवर्क का अंग बन ग्रामौपयोगी पौद्योगिकी को गाँव गाँव तक पंहुचा कर विकास की योजनायें बनवा सकती हैं एवं उनको क्रियान्वयन करने में बड़ा योगदान कर सकती हैंI उन्नत भारत अभियानएक अभिसरण (convergence) आधारित कार्यक्रम हैI अर्थात किसी एक योजना या मंत्रालय में सीमित न होकर कई मंत्रालयों और अनेक योजनाओं को समाहित करते हुए कार्यान्वयन होगाI इन मंत्रालयों में अनेक योजनायें चलती हैंI इन योजनाओं का अभिसरण (convergence) गांवों के समूहों के आधार पर अगर क्रियान्वयन होता है तो देश में बहुत शीघ्र ही एक बड़ा परिवर्तन दिखाई पड़ेगाI इन कार्यक्रमों के लिए जो ज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की आवश्यकता रहेगी वह देश की सर्वोच्च शोध संस्थाएं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आई आई टी ), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एन आई टी ), तकनीकी विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान आदि प्रदान करेंगीI इससे एक बड़ा काम यह होगा कि देश का शिक्षित युवा गाँव से जुड़ेगा और गाँव के विकास एवं उन्नति के लिए कार्य करेगाI इससे शिक्षा में भी एक मूलभूत परिवर्तन आयेगाI