05/09/2026
Amazon के 90 राइडर्स की आवाज़ बनी संजय गाबा की अगुवाई में ताकत — भुगतान स्ट्रक्चर पर कंपनी को देना पड़ा भरोसा
बिना चर्चा भुगतान व्यवस्था बदलने पर राइडर्स में रोष, संजय गाबा के नेतृत्व में यूनियन ने उठाया मुद्दा
बेंगलुरु: इंदिरापुरम स्थित Amazon स्टोर से जुड़े लगभग 90 राइडर्स के प्रति-राइड भुगतान का स्ट्रक्चर कंपनी द्वारा बिना पूर्व चर्चा के बदले जाने का मामला सामने आने के बाद ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
इस पूरे मामले को संजय गाबा ने प्रमुखता से उठाया और राइडर्स के हितों की रक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों तथा Amazon मैनेजमेंट के सामने मजबूती से बात रखी।
मामला सामने आने के बाद भाई ज्योतिष, नेशनल सेक्रेटरी, युवा कांग्रेस ने श्री लक्ष्मी वेंकटेश जी अध्यक्ष कर्नाटक इंटक से संपर्क कर राइडर्स की समस्या उनके सामने रखी। इसके बाद संजय गाबा, लक्ष्मी वेंकटेश जी, अध्यक्ष कर्नाटक INTUC एवं सह-प्रेसिडेंट, ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन, कर्नाटक, तथा भाई ज्योतिष सहित टीम ने इस मामले को गंभीरता से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक सरकार के लेबर मिनिस्टर श्री सतीश लॉर्ड जी से मुलाकात कर लगभग 90 राइडर्स की समस्या और उनके भुगतान में किए गए बदलाव की जानकारी दी।
इसके बाद Amazon स्टोर के मैनेजमेंट से सीधे बातचीत की गई और स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि राइडर्स की आय को प्रभावित करने वाला कोई भी बड़ा बदलाव बिना उचित चर्चा और पारदर्शिता के स्वीकार नहीं किया जा सकता।
संजय गाबा ने दिया स्पष्ट संदेश
संजय गाबा ने कहा कि—
“कर्नाटक की जमीन पर कर्नाटक के युवाओं के खून-पसीने और मेहनत से Amazon अपना कारोबार चला रहा है। इन युवाओं की मेहनत से कमाए जाने वाले पैसे और उनके अधिकारों के साथ बिना चर्चा के कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।” कर्नाटक के बच्चो के पसीने से कमाया पैसा amazon को अमेरिका नहीं ले जाने दिया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि Gig और Platform Workers केवल डिलीवरी करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि आज की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके भुगतान, इंसेंटिव और काम की शर्तों में किसी भी बदलाव का सीधा असर उनके परिवार की रोजी-रोटी पर पड़ता है।
बातचीत और दबाव के बाद मिला सकारात्मक आश्वासन
यूनियन द्वारा मामले को लगातार उठाए जाने और Amazon मैनेजमेंट के साथ बातचीत के बाद मैनेजमेंट ने भरोसा दिया कि पुराने भुगतान तरीके के अनुसार राइडर्स को भुगतान फिर से शुरू किया जाएगा।
यह सिर्फ 90 राइडर्स की समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण संदेश है कि Gig और Platform Workers अपनी मेहनत और अधिकारों के लिए संगठित होकर अपनी आवाज उठा सकते हैं।
📌 महत्वपूर्ण नोट
इस संघर्ष का एक महत्वपूर्ण सकारात्मक परिणाम यह भी सामने आया है कि अब तक 90 प्रभावित राइडर्स में से 64 राइडर्स ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन की सदस्यता ले चुके हैं।
यह संख्या बताती है कि राइडर्स अब अपने अधिकारों की लड़ाई को संगठित होकर लड़ने की आवश्यकता को समझ रहे हैं और यूनियन के साथ मजबूती से जुड़ रहे हैं।
64 राइडर्स का यूनियन से जुड़ना केवल सदस्यता का आंकड़ा नहीं, बल्कि एकजुटता और विश्वास का प्रमाण है।
संजय गाबा ने कहा कि यूनियन का उद्देश्य किसी कंपनी के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि श्रमिक और कंपनी के बीच न्यायपूर्ण, पारदर्शी और सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
जहां भी Gig & Platform Workers के साथ अन्याय होगा, ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन उनकी आवाज मजबूती से उठाएगी।
इस संघर्ष में प्रमुख भूमिका
संजय गाबा
प्रेसिडेंट
ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन
लक्ष्मी वेंकटेश जी
अध्यक्ष, कर्नाटक INTUC
सह-प्रेसिडेंट, ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन, कर्नाटक
भाई ज्योतिष
नेशनल सेक्रेटरी, युवा कांग्रेस
✊ मजदूर की मेहनत का सम्मान — यही हमारा संकल्प।
✊ Gig & Platform Workers की आवाज़ — अब और मजबूत होगी।